झलकारी बाई पॉलीटेक्निक के निर्माणाधीन भवन पर डीएम की सख्ती, दो सप्ताह में काम पूरा कराने के निर्देश
खबर सार :-
झांसी के डीएम गौरांग राठी ने वीरांगना झलकारी बाई राजकीय महिला पॉलीटेक्निक के निर्माणाधीन भवन का औचक निरीक्षण किया। गुणवत्ता में समझौता न करने, दो सप्ताह में कार्य पूरा करने, रेन वाटर हार्वेस्टिंग जल्द पूरा करने और मुख्य द्वार को बेटियों के अनुकूल बनाने के निर्देश दिए।
खबर विस्तार : -
झांसी: वीरांगना झलकारी बाई राजकीय महिला पॉलीटेक्निक में निर्माणाधीन भवन को लेकर जिलाधिकारी गौरांग राठी ने औचक निरीक्षण कर निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधूरे कार्यों को निर्धारित समय में पूरा कराने के साथ भवन की सुविधाओं और स्वरूप को भी बेहतर बनाने पर जोर दिया।
लोक निर्माण विभाग की भवन विंग द्वारा करीब 14.06 करोड़ रुपये की लागत से 2245 वर्गमीटर क्षेत्रफल में भवन का निर्माण कराया जा रहा है। परियोजना का कार्य 16 मार्च 2024 से शुरू हुआ था। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि परियोजना को 2 जुलाई 2026 तक पूरा किया जाना था, लेकिन अब शेष निर्माण कार्य को करीब 10 से 15 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह तेजी इसलिए संभव हुई क्योंकि पिछले कुछ महीनों में निर्माण एजेंसी ने कार्य की गति बढ़ा दी थी, लेकिन डीएम ने चेताया कि जल्दबाजी में गुणवत्ता प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण
डीएम ने सबसे पहले भवन के बरामदे का निरीक्षण किया। यहां जल निकासी के लिए बनाए गए ड्रेनेज और ढलान की व्यवस्था को देखा गया। बरामदे में बिछाई गई इंटरलॉकिंग और एपेक्स के समतलीकरण में सुधार की आवश्यकता पाए जाने पर उन्होंने इसे समुचित तरीके से दुरुस्त कराने के निर्देश दिए, ताकि बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति न बने। उन्होंने कहा कि बरामदा भवन का प्रवेश द्वार है, इसलिए इसकी फिनिशिंग और जल निकासी दोनों ही उत्तम होनी चाहिए। इसके लिए ढलान की दिशा और ड्रेनेज की क्षमता की जांच करने को कहा गया।
इसके बाद जिलाधिकारी ने भूतल और प्रथम तल पर बने क्लासरूम का निरीक्षण किया। कक्षाओं में लगी खिड़कियों और दरवाजों की व्यवस्थाओं को देखते हुए उन्होंने गुणवत्तायुक्त हैंडल लगाए जाने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि भवन में लगाई जा रही प्रत्येक सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए और विद्यार्थियों की सुविधा को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कक्षाओं में प्राकृतिक रोशनी और वेंटिलेशन की व्यवस्था को भी देखा और इसे मानकों के अनुरूप पाया। साथ ही, बिजली के तारों और स्विचबोर्ड की फिटिंग की गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश दिए।
दिव्यांग छात्राओं की सुविधा पर भी फोकस
प्रथम तल के शौचालयों का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने दिव्यांग छात्राओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि प्रथम तल तक पहुंचने के लिए रैंप की व्यवस्था की गई है और दिव्यांग छात्राओं के लिए अलग शौचालय की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। डीएम ने सभी सुविधाओं को उपयोगी और मानकों के अनुरूप रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दिव्यांग छात्राओं के लिए बनाए गए शौचालय में हैंडरेल और पर्याप्त स्थान होना चाहिए, ताकि व्हीलचेयर से आवागमन में कोई बाधा न हो। इसके लिए मौके पर ही आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग अधूरा मिलने पर तेजी के निर्देश
भवन को नमी और दीमक से सुरक्षित रखने की व्यवस्था की भी जिलाधिकारी ने जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि भवन में वॉटरप्रूफिंग का कार्य कराया गया है और दीमक से बचाव के लिए एंटी टर्माइट ट्रीटमेंट किया गया है। वहीं, वर्षा जल संचयन की व्यवस्था की समीक्षा के दौरान सामने आया कि भवन में दो रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम प्रस्तावित हैं, लेकिन इनका कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का कार्य जल्द से जल्द पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश का मौसम आने वाला है, ऐसे में यदि यह व्यवस्था समय पर नहीं हुई तो पानी की बर्बादी होगी और भवन की नींव को भी नुकसान पहुंच सकता है।
सीसी के किनारे इंटरलॉकिंग कराने के निर्देश
भवन के चारों ओर बिछाई जा रही सीसी का भी डीएम ने निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिया कि सीसी के किनारों पर इंटरलॉकिंग भी कराई जाए, जिससे परिसर की मजबूती और फिनिशिंग बेहतर हो सके। उन्होंने निर्माण एजेंसी को मौके पर ही गुणवत्ता संबंधी आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सीसी की मोटाई और मिक्स डिजाइन की जांच करने को भी कहा गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने भवन के मुख्य प्रवेश द्वार को लेकर विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भवन की एंट्री ही उसकी पहचान होती है, इसलिए मुख्य द्वार को अधिक आकर्षक, सुंदर और बेटियों के अनुकूल बनाया जाए। प्रवेश द्वार पर पेंटिंग सहित अन्य सौंदर्यीकरण कार्य कराकर इसे भवन की भव्यता के अनुरूप विकसित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि यह एक महिला पॉलीटेक्निक है, इसलिए प्रवेश द्वार पर महिला सशक्तिकरण से जुड़ी कलाकृतियां या प्रेरक संदेश भी लगाए जा सकते हैं।
बारिश से पहले अंदरूनी काम पूरा कराने पर जोर
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता दीपांकर चौधरी ने जिलाधिकारी को बताया कि शेष निर्माण कार्य को 10 से 15 दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। इस पर डीएम ने बारिश के मौसम को देखते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिनों में बारिश की संभावना को देखते हुए भवन के आंतरिक हिस्से का निर्माण कार्य प्राथमिकता से पूरा कराया जाए, ताकि मौसम की वजह से परियोजना की प्रगति प्रभावित न हो। खासकर पेंटिंग, प्लास्टर और बिजली के काम को बारिश से पहले पूरा करने पर जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि समय पर निर्माण पूरा करना जरूरी है, लेकिन समय की जल्दबाजी में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री, फिनिशिंग, जल निकासी, सुविधाओं और सुरक्षा मानकों की लगातार निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पर संबंधित ठेकेदार और निर्माण एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फर्नीचर के प्रस्ताव में भी देरी नहीं
डीएम ने भवन निर्माण पूरा होने के बाद छात्राओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए फर्नीचर की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फर्नीचर के लिए प्रस्ताव तत्काल भेजने के निर्देश दिए, ताकि भवन तैयार होते ही शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन में किसी तरह की बाधा न आए। उन्होंने कहा कि फर्नीचर की खरीद में भी गुणवत्ता और छात्राओं की सुविधा को प्राथमिकता दी जाए। डेस्क, कुर्सी और अन्य उपकरण एर्गोनॉमिक मानकों के अनुरूप होने चाहिए। निरीक्षण के दौरान संयुक्त निदेशक, प्राविधिक शिक्षा संदीप कुमार सिंह, कार्यदायी संस्था भवन विंग लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता दीपांकर चौधरी तथा वीरांगना झलकारी बाई राजकीय महिला पॉलीटेक्निक के प्रधानाचार्य प्रदीप सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। डीएम के इस निरीक्षण से निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है और छात्राओं को जल्द ही एक आधुनिक एवं सुविधायुक्त भवन मिलेगा।
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