झांसी में सड़क सुरक्षा पर प्रशासन का बड़ा एक्शन प्लान, नाबालिगों की ड्राइविंग से लेकर अवैध कट तक पर सख्ती

खबर सार :-

झांसी प्रशासन ने सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। नाबालिगों की ड्राइविंग, स्टंटबाजी, ओवरलोडिंग, अवैध कट और नो पार्किंग अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए हेलमेट, लाइसेंस और महिला अटेंडेंट अनिवार्य की गई है।
सड़क सुरक्षा पर प्रशासन का बड़ा एक्शन प्लान, सख्त किए नियम

खबर विस्तार : -

झांसी: शहर और जिले में लगातार सामने आ रहे सड़क हादसों तथा बिगड़ती यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने अब सख्त रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में अपर जिलाधिकारी प्रशासन शिव प्रताप शुक्ल की अध्यक्षता में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में खास तौर पर स्कूली बच्चों की सुरक्षा, नाबालिगों के वाहन चलाने, स्टंटबाजी, ओवरलोडिंग, स्कूली वाहनों की फिटनेस, अवैध कट और नो पार्किंग जोन में अतिक्रमण जैसे मुद्दों पर अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए।

स्कूल आने वाले छात्रों पर भी रहेगी नजर

बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बिना ड्राइविंग लाइसेंस और हेलमेट के कोई भी छात्र-छात्रा दोपहिया वाहन से स्कूल नहीं आएगा। उन्होंने स्कूल प्रबंधन को इस व्यवस्था को कड़ाई से लागू कराने के निर्देश दिए। प्रशासन का जोर इस बात पर रहा कि स्कूल परिसर तक पहुंचने से पहले ही बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। प्रत्येक विद्यालय में छात्रों की सुरक्षा से संबंधित समिति का गठन सुनिश्चित करने को भी कहा गया है। समिति के माध्यम से विद्यार्थियों की सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन पर नजर रखने की व्यवस्था की जाएगी।

बालिकाओं वाली स्कूल बस में महिला अटेंडेंट जरूरी

स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं। जिन स्कूल बसों में बालिकाएं यात्रा करती हैं, उनमें महिला अटेंडेंट की मौजूदगी अनिवार्य करने को कहा गया है। इसके साथ ही सभी स्कूली वाहनों की जांच कर उन्हें फिटनेस के मानकों पर परखा जाएगा। अपर जिलाधिकारी ने एआरटीओ को निर्देश दिए कि जांच में अनफिट पाए जाने वाले स्कूली वाहन किसी भी दशा में सड़क पर संचालित न हों। जरूरत पड़ने पर ऐसे वाहनों को सीज करने की कार्रवाई की जाए।

स्कूल वाहन चालकों का होगा वेरिफिकेशन और मेडिकल टेस्ट

स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निजी स्कूल वाहनों के चालकों का वेरिफिकेशन और चिकित्सीय परीक्षण कराने के निर्देश भी दिए गए। प्रशासन ने साफ किया कि बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने वाले वाहनों के चालक और वाहन दोनों सुरक्षा मानकों पर खरे उतरने चाहिए। शहर में सड़क पर स्टंट करने वाले युवाओं को लेकर भी बैठक में सख्त रुख अपनाया गया। अपर जिलाधिकारी ने स्टंटबाजी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों द्वारा वाहन चलाए जाने पर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। प्रशासन का मानना है कि नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ता है। ऐसे मामलों में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए।

ओवरलोड वाहनों पर अब कार्रवाई से नहीं बच सकेंगे  

ओवरलोडिंग के खिलाफ भी प्रशासन ने कार्रवाई का दायरा और सख्त करने के संकेत दिए हैं। अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने बताया कि जल्द ही एसओपी जारी की जाएगी, जिसके बाद ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई को और व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ओवरलोड वाहनों पर शत-प्रतिशत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई वाहन सड़क पर नहीं मिलना चाहिए जो निर्धारित नियमों का उल्लंघन कर रहा हो। वाहनों की नंबर प्लेट को लेकर भी प्रशासन ने गंभीरता दिखाई। निर्देश दिए गए कि कोई भी वाहन बिना नंबर प्लेट के सड़क पर न चले। इसके अलावा ऐसी नंबर प्लेट, जिस पर गंदगी हो अथवा नंबर स्पष्ट रूप से पढ़ाई न दे, उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। प्रशासन ने साफ किया कि वाहनों की पहचान में किसी तरह की बाधा नहीं होनी चाहिए और नंबर प्लेट स्पष्ट एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप होनी चाहिए।

नो पार्किंग और नो वेंडिंग जोन में अतिक्रमण पर कार्रवाई  

शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु करने के लिए नो पार्किंग और नो वेंडिंग जोन में अतिक्रमण के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि शहर में जिन स्थानों पर नो पार्किंग और नो वेंडिंग जोन के बोर्ड लगाए गए हैं, वहां यदि अतिक्रमण अथवा अवैध रूप से वाहन खड़े पाए जाते हैं तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाए। यातायात व्यवस्था को प्रभावित करने वाले अतिक्रमण को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज न करने के निर्देश दिए गए। शहर में पार्किंग की समस्या को देखते हुए झोकन बाग स्थित बांस मंडी के पीछे खाली स्थान का भी निरीक्षण कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए नगर निगम, जेडीए और सीओ ट्रैफिक की संयुक्त टीम गठित कर मौके का निरीक्षण करने तथा वहां पार्किंग विकसित किए जाने की संभावना पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। प्रशासन का उद्देश्य शहर की सड़कों पर बेतरतीब खड़े वाहनों के कारण पैदा होने वाली यातायात समस्या को कम करना है।

ई-रिक्शा और ऑटो की होगी पहचान  

बैठक में शहर में बढ़ते ई-रिक्शा और ऑटो-रिक्शा को लेकर भी ट्रैफिक प्लान पर चर्चा हुई। अपर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि ई-रिक्शा और ऑटो चालकों की पहचान कराई जाए तथा संबंधित जानकारी वाहनों पर ही चस्पा की जाए, जिससे वाहन और चालक की पहचान आसानी से हो सके। सीओ सिटी को निर्देश दिए गए कि ई-रिक्शा और ऑटो-रिक्शा के लिए नगर निगम द्वारा निर्धारित स्थानों का उपयोग सुनिश्चित कराया जाए। निर्धारित पार्किंग स्थलों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा अवैध पार्किंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा गया। बैठक में बड़ागांव क्षेत्र में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने बताया कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में अवैध कट होने के कारण दुर्घटनाओं की स्थिति बन रही है। उन्होंने एनएचएआई को बड़ागांव क्षेत्र के करीब 27 से 28 अवैध कटों को शत-प्रतिशत बंद कराने के निर्देश दिए। इतना ही नहीं, कार्रवाई पूरी होने के बाद उसके फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा गया।

यह भी पढ़ेंः-कुएं में मिला था बुजुर्ग का शव, खून से सने कपड़ों ने खोला हत्या का राज

अन्य प्रमुख खबरें