बचपन की देखभाल के लिए और काम करेगा बाल विकास मिशन पोषण 2.0

खबर सार :-

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के प्रमुख राष्ट्रीय पोषण कार्यक्रम मिशन पोषण 2.0 के महत्व को बताते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर कहती हैं कि मिशन पोषण 2.0 एक पोषित भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
बचपन की देखभाल के लिए और काम करेगा बाल विकास मिशन पोषण 2.0

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के प्रमुख राष्ट्रीय पोषण कार्यक्रम मिशन पोषण 2.0 के महत्व को बताते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर कहती हैं कि मिशन पोषण 2.0 एक पोषित भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह राय उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी है। उनका कहना है कि मंत्रालय द्वारा जारी एक पोस्ट मंे कुछ बातें थीे, अब दोबारा इसे साझा किया गया। इसमें कहा गया, बच्चों, किशोरियों, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को पोषण, स्वास्थ्य और देखभाल सेवाओं से जोड़कर यह मिशन एक सशक्त भविष्य की नींव रखने में मददगार है।

बचपन की देखभाल को बढ़ाने में मददगार है

महिला और बाल विकास मंत्रालय कई और बातें कही हैं। यह मिशन पोषण संबंधी चुनौतियों से निपटने में समन्वय, तकनीक आधारित प्रशासन और सामुदायिक भागीदारी पर बढ़ते पोषण अभियान के आठ साल पूरे होने के साथ ही जागरूकता दर्शाता है। पोषण सुधारने के लिए कार्यक्रम का विकास विभिन्न क्षेत्रों के बीच समन्वित प्रयास, लगातार व्यवहार बेहतर सेवा वितरण व्यवस्था बदलाव के महत्व को दिखाता है।मंत्रालय ने कहा कि मिशन पोषण 2.0 में सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने पर काम कर रहा है। शुरुआती बचपन की देखभाल को बढ़ाने में मददगार है और अंतिम स्तर तक सेवाएं पहुंचाने वाली व्यवस्थाओं को मजबूत कर रहा है। पोषण को स्वास्थ्य, शुरुआती बचपन की देखभाल, शिक्षा और सामुदायिक भागीदारी जैसा है। यह मिशन कमजोर वर्गों के सहयोग के लिए एक काफी कुछ सोचता है। 

पोषण जरूरी है, शरीर से इसका गहरा संबंध हैै

मंत्रालय ने कहा कि देश में मानव संसाधन के विकास से पोषण जरूरी है शरीर से इसका गहरा संबंध हैै। यह एक बेहतर पोषण से स्वास्थ्य, सीखने की क्षमता और उत्पादकता लाने में मदद करता है। पोषण, शुरुआती बचपन के विकास और सेवा वितरण व्यवस्था में लगातार निवेश स्वस्थ, सक्षम और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए मजबूत आबादी तैयार करने के लिए जरूरी रहेगा। महाराष्ट्र के पुणे जिले में रहाटकर ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के लिए आयोजित एक प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी भी साझा की।

सभी खाली पदों पर जल्द नियुक्तियां शामिल हैं

जिला मजिस्ट्रेटों और जिला पुलिस अधीक्षकों के लिए एक्स पर एक पोस्ट में कहा, चेंज के लिए उत्प्रेरक के तहत आयोजित नेतृत्व विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक समाप्त हुआ। समापन सत्र के दौरान उन्होंने कहा कि जिला मजिस्ट्रेटों और जिला पुलिस अधीक्षकों से महिलाओं की सुरक्षा, सशक्तिकरण और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए 10 सूत्रीय कार्य योजना पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। रहाटकर द्वारा बताए गए कार्य योजना के बिंदुओं में महिला कल्याण योजनाओं का नियमित ऑडिट और प्रभावी क्रियान्वयन और समय पर समीक्षा, सुरक्षा अधिकारी, बाल विवाह निषेध अधिकारी और पीओएसएच, सभी योजनाओं की डिजिटल निगरानी स्थानीय समिति सहित सभी खाली पदों पर जल्द नियुक्तियां शामिल हैं।

प्रभावी समाधान के लिए मजबूत व्यवस्था विकसित की जाए

एक्शन प्लान में कहा गया, पुलिस और संबंधित अधिकारियों के लिए नियमित जेंडर संवेदनशीलता प्रशिक्षण आयोजित किया जाए। महिलाओं के खिलाफ अपराध (सीएडब्ल्यू) सेल ,वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन, डीएलएसए, सुरक्षा अधिकारी, एएचटीयू, और परामर्श सेवाओं के बीच मजबूत समन्वय स्थापित किया जाए। जिला मजिस्ट्रेट और महिलाओं की शिकायतों के तेज,, पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में हर तिमाही जेंडर समीक्षा बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए और पारदर्शी और प्रभावी समाधान के लिए मजबूत व्यवस्था विकसित की जाए। कार्य योजना में कहा गया, महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में एफआईआर, जांच और चार्जशीट तय समय सीमा में पूरी की जाएं। एनजीओ, आशा कार्यकर्ताओं , सीआरपी, और आंगनवाड़ी सेवाओं के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित किया जाए। साथ ही कहा कि अधिकारियों को महिलाओं की सुरक्षा, अधिकारों, हेल्पलाइन और उपलब्ध सहायता सेवाओं को लेकर व्यापक जागरूकता चाहिए।

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