पुणे में राजकीय सम्मान के साथ नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार, सीएम फडणवीस ने दी श्रद्धांजलि

खबर सार :-

गुरुवार देर रात पुणे में राजकीय सम्मान के साथ अभिनेता नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार किया गया। सीएम देवेंद्र फडणवीस समेत कई नामचीन हस्तियों ने उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
नम आंखों से नाना पाटेकर को दी अंतिम विदाई, डोणजे में उमड़ा हुजूम

खबर विस्तार : -

पुणे: मशहूर एक्टर नाना पाटेकर का गुरुवार देर रात पुणे में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उन्हें आखिरी विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक, फिल्म जगत के लोग, नेता और मंत्री मौजूद थे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे; उन्होंने पार्थिव शरीर के दर्शन किए, पुष्पचक्र अर्पित किया और भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

अपने दमदार संवाद अदायगी, सहज अभिनय और अनोखे व्यक्तित्व से दशकों तक दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले इस दिग्गज अभिनेता को पुणे के पास डोणजे स्थित उनके फार्महाउस पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। पुलिस की एक टुकड़ी ने उन्हें अंतिम सम्मान के तौर पर सलामी दी। अपने चहेते अभिनेता की एक झलक पाने के लिए डोणजे में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी; लोगों की आंखें नम थीं और नाना को खोने का दुख हर चेहरे पर साफ दिख रहा था।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने व्यक्त कीं संवेदनाएं 

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि वरिष्ठ अभिनेता और उनके स्नेही मित्र तथा मार्गदर्शक नाना पाटेकर के पार्थिव शरीर को पुणे लाया गया, जहां राज्य सरकार ने राजकीय सम्मान के साथ उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने बताया कि उन्होंने पार्थिव शरीर के दर्शन किए, पुष्पचक्र अर्पित किया और परिवार के सदस्यों से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। अपने संदेश में फडणवीस ने कहा, "एक प्रतिभाशाली कलाकार को अंतिम विदाई देते हुए और श्रद्धांजलि अर्पित करते समय मन भर आया।" नाना पाटेकर के निधन को कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए उन्होंने सम्मानपूर्वक श्रद्धांजलि दी और संवेदनाएं व्यक्त कीं।

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नम आंखों से दी प्रिय अभिनेता को अंतिम विदाई

नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर गोवा से पुणे लाया गया। पुणे हवाई अड्डे से उनके शव को डोणजे स्थित उनके फार्महाउस ले जाया गया। दिनभर बड़ी संख्या में प्रशंसक और नागरिक उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए वहां जमा हुए। उनके चाहने वालों ने अपने प्रिय अभिनेता को नम आंखों से विदाई दी। कई नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और फिल्म जगत की हस्तियों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे, सुनेत्रा पवार, मंत्री चंद्रकांत पाटिल, केंद्रीय राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल और रामदास अठावले, साथ ही सुनील तटकरे, माधुरी मिसल, विधायक गोपीचंद पडलकर, अर्जुन खोतकर, रूपाली चाकणकर, सदाभाऊ खोत और उदय सामंत जैसे नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

पैतृक गांव डोणजे में हुआ अंतिम संस्कार

अपनी दमदार एक्टिंग, बेबाक अंदाज और समाज सेवा के लिए मशहूर नाना पाटेकर ने हिंदी और मराठी सिनेमा में अपनी एक अलग पहचान बनाई थी। उनके निधन से फिल्म इंडस्ट्री और उनके फैंस के बीच शोक की लहर दौड़ गई है। देर रात राजकीय सम्मान के साथ अंतिम यात्रा निकाली गई और पुणे में उनका अंतिम संस्कार किया गया। नाना पाटेकर का निधन गोवा में हुआ। जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद, उनके पार्थिव शरीर को पुणे में उनके पैतृक गांव डोणजे लाया गया, जहां देर रात अंतिम संस्कार किया गया।

नाना हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे

नाना पाटेकर को कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया, जिनमें तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार शामिल हैं। 2013 में, भारत सरकार ने उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया। अपने एक्टिंग करियर के साथ-साथ उन्होंने हमेशा सामाजिक कार्यों को प्राथमिकता दी और 'नाम' फाउंडेशन के जरिए सूखे से प्रभावित इलाकों में किसानों और लोगों की मदद के लिए बेहतरीन काम किया। नाना पाटेकर का जाना सिर्फ एक एक्टर का जाना नहीं है; यह एक ऐसे कलाकार का जाना है जिनकी आवाज में गंभीरता थी, जिनके डायलॉग बोलने का अंदाज बहुत सटीक था, और जिनकी एक्टिंग में इतनी सच्चाई थी कि स्क्रीन पर निभाए गए उनके किरदार दर्शकों के दिलों में गहराई तक उतर जाते थे। भले ही डोणजे की मिट्टी ने नाना पाटेकर को आखिरी विदाई दे दी हो, लेकिन उनकी एक्टिंग, उनकी आवाज और उनसे जुड़ी यादें हमेशा दर्शकों के दिलों में जिंदा रहेंगी।

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