Did You Know: टॉयलेट के बाद 42% पुरुष और 25% महिलाएं नहीं धोते हाथ

खबर सार :-

हालिया सर्वे के अनुसार 42 प्रतिशत पुरुष और 25 प्रतिशत महिलाएं सार्वजनिक टॉयलेट के बाद हाथ नहीं धोते। जानिए इससे जुड़े स्वास्थ्य जोखिम।
सार्वजनिक टॉयलेट के बाद हाथ न धोने की आदत पर क्या कहता है सर्वे!

खबर विस्तार : -

New Delhi : स्वास्थ्य और साफ-सफाई को लेकर तमाम कोशिशों के बावजूद लोगों की बुनियादी आदतों में सुधार नहीं दिख रहा है। हाल ही में सामने आए एक सर्वे ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। इस रिपोर्ट के अनुसार, बाहर बने टॉयलेट का उपयोग करने के बाद एक बड़ा वर्ग हाथ धोने की आम बात को नजरअंदाज कर देता है।

अध्ययन के आंकड़े बताते हैं कि इस मामले में पुरुषों और महिलाओं के बीच साफ-सफाई का स्तर अलग-अलग है। सर्वे में शामिल कुल पुरुषों में से 42 प्रतिशत लोगों ने माना कि वे टॉयलेट से बाहर आने के बाद साबुन या पानी से हाथ साफ नहीं करते हैं। वहीं, महिलाओं के मामले में यह आंकड़ा 25 प्रतिशत दर्ज किया गया है।

लापरवाही से बढ़ता संक्रमण का खतरा

विशेषज्ञों का कहना है कि टॉयलेट के बाद हाथ न धोना केवल व्यक्तिगत स्वच्छता की बात नहीं है, बल्कि यह सभी के स्वास्थ्य के लिए बड़ा जोखिम है। दरवाज़े के हत्थे, नल और पानी के बटन जैसी जगहों पर कीटाणु आसानी से जमा हो जाते हैं। जब लोग बिना हाथ धोए बाहर निकलते हैं, तो वे इन कीटाणुओं को अपने घर और अन्य जगहों तक ले जाते हैं।

हाथों की सही से सफाई न होने पर पेट से जुड़ी बीमारियां और फूड पॉइजनिंग तेजी से फैल सकती हैं। डॉक्टरों का मानना है कि कुछ भी खाने से पहले या चेहरे को छूने से पहले हाथों को साबुन से धोना बीमारियों से बचने का सबसे आसान और असरदार तरीका है।

जागरूकता अभियानों की जरूरत

सार्वजनिक जगहों पर साफ-सफाई बनाए रखने के लिए समय-समय पर अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर लोगों के व्यवहार में बदलाव आना अभी बाकी है। कई बार लोग जल्दबाजी में या वहां जरूरी सुविधाएं न होने के कारण हाथ धोने की प्रक्रिया छोड़ देते हैं।

इन आंकड़ों से साफ है कि केवल टॉयलेट बनवा देना काफी नहीं है। लोगों की सोच और आदतों में बदलाव लाने के लिए लगातार प्रयास करने की जरूरत है, ताकि स्वच्छता के नियमों का पालन ठीक से हो सके। यह जानकारी हाल ही में सार्वजनिक स्वच्छता और स्वास्थ्य को लेकर किए गए एक सर्वे पर आधारित है। इसमें लोगों के रोजमर्रा के स्वच्छता व्यवहार का आकलन किया गया था। इस तरह की रिपोर्टें यह देखने के लिए जारी की जाती हैं कि समाज में सेहत से जुड़े नियमों का पालन कितना हो रहा है।

हाथ धोना हमारे जीवन में क्यों जरूरी

हाथों की स्वच्छता हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद अहम है। आइए जानते हैं कि नियमित रूप से हाथ धोना हमारे जीवन में क्यों जरूरी है और इसके क्या फायदे हैं:

बीमारियों से बचाव का सबसे बड़ा साधन

  • संक्रमण से राहत: सही समय पर हाथ धोने से दस्त (डायरिया), पेट के गंभीर संक्रमण, सर्दी-जुकाम और फूड पॉइजनिंग जैसी कई बीमारियां होने का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
  • अपनों की सुरक्षा: जब आप अपने हाथ साफ रखते हैं, तो आप केवल खुद को ही नहीं, बल्कि अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी कीटाणुओं की चपेट में आने से बचाते हैं।

हाथ धोने का सही तरीका

सिर्फ पानी के छींटे मार लेना या पानी से हाथ गीला कर लेना काफी नहीं माना जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के दिशा-निर्देशों के अनुसार, हाथों के कीटाणुओं को पूरी तरह खत्म करने के लिए साबुन का इस्तेमाल करना चाहिए। हाथों को कम से कम 20 सेकंड तक अच्छी तरह आपस में रगड़कर और उंगलियों के बीच की जगहों को साफ करके धोना चाहिए।

क्या आप यह जानना चाहते हैं कि लोग सार्वजनिक जगहों पर हाथ धोने में लापरवाही क्यों बरतते हैं, या इससे जुड़े किसी और पहलू पर बात करना चाहते हैं?

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