Ganesh Chaturthi 2026: इंडोनेशिया के माउंट ब्रोमो पर 700 साल से विराजमान हैं बप्पा, जुड़ी है लोगों की आस्था
खबर सार :-
गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना केवल भारत में ही नहीं, बल्कि इंडोनेशिया में भी की जाती है। यहां माउंट ब्रोमो के सक्रिय ज्वालामुखी के पास स्थापित गणपति की प्रतिमा से लोगों की आस्था जुड़ी हुई है।
खबर विस्तार : -
नई दिल्ली: गणेश चतुर्थी के आते ही पूरे भारत में गणपति बप्पा के लिए उत्साह और भक्ति का माहौल छा जाता है। मंदिरों, घरों और पंडालों में भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की जाती है। लेकिन भगवान गणेश के प्रति यह आस्था सिर्फ भारत तक ही सीमित नहीं है। हजारों किलोमीटर दूर इंडोनेशिया में भी गणेश जी को ज्ञान, बुद्धि और समृद्धि के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है। वहां एक ऐसी जगह है जो गणेश भक्तों के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है; यहां एक ज्वालामुखी के किनारे भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित है और स्थानीय लोगों का मानना है कि गणेश जी उन्हें ज्वालामुखी के खतरों से बचाते हैं।
यह अनोखी प्रतिमा इंडोनेशिया के पूर्वी जावा में स्थित माउंट ब्रोमो पर है। माउंट ब्रोमो एक सक्रिय ज्वालामुखी है जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व के लिए दुनियाभर में मशहूर है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यह प्रतिमा लगभग 700 साल पुरानी है और इसे इस इलाके में रहने वाले तेंगगर समुदाय के पूर्वजों ने स्थापित किया था। इस क्षेत्र में गणेश पूजा और हिंदू परंपराओं की जड़ें सदियों पुरानी और गहरी हैं।
यह भी पढ़ें :- गुवा गोलीकांडः जब घायल प्रदर्शनकारियों पर चलीं गोलियां... अधिकारों की लड़ाई और शहादत की दर्दनाक कहानी
स्थानीय लोगों की आस्था का प्रतीक
माउंट ब्रोमो पर स्थित गणेश जी की यह प्रतिमा स्थानीय लोगों की आस्था का प्रतीक है। उनका मानना है कि गणेश जी आसपास के गांवों को खतरनाक ज्वालामुखी से बचाते हैं; इसलिए, यहां उन्हें एक रक्षक के रूप में देखा जाता है। भक्त क्षेत्र की भलाई के लिए प्रार्थना करते हुए फूल, फल और अन्य चीजें चढ़ाते हैं, यह आस्था की एक ऐसी परंपरा है जो पीढ़ियों से चली आ रही है।
इंडोनेशिया में हिंदू धर्म का प्रभाव
इंडोनेशिया में हिंदू संस्कृति का इतिहास बहुत पुराना है। हालांकि आज देश की आबादी में हिंदू बहुत कम संख्या में हैं, फिर भी देश के कई हिस्सों में हिंदू धर्म और संस्कृति का प्रभाव साफ दिखाई देता है। खासकर बाली और जावा के कुछ इलाकों में, हिंदू देवी-देवताओं से जुड़े मंदिर, धार्मिक परंपराएं और मान्यताएं रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा हैं। तेंगगर समुदाय ने भी इन पुरानी परंपराओं को संजोकर रखा है।
प्राकृतिक खूबसूरती करती है आकर्षित
इंडोनेशिया के पर्यटन विभाग के अनुसार, ब्रोमो क्षेत्र के कई स्थानीय लोग हिंदू मान्यताओं को मानते हैं और हिंदू परंपरा के देवी-देवताओं, जैसे ब्रह्मा, विष्णु और शिव की पूजा करते हैं। माउंट ब्रोमो लगभग 800 वर्ग किलोमीटर के इलाके में फैला है और समुद्र तल से लगभग 2,392 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इसका विशाल रेतीला मैदान, ज्वालामुखी से निकलता धुआं और सूर्योदय का नजारा दुनियाभर से पर्यटकों को अपनी ओर खींचता है।
'रिंग ऑफ फायर' में स्थित है इंडोनेशिया
इंडोनेशिया दुनिया में सबसे ज्यादा ज्वालामुखी वाले देशों में से एक है। प्रशांत महासागर के 'रिंग ऑफ फायर' में स्थित होने के कारण यह इलाका अक्सर भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियों के लिए जाना जाता है। यहां माउंट ब्रोमो जैसे सक्रिय ज्वालामुखी मौजूद हैं। ऐसे माहौल में, ज्वालामुखी के इतने पास भगवान गणेश की मूर्ति का होना स्थानीय लोगों की आस्था को एक खास महत्व देता है; उनके लिए, यह मूर्ति मुश्किल हालात में भी आस्था और सुरक्षा का प्रतीक है।
यह भी पढ़ें :- तमिलनाडु में 1.5 लाख स्थानों पर गणेश प्रतिमा स्थापना की विशेष तैयारी
अन्य प्रमुख खबरें
-
अपने मूल स्वरूप में लौटेगा गांधी स्मारक, पुरातत्व विभाग ने बनाई योजना
2026-10-02
-
मनाली का ऐतिहासिक हडिम्बा देवी मंदिर: इतिहास और खासियत
2026-10-01
-
किन्नर समुदाय से जुड़े 11 रोचक तथ्य और उनका सामाजिक जीवन
2026-09-28
-
कनाडा के अल्बर्टा में 70 साल बाद मिला चूहा, ‘रैट पेट्रोल’ सक्रिय
2026-09-26
-
माउंट एवरेस्ट नहीं, यह ज्वालामुखी है दुनिया का सबसे ऊंचा पर्वत
2026-09-25
-
1 मिनट के चुंबन से बर्न होती हैं 26 कैलोरी - हेल्थ रिपोर्ट
2026-09-23
-
कूचबिहार की प्राचीन पांडुलिपियां संरक्षण के अभाव में मिटने की कगार पर
2026-09-22
-
सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है टाई पहनना, जानिए क्या कहती है रिसर्च
2026-09-21
-
कन्नौज स्थापना दिवस 2025: इतिहास, इत्र विरासत और परफ्यूम टूरिज्म
2026-09-17
-
सार्वजनिक टॉयलेट के बाद हाथ न धोने की आदत पर क्या कहता है सर्वे!
2026-09-16
-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर जामदानी बुनाई से तैयार
2026-09-15
-
सूरत में दो वर्षों में 2,645 नेत्रदान, राज्य में 23% योगदान - स्वास्थ्य मंत्री का बयान
2026-09-11
-
गुवा गोलीकांड की दर्दनाक कहानी, 46 साल बाद भी जिंदा है शहीदों की याद
2026-09-08
-
हैदराबाद से हिंद महासागर तक सुनामी पूर्व चेतावनी तंत्र की पूरी जानकारी
2026-09-07
-
हमीरपुर के मराठाकालीन मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की धूम
2026-09-04