चेन्नई: गणेश प्रतिमाओं की ऊंचाई 10 फीट सीमित, स्थापना से विसर्जन तक नियम ही नियम
खबर सार :-
गणेशोत्सव से पहले चेन्नई पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर गणेश प्रतिमाओं की स्थापना से पहले और विसर्जन तक कई नियम बनाए हैं। जाहिर है कि इन नियमों के कारण लोगों कांे बड़ी दिक्कतें उठानी पड़ सकती है।
खबर विस्तार : -
चेन्नई: गणेशोत्सव से पहले चेन्नई पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर गणेश प्रतिमाओं की स्थापना को लेकर कई नियम लागू किए हैं। इनको मानने के लिए बाध्यता भी है। कई विभागों की स्वीकृति के बाद ही ने प्रतिमाओं को रखने की अनुमति दी जाएगी। ऐसे भी नियम बनाए गए हैं, जो प्रतिमा के विसर्जन तक लागू रहेंगे। गणेश उत्सव मनाने के लिए कई ऐसे विभागों की स्वीकृतियां भी लेनी हैं, उन संबंधित विभागों का नाम भी लोग नहीं जानते हैं।
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राज्य की पुलिस ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि प्रतिमाओं की अधिकतम ऊंचाई आधार समेत 10 फीट तक सीमित कर दी है। गणेश प्रतिमा स्थापित करने से पहले भूमि मालिक की अनुमति, संबंधित स्थानीय निकाय, राजमार्ग विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य किया गया है। आग से सुरक्षा के लिए अग्निशमन विभाग, बिजली बोर्ड से अनापत्ति प्रमाणपत्र जरूरी बताया गया है। 14 सितंबर से गणेशोत्सव मनाया जाना है। इसको लेकर चेन्नई महानगर पुलिस ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर कुछ नियम बनाए हैं।
पुलिस आयुक्त की अध्यक्षता में परामर्श बैठक हुई
वेपेरी स्थित चेन्नई महानगर पुलिस आयुक्त अमलराज की अध्यक्षता में हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ परामर्श बैठक की गई। इस बैठक में कई निर्दश दिए गए। इनमें गणेश प्रतिमाओं की स्थापना, पूजा, जुलूस और समुद्र में विसर्जन को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित तरीके से संपन्न कराना शमिल है। गणेश प्रतिमाओं के निर्माण में प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) और जहरीले रसायनों का इस्तेमाल कर प्रतिमाएं बनाने की अनुमति नहीं होगी। पुलिस का यह तर्क है कि प्रतिमा स्थापना के दौरान पर्यावरणीय मानकों का ध्यान रखा जाना चाहिए।
विसर्जन के बाद जलस्रोतों या समुद्री पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे, प्रतिमा में ऐसी सामगी लगाई जाए। नियमों में बताया गया है कि सार्वजनिक स्थानों पर गणेश प्रतिमा स्थापित करने के लिए संबंधित पुलिस थाने में आवेदन, आवेदन में निर्धारित शर्तों और प्रतिबंधों का पालन का लिखित आश्वासन देना होगा। उसके बाद अनुमति पुलिस तय करेगी। साथ ही प्रतिमा स्थापना के लिए आयोजकों को भूमि मालिक की सहमति, स्थानीय निकाय, राजमार्ग विभाग अथवा अन्य संबंधित सरकारी विभागों की अनुमति लेनी होगी। अग्निशमन विभाग और बिजली बोर्ड से एनओसी लेना अनिवार्य है।
सुरक्षा के लिए आयोजक दो स्वयंसेवक रखेंगे
आयोजकों को यह मानना होगा कि वह पूजा स्थलों, अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों के समीप गणेश प्रतिमा स्थापित करने से बचें। इसमें तर्क यह है कि पूजा और जुलूस के दौरान भीड़, ध्वनि तथा यातायात संबंधी परेशानियों होती हैं। आयोजकों को ध्यान देना होगा कि धार्मिक वैमनस्य भड़काने या दूसरे धर्मों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले नारे, उद्घोष या किसी अन्य गतिविधि की अनुमति नहीं होगी।
ध्यान रखना होगा कि किसी प्रकार से अशांति का वातावरण न बनाया जाए। गणेश प्रतिमा की सुरक्षा के लिए आयोजक स्थल पर दो स्वयंसेवकों को बारी-बारी से चौबीसों घंटे ड्यूटी पर रखेंगे। साथ ही प्रतिमा स्थापना वाले स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाएंगे।
पंडाल परिसर को राजनीतिक प्रचार का माध्यम नहीं बनाएंगे। परिसर में किसी राजनीतिक दल या धार्मिक नेता के समर्थन में विज्ञापन बोर्ड, प्रचार बैनर प्रतिबंधित किया गया है। विसर्जन के दौरान गणेश प्रतिमाओं को केवल निर्धारित मार्गों से लेकर जाने की अनुमति होगी। पुलिस के निर्देश पर बनाए गए नियमों में प्रतिमाओं को केवल चार पहिया वाहनों में ही लेकर जाने की अनुमति होगी। पंडालों में अग्नि सुरक्षा नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। बिजली के उपकरणों और पंडालों की नियमित निगरानी करनी होगी।
पटाखे फोड़ने की इजाजत नहीं होगी
आयोजकों को विद्युत व्यवस्था में सुरक्षा मानकों के कई नियम दिए गए हैं। यातायात, कानून व्यवस्था और आग से बचाव के भी नियम दिए हैं। इसके अलावा गणेश प्रतिमा स्थापना स्थलों, जुलूस मार्गों और विसर्जन स्थलों पर पटाखे फोड़ने की इजाजत नहीं होगी। कहा गया है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में पटाखों से आग और अन्य दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। पुलिस आयुक्त अमलराज ने यह भी निर्देश दिया कि गणेश चतुर्थी उत्सव का आयोजन चेन्नई उच्च न्यायालय और तमिलनाडु सरकार के आदेशों के अनुरूप किया जाए।
बैठक में चेन्नई महानगर पुलिस सीमा के अंतर्गत गणेश प्रतिमाएं स्थापित कर पूजा करने वाले हिंदू मुन्नानी, हिंदू मक्कल काची, शिवसेना, विश्व हिंदू परिषद और भारत हिंदू मुन्नानी समेत 29 संगठनों के करीब 200 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। पुलिस और नगर निगम के वरिष्ठ एवं अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कपिलकुमार सी. सराटकर और के.एस. नरेंद्रन नायर समेत अन्य अधिकारियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया।
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