हजारों श्रद्धालुओं के जयकारों के बीच श्री राधामाधव देवस्थानम् में भव्यता से संपन्न हुआ श्रीकृष्ण जन्मोत्सव

खबर सार :-

लखनऊ के श्री राधामाधव देवस्थानम् मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। जानिए आयोजन से जुड़ी खास बातें।
श्री राधामाधव देवस्थानम् में धूमधाम से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव

खबर विस्तार : -

लखनऊ : ‘गोकुल में बाजे बधाई, जन्म लियो है किशन कन्हाई’ और ‘मैंने तो श्याम रंग ओढ़ लियो रे, सांस को कन्हैया से जोड़ लियो रे’ जैसे कर्णप्रिय एवं एवं मनमोहक भजनों की ध्वनि एवं हाथी, घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की जयकारों के बीच  श्री राधामाधव देवस्थानम्  मन्दिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। गोमतीनगर विस्तार में स्थित एमिटी विश्वविद्यालय के सामने माधवग्रीन (लौलाई) में यह श्रीकृष्ण भगवान का मंदिर स्थित है, जहां श्री राधा-माधव भगवान अपने दिव्य स्वरूप में यहां विराजमान हैं। मंदिर परिसर में स्थित सरोवर एवं उससे लगे हुए श्री लक्ष्मी नारायण पीपल की छटा अनुपम है। मंदिर में प्रवेश करते ही श्री लक्ष्मीनारायण पीपल की पत्तियों के झुरमुट से ही भगवान के दर्शन करने का अनुभव अत्यंत अविस्मरणीय और दुर्लभ है। 

अलौकिक दृश्य और गगनभेदी जयकारे

श्री राधा-माधव देवस्थानम् में दर्शन करने कृष्ण भक्त लखनऊ के विभिन्न हिस्सों से ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों से भी आते हैं। जन्माष्टमी का पर्व हो और ऐसे दिव्य मंदिर में भक्तों की भीड़ न उमड़े ऐसा हो ही नहीं सकता। आज यही नजारा श्री राधा माधव देवस्थानम् में था। यह राधा माधव देवस्थानम् मंदिर परिसर अपनी अलौकिक दिव्यता एवं व्यवस्था के लिए जाना जाता है। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर श्री राधा-माधव युगल भगवान की छवि आंखों में बस जाने वाली अत्यंत मनमोहक प्रतीत हो रही थी। पूरे मंदिर परिसर की साज-सज्जा अत्यंत मनमोहक थी।
 मंदिर के मुख्य द्वार से लेकर गर्भगृह तक अद्भुत और अलौकिक सजावट की गई थी, जिससे श्रद्धालुओं को ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो साक्षात गोकुल धाम के दर्शन हो रहे हों। प्रवेश द्वार पर ही भक्तों पर फूलों की हल्की और स्नेहिल फुहारें पड़ रही थीं, जिससे हर कोई एक अलौकिक आनंद और शांति का अनुभव कर रहा था। शंख, घंटे, मंजीरे और ढोलक की गूँज ने पूरे माहौल को पूर्णतः भक्तिमय बना दिया था। शाम ढलते ही श्रद्धालुओं का ऐसा सैलाब उमड़ा कि हर चेहरे पर सिर्फ और सिर्फ बांकेबिहारी के दर्शन की लालसा झलक रही थी।

अनुष्ठान और प्रसाद वितरण

ढोल-ताशों और खंजरी की थाप पर झूमे भक्त जन मानों सुध-बुध खो बैठे हों और चारों ओर केवल ‘राधे-कृष्ण’ के जयकारों की गूँज गगनभेदी हो रही थी। रात के 12 बजते ही पूरा मंदिर परिसर हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की, नन्द के आनंद भयो,जय कन्हैया लाल की... जैसे जयकारों एवं शंखों और घंटों से गुंजायमान हो उठा। जिसके बाद भाव विभोर और आह्लादित  भक्तों ने लड्डू-गोपाल भगवान के दर्शन कर उनको झूला झुलाया। मुख्य पुजारी के नेतृत्व में वैदिक मंत्रोच्चार, विशेष भोग और विधि-विधान से पूजन-अर्चन संपन्न हुआ, जिसके उपरांत आरती के पश्चात श्रद्धालुओं को महाप्रसादम् का वितरण किया गया। 

लड्डू गोपाल का छठी महोत्सव

मन्दिर के मुख्य ट्रस्टी ने बताया कि भक्तों की आस्था के इस महान केंद्र श्री राधामाधव देवस्थानम् में आगामी बुधवार, 9 सितम्बर को लड्डू गोपाल भगवान की अलौकिक झांकी सजाई जाएगी। भक्तों को लड्डू गोपाल को झूला झुलाने का अवसर भी प्राप्त होगा। श्री राधामाधव देवस्थानम् में श्रीकृष्ण भगवान की छठी का विशेष महत्व है, जिसमें हर बार बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित होते हैं। 
 

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