Happy Janmashtami: सुदर्शन पटनायक की रेत की कलाकृति में 101 माखन हांडियों के साथ पुरी बीच पर बैठे हैं बाल कृष्ण

खबर सार :-

पूरी बीच पर कलाकृति बनाने में माहिर सुदर्शन पटनायक ने भगवान श्रीकृष्ण का बालरूप दिखाया है। इसमें 101 माखन हांडियां हैं। यह कलाकृति रेत से बनाई कई है।
Happy Janmashtami: पुरी बीच पर सुदर्शन पटनायक ने बनाई 101 माखन हांडियां और बाल गोपाल की रेत की कलाकृति

खबर विस्तार : -

पुरी: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की धूम पूरे देश में है। इस शुभ अवसर पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर सैंड आर्टिस्ट और पद्म श्री से सम्मानित सुदर्शन पटनायक ने एक कलाकृति बनाई है। इसमें कान्हा का बालरूप, माखन की हांडी और बांसुरी आदि वस्तुएं भी दिखाई हैं। यह सब रेत से ही बनाई गई हैं। 

गुरुवार को ओडिशा के पुरी बीच पर बाल गोपाल की भक्तिपूर्ण सैंड स्कल्पचर (रेत की कलाकृति) बना कर सबका ध्यान खींचा है। बता दें कि सुदर्शन पटनायक रेत की इस शानदार कलाकृति बनाने में विख्यात हैं। उनकी बनाई बाल गोपाल की भक्तिपूर्ण रेत की कलाकृति “हैप्पी जन्माष्टमी” का संदेश दे रही हैं। इसमें बाल गोपाल को शांत और दिव्य रूप में खूबसूरती से दिखाया गया है। यह कलाकृतियां 8 फीट ऊंची हैं। समुद्र के किनारे रेत से बनाकर इस सैंड स्कल्पचर के जरिए पटनायक ने छोटे कृष्ण को जीवंत कर दिया है।

कान्हा के पास बैठी हुई है एक सुंदर गाय

मनोहारी चित्रण कर भगवान कृष्ण की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक भावना का जश्न मनाया है। बाल गोपाल के दिव्य रूप को हर कोई देखना पसंद करता है। वह झांकियों में हों, शोभायात्रा में या फिर मंच में लीलाएं कर रहे हों, उनका स्वरूप सबको अच्छा लगता है। पटनायक ने उनकी प्यारी बांसुरी, माखन की एक बड़ी हांडी और उनके पास आराम करती एक शांत गाय को एक साथ दिखाकर गोकुल में कृष्ण के बचपन की मनमोहक कहानियों की याद दिला दिया है।

हिंदू धर्म का यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ खुशियां लाता है। पटनायक कहते हैं कि कृष्ण जी सभी को शांति, खुशी, अच्छी सेहत और समृद्धि का आशीर्वाद दें। वह कामना करते हैं कि बाल गोपाल की दिव्य उपस्थिति हमारे जीवन को प्यार, करुणा, सकारात्मकता और सद्भाव से भर दे। पद्म श्री से सम्मानित सुदर्शन पटनायक ने 65 से ज़्यादा अंतरराष्ट्रीय सैंड स्कल्पचर चैंपियनशिप और फेस्टिवल में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वह अपनी कलात्मक उत्कृष्टता के लिए दुनिया भर में पहचाने जाते हैं। कई मौके पर भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने  के लिए कलाकृति के माध्यम से योगदान किया है। जलवायु परिवर्तन, प्लास्टिक प्रदूषण, सार्वजनिक स्वास्थय और वैश्विक शांति जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों पर आधारित जागरूकता फैलाने योग्य सैंड आर्ट का एक इस्तेमाल किया हैं।

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101 माखन हांडियां खींच रहीं सबका ध्यान

यह चित्रण कर कलाकार ने एक खास अंदाज का प्रदर्षन किया है। वह भलीभांति समझते हैं कि कलाकृति कब पसंद आती हैं। चारों ओर 101 छोटी-छोटी माखन की हांडियां लगाई गई हैं, जो भक्ति और बाल गोपाल की आनंदमयी भावना का प्रतीक हैं, यह दृष्यांकन कलाकार नेे जन्माष्टमी के मौके पर बनाई है। इसमें सुदर्शन सैंड आर्ट इंस्टीट्यूट के छात्रों का सहयोग लिया गया है। पुरी बीच पर रेत से बनी इस कलाकृति ने बड़ी संख्या में पर्यटकों को अपनी ओर खींचा है। पटनायक ने मीडिया से बात कर कहा है कि जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर रेत से भगवान कृष्ण की आकृति बनाकर आस्था को सम्मान दिया गया है। इसके साथ 101 माखन की हंडियों बड़ी सुंदर दिख रही हैं। 

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