छह साल में 36 देशों से 274 भगोड़े अपराधियों को लाने में मिली कामयाबी, अब  शिकंजे में विशाखा राठौर

खबर सार :-

भगोड़े अपराधियों को देश में लाने के लिए गृहमंत्री अमित शाह काफी उत्सुक है। अभी 3 अगस्त को ही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो सीबीआई ने वित्तीय धोखाधड़ी के एक मामले में वांछित महिला को दिल्ली लाने में कामयाब हुई। महिला विशाखा राठौर को संयुक्त अरब अमीरात, यूएई से भारत प्रत्यर्पण कराने में सफलता मिली है।
भगाेड़े लाए जाएंगे देश, विशाखा राठौर से हो रही पूछताछ

खबर विस्तार : -

नई दिल्लीः विदेश में रह रहे भारतीय कानून से बच रहे आपराधिक प्रवृत्ति के भगाड़े ज्यादा दिन खुशियां मनाने में कामयाब नहीं हो पाएंगे। ऐसा केद्र सरकार का गृहमंत्रालय कह रहा है। एक-एक कर उन्हें प्रत्यर्पण संधियों के माध्यम से केंद्र सरकार देश में ला रही है। इन भगोड़े अपराधियों को देश में लाने के लिए गृहमंत्री अमित शाह भी काफी उत्सुक है। अभी 3 अगस्त को ही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो सीबीआई ने वित्तीय धोखाधड़ी के एक मामले में वांछित महिला को दिल्ली लाने में कामयाब हुई। महिला विशाखा राठौर को संयुक्त अरब अमीरात, यूएई से भारत प्रत्यर्पण कराने में सफलता मिली है।

यह महिला महाराष्ट्र पुलिस की उस टीम में हिरासत में है, जो भगोड़े लोगों से पूछताछ करती है। बुधवार को एजेंसी ने मीडिया के सामने कुछ ऐसी बातें रखी हैं, जो यह बता रही है कि 2019 से भारत में 2026 के बीच 36 देश से 274 भगोड़े अपराधियों को लाया गया है।  प्रत्यर्पण कराने में केंद्र की सरकार को बड़ी सफलता हासिल हुई। केंद्र सरकार ने मंगलवार को बताया कि अपराधियों को न्याय दिलाने के दायरे में लाने के लिए एक अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के जरिए विदेश में रहकर उन लोगों को देश में लाया जा रहा है जो भारतीय कानून से बच रहे हैं। जांच एजेंसी ने एक आधिकारिक बयान में कहा किसी भी सीबीआई ने विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय की मदद ली।

प्रत्यर्पण में केंद्र की सरकार को बड़ी सफलता हासिल हुई

इसके बाद विशाखा राठौर को भारत वापस लाने के लिए यूएई गए। केंद्रीय एजेंसी की ओर से जानकारी दी गई है कि महिला बड़े पैमाने पर हुए धोखाधड़ी के मामले में वांछित चल रही थी। इनके साथ कई और लोग भी आपराधिक साजिश में शामिल थे। महिला के बारे में बताया गया कि निवेशकों को एक स्कीम में निवेश करने के लिए उकसाती थी। साथ ही उन्हें बड़े रिटर्न मुनाफे का हवाला देकर झांसे में लेती थी। वह उकसाती थी कि ज्यादा से ज्यादा निवेश कर ज्यादा मुनाफा लिया जा सकता है। यह तरकीब वह खुद बताती थी। उस पैसे को कई बैंक और डीमैट खातों के जरिए इधर-उधर भी कर दिया। यह पैसा निवेशकों का था, जिसे उसने धोखाधड़ी करके अपनाया था।

वंछितों को हिरासत में लेना सफलतम करवाई मानी जा रही

एजेंसी ने बताया कि इससे पहले इंटरपोल के जरिए उसके खिलाफ रेड नोटिस जारी की गई थी। बता दे की अभियान उन अपराधियों को न्याय डायरी में ला रही है, जो भारत से दूर किसी अपराध के कारण छिपे हुए हैं। केंद्र सरकार में ऐसी गिरफ्तारियां को या वंछितों को हिरासत में लेना सफलतम करवाई मानी जा रही है। केंद्र ने कहा कि मजबूत कानूनी प्रावधानों, बेहतर अंतरराष्ट्रीय सहयोग, समन्वित कार्रवाई, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व एजेंसियों के बीच समन्वय और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का मार्गदर्शन सही दिशा में काम कर रहा है।

वरना ऐसे मामले में प्रत्यर्पण नहीं हो पाता है। मंत्रालय के अनुसार अपराधियों से निपटने के लिए केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह का कहना है कि अपराधियों के मुद्दे पर देश की संप्रभुता आर्थिक स्थिति कानून व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। इस मामले में सरकार ना तो किसी के दबाव में आएगी और ना ही ज्यादा दिन टालना चाहती है। बहरहाल, अब गिरफ्त में आई विशाखा राठौर से पूछताछ शुरू हो गई है। इस बात की जानकारी भी मिल जाएगी कि उसने बड़े पैमाने पर कपट के जरिए इकट्ठा किए गए धन को कहां खपाया गया।

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