वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी में किया बड़ा कारनामा, 57 साल पुराना रिकॉर्ड किया ध्वस्त

खबर सार :-

Vaibhav Sooryavanshi: बिहार के युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी ने दिलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाकर 57 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। उन्होंने 81 गेंदों पर 92 रनों की तूफानी पारी खेली। हालांकि वह शतक से चुक गए।
Duleep Trophy: वैभव सूर्यवंशी ने 57 साल पुराना रिकॉर्ड किया ध्वस्त

खबर विस्तार : -

Vaibhav Sooryavanshi Breaks Duleep Trophy Record: टीम इंडिया के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी एक के बाद एक रिकॉर्ड अपने नाम करते जा रहे है। इस युवा क्रिकेटर ने अब दलीप ट्रॉफी में 57 साल पुराना ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। वैभव सूर्यवंशी ने दिलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाकर यह कारनाम किया। इसी के साथ ही वह दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज बन गए है। हालांकि वह अपने शतक से मात्र 8 रन से चुक गए।

वैभव सूर्यवंशी ने 57 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा

दरअसल BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) ग्राउंड पर सेंट्रल जोन के खिलाफ ईस्ट जोन की ओर से खेलते हुए, वैभव ने सिर्फ 42 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने यह उपलब्धि 15 साल और 175 दिन की उम्र में हासिल की। वैभव ने लक्ष्मण सिंह का 57 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा दिया। लक्ष्मण सिंह ने 1969 में 16 साल और 23 दिन की उम्र में टूर्नामेंट में अपना पहला अर्धशतक लगाया था। इस लिस्ट में पूर्व भारतीय लेग-स्पिनर पीयूष चावला तीसरे स्थान पर हैं, जिन्होंने 16 साल और 307 दिन की उम्र में दिलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाया था।

शतक के चुके वैभव

हालांकि, वैभव शतक लगाने से सिर्फ 8 रन दूर रह गए। वैभव ने 81 गेंदों पर 92 रनों की तूफानी पारी खेली। अपनी पारी के दौरान उन्होंने 7 चौके और 7 छक्के लगाए। उन्होंने अभिमन्यु ईश्वरन के साथ पहले विकेट के लिए 161 रनों की साझेदारी भी की। आखिरकार, हर्ष दुबे की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में वैभव आउट हो गए और बाउंड्री के पास अरशद खान को आसान कैच दे बैठे। जब वे पवेलियन लौट रहे थे, तो उनके चेहरे पर शतक से चूकने की निराशा साफ दिख रही थी। हालांकि, आउट होने से पहले वह दलीप ट्रॉफी के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा चुके थे। बिहार के इस युवा बल्लेबाज की इस पारी ने एक बार फिर क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

बिहार क्रिकेट एसोसिएशन ने कहा गर्व का पल

बिहार क्रिकेट एसोसिएशन ने वैभव सूर्यवंशी की रिकॉर्ड-तोड़ पारी को राज्य के क्रिकेट इतिहास का एक और शानदार अध्याय बताया है। इतनी कम उम्र में दिलीप ट्रॉफी जैसे बड़े मंच पर रिकॉर्ड बनाना वैभव की प्रतिभा का बेहतरीन सबूत है। 57 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया है; 92 रनों की तूफानी पारी खेली गई है। बिहार के वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उनका बल्ला बड़े मंच पर धूम मचाना जानता है। अब सबकी नजरें उनके आने वाले मैचों और बनने वाले नए रिकॉर्ड्स पर टिकी हैं।

चोटिल ईशान किशन की जगह संभाली कप्तानी

सेमीफाइनल के पहले दिन, वैभव सूर्यवंशी ने कुछ समय के लिए ईस्ट जोन की कप्तानी संभाली। मैच के दौरान ईशान किशन के हाथ में चोट लग गई थी और उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा; उनकी गैर-मौजूदगी में वैभव ने स्टैंड-इन कप्तान के तौर पर जिम्मेदारी संभाली। कप्तान के तौर पर उनका छोटा सा कार्यकाल तब अहम साबित हुआ जब उन्होंने तेज गेंदबाज मुकेश कुमार द्वारा फेंके गए 40वें ओवर के दौरान मैदान पर दिए गए 'नॉट आउट' फैसले के खिलाफ सफलतापूर्वक रिव्यू लिया।

DRS तकनीक से सेंट्रल जोन के ओपनर आर्यन जुयाल के बल्ले से गेंद का किनारा लगने (एज) की पुष्टि हुई, जिससे उनकी टीम को एक अहम सफलता मिली। सेंट्रल जोन की टीम अपनी पहली पारी में 266 रनों पर ऑलआउट हो गई थी। जवाब में, ईस्ट जोन ने चाय के ब्रेक तक आठ विकेट के नुकसान पर 260 रन बना लिए थे। 

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