IND vs SL Test Match: भारतीय हालात में खेलने की हो गई है आदत, लय हासिल करने की कर रहा हूं कोशिश: मोहम्मद सिराज

खबर सार :-

टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को गेंदबाजी आक्रमण का नेतृत्व करना पसंद है। सिराज ने कहा कि उन्हें भारतीय हालात में खेलने की आदत पड़ गई है। बल्लेबाजों का ध्यान भंग कर आउट करना तेज गेंदबाजों की अलग खूबी है।
मोहम्मद सिराज को पसंद है गेंदबाजी आक्रमण के नेतृत्व की जिम्मेदारी

खबर विस्तार : -

IND vs SL Test Match: इंडियन टीम के भरोसेमंद फास्ट बॉलर मो. सिराज को गेंदबाजी आक्रमण का नेतृत्व करना पसंद है। दाएं हाथ के तेज गेंदबाज मो. सिराज ने कहा कि टीम के गेंदबाजी आक्रमण का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी उन्हें काफी पसंद है। सिराज ने श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के चौथे दिन का खेल शुरू होने से पहले ब्रॉडकास्टर्स से कहा, मुझे भारतीय हालात में खेलने की आदत हो गई है क्योंकि आप धूप में बहुत खेलते हैं। यहां, समुद्र की वजह से ह्यूमिडिटी बहुत है। यह थोड़ा मुश्किल है। लेकिन देश के लिए, यह सब करना बहुत जरूरी है। तेज गेंदबाजी का नेतृत्व करने के सवाल पर सिराज ने कहा, मुझे जिम्मेदारी सच में पसंद है। जब भी कोई चुनौती या जिम्मेदारी मेरे सामने आती है, तो मुझे मजा आता है। यह मेरा एक अलग पहलू सामने लाता है। इसलिए मुझे इसमें मजा आता है। मैं अपने शरीर पर ज्यादा बोझ नहीं डालता। मैं बस इसका मजा लेता हूं।  

तेज गेंदबाज की बड़ी खूबी है बल्लेबाज को उकसा कर आउट करना 

बल्लेबाजों पर मनोवैज्ञानिक दबाव डालकर उनका ध्यान भंग करने और उनका विकेट लेने के सवाल पर सिराज ने कहा, "जब कोई बल्लेबाज अपने कम्फर्ट जोन में खेल रहा होता है, तो उसके लिए यह आसान हो जाता है। जब आप थोड़ी बातचीत करते हैं, तो वह असहज हो जाता है। जब इस विकेट पर कुछ नहीं हो रहा होता है, तो शायद इस तकनीक का इस्तेमाल करने से बल्लेबाज के दिमाग में कुछ आ जाता है। फिर वह गलत शॉट खेल सकता है। आप देखेंगे कि क्या होता है। मुझे लगता है कि यह एक तेज गेंदबाज की उन खूबियों में से एक है जो अंदर से आती है। सिराज लगभग 2 महीने के बाद खेल रहे हैं। ऐसे में उन्होंने माना कि वह अपनी लय की तलाश में हैं।

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लय वापस पाने के लिए कर रहा हूं संघर्ष 

तेज गेंदबाज ने कहा, "ईमानदारी से कहूं तो, मैं यह नहीं कहूंगा कि मैं अपनी तरफ से सौ प्रतिशत फिट हूं क्योंकि मैं दो महीने के ब्रेक के बाद वापस आया हूं। मैं इस स्थिति में अपनी लय के साथ काफी संघर्ष कर रहा हूं क्योंकि मैं वह लय नहीं पा सका हूं। मैं बस लय वापस पाने की कोशिश कर रहा हूं। सिराज ने कहा, "मैं अपने अनुभव का इस्तेमाल कर रहा हूं और गेंदबाजी करते समय जितना हो सके खुद पर नियंत्रण रखने की कोशिश कर रहा हूं। अगर मैं बहुत ज्यादा सोचूंगा, तो मैं रन लुटा दूंगा, मुझ पर दबाव आ जाएगा। टीम पर भी दबाव आ जाएगा। इसलिए मेरी कोशिश इसे आसान रखने की है। 

सोनल दिनुशा का शतक रहा चौथे दिन का मुख्य आकर्षण 

श्रीलंका ने चौथे दिन की शुरुआत 8 विकेट पर 265 रन से की। आखिरी दोनों विकेट 25 रन जोड़ कर गिर गए। पूरी टीम 290 रन पर सिमट गई। चौथे दिन का मुख्य आकर्षण सोनल दिनुशा का शतक रहा। तीसरे दिन 85 रन पर नाबाद लौटे दिनुशा ने बेहतरीन शतक लगाया। वह 162 गेंदों पर 3 छक्कों और 8 चौकों की मदद से 103 रन बनाकर आउट हुए। सीरीज में दिनुशा का यह दूसरा शतक है। इसके पहले पसिंदु सोरियाबंदरा ने तीसरे दिन 80 रन की पारी खेली थी। भारत ने अपनी पहली पारी 9 विकेट पर 509 रन बनाकर घोषित की थी। भारत के लिए देवदत्त पड्डिकल ने सीरीज का दूसरा शतक लगाते हुए 117 रन की पारी खेली थी। वहीं, ध्रुव जुरेल ने भी शतक लगाते हुए 177 गेंद पर नाबाद 115 रन बनाए थे। इसके अलावा, ऋषभ पंत ने 63, शुभमन गिल ने 50 और यशस्वी जायसवाल ने 45 रन की पारी खेली थी। 

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