Supreme Court: स्कूलों-अस्पतालों और बस अड्डों से हटाएं जाएं आवारा कुत्ते...स्ट्रे डॉग्स पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
खबर सार :-
Supreme Court Order on Stray Dogs: सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों और पशुओं के बढ़ते खतरे पर कड़ा रुख अपनाते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को तत्काल कार्रवाई करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के उस निर्देश को दोहराया जिसमें सभी राजमार्गों और सड़कों से पशुओं को हटाने, चौबीसों घंटे गश्ती दल तैनात करने और एक हेल्पलाइन स्थापित करने का निर्देश दिया गया था।
खबर विस्तार : -
Supreme Court Order on Stray Dogs: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को आवारा कुत्तों और मवेशियों के बढ़ते खतरे पर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा फैसला लिया है। कोर्ट ने सार्वजनिक स्थानों पर आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे से निपटने और हाईवे से आवारा मवेशियों और अन्य जानवरों को हटाने के लिए कई निर्देश जारी किए। सुप्रीम कोर्ट ने देश भर में आवारा कुत्तों के प्रबंधन से संबंधित मामले की स्वतः सुनवाई करते हुए आदेश दिया कि सभी सार्वजनिक स्थानों जैसे अस्पतालों, सार्वजनिक खेल परिसरों, रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों, शैक्षणिक संस्थानों और डिपो जैसे सभी सार्वजनिक स्थानों पर आवारा कुत्तों के प्रवेश को रोकने के लिए उचित बाड़ लगाई जानी चाहिए।
Supreme Court Order: सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया सख्त आदेश
न्यायमूर्ति नाथ की अध्यक्षता वाली पीठ ने स्थानीय नगर निकायों को ऐसे स्थानों की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया। इसने यह भी आदेश दिया कि अनिवार्य टीकाकरण और नसबंदी के बाद, पशुओं को पशु जन्म नियंत्रण (एबीसी) नियम 2023 के अनुसार निर्दिष्ट आश्रयों में स्थानांतरित किया जाए। कोर्ट ने आदेश दिया कि सभी राष्ट्रीय और राज्य मार्गों पर 24 घंटे गश्ती दल तैनात किए जाएं और आपातकालीन फोन नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएं ताकि घटनाओं की तुरंत सूचना दी जा सके। सर्वोच्च न्यायालय ने सभी राज्यों को निर्देश दिया कि यह व्यवस्था उन्हें वापस सड़क पर छोड़ने के लिए नहीं, बल्कि उनके लिए गौशालाओं या पशु आश्रयों में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई है।
कोर्ट ने समय-समय पर निरीक्षण करने का भी आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने राजमार्गों से आवारा पशुओं और अन्य जानवरों को तुरंत हटाने का आदेश जारी किया। ऐसे जानवरों को बिना किसी देरी के निर्दिष्ट आश्रय स्थलों तक पहुंचाया जाए। इतना ही नहीं सुप्रीम कोर्ट ने दिशानिर्देशों को लागू करने के लिए उठाए गए कदमों पर आठ हफ्तों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट भी मांगी है।
Supreme Court ने एबीसी के नियमों पर जताई थी नाराजगी
दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने पहले एबीसी नियमों के कार्यान्वयन में कमियों के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से नाराजगी व्यक्त की थी। कोर्ट ने कहा कि आवारा पशुओं (Stray Dogs) से जुड़ी कई घटनाएं न केवल जन सुरक्षा को खतरे में डालती हैं, बल्कि देश की अंतरराष्ट्रीय छवि को भी धूमिल करती हैं। कोर्ट ने कहा, "ऐसी घटनाएं लगातार होती रहती हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि को भी नुकसान पहुंचाती हैं।
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