पुणे में MPSC छात्रों का आंदोलन तेज, राहुल गांधी और शरद पवार के समर्थन का दावा

खबर सार :-

पुणे में MPSC छात्रों का अनशन और सत्याग्रह दूसरे दिन तेज हो गया। रोहित पवार के मुताबिक भूख हड़ताल में 7 छात्र शामिल हैं। राहुल गांधी, शरद पवार और ठाकरे गुट के नेताओं के समर्थन की बात कही गई।
पुणे में MPSC छात्रों का आंदोलन तेज, समर्थन में उतरेंगे राहुल गांधी

खबर विस्तार : -

पुणे: महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) से जुड़ी मांगों को लेकर पुणे में छात्रों का अनशन और सत्याग्रह दूसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलन को लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने दावा किया कि पांच छात्रों से शुरू हुई भूख हड़ताल में अब दो और छात्राएं शामिल हो गई हैं। इसके साथ ही भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। रोहित पवार ने रविवार को आंदोलन स्थल पर छात्रों की बढ़ती भागीदारी का जिक्र करते हुए कहा कि अगर सरकार ने छात्रों की मांगों पर जल्द कोई फैसला नहीं लिया तो सोमवार तक आंदोलन में शामिल छात्रों की संख्या काफी बढ़ सकती है। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन में छात्रों की संख्या 70 हजार तक पहुंच सकती है।

भूख हड़ताल में दो और छात्राएं शामिल

रोहित पवार ने कहा कि शनिवार को पांच छात्रों ने भूख हड़ताल पर बैठने का फैसला किया था। रविवार सुबह दो और छात्राओं ने अपनी इच्छा से भूख हड़ताल में हिस्सा लिया। इनमें एक छात्रा मराठवाड़ा और दूसरी पुणे से बताई गई है। उन्होंने कहा कि भूख हड़ताल में शामिल छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है। रोहित पवार ने सरकार से छात्रों की मांगों पर जल्द रास्ता निकालने की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्रों के मुद्दे को लेकर आंदोलन अब व्यापक रूप ले रहा है और आने वाले दिनों में इसमें और लोग शामिल हो सकते हैं। उन्होंने सरकार से बातचीत के जरिए जल्द समाधान निकालने की जरूरत बताई।

कई विपक्षी नेता आंदोलन के समर्थन में

MPSC छात्रों के आंदोलन को लेकर विपक्षी दलों के नेताओं की सक्रियता भी बढ़ गई है। रोहित पवार ने कहा कि रविवार शाम संजय राउत, सतेज पाटिल और राज ठाकरे छात्रों के समर्थन में आंदोलन स्थल पर पहुंचने वाले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में राहुल गांधी और शरद पवार भी छात्रों के समर्थन में पुणे आ सकते हैं। रोहित पवार के मुताबिक, आंदोलन को राजनीतिक नेताओं का समर्थन मिलने से छात्रों की मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ सकता है। रोहित पवार ने कहा कि छात्रों के आंदोलन को राहुल गांधी की ओर से मिले समर्थन के लिए वह उनका आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने अपील की कि यदि सरकार की ओर से जल्द कोई फैसला नहीं होता है तो राहुल गांधी छात्रों के लिए समय निकालकर उनके बीच पहुंचें।

MPSC में भ्रष्टाचार का आरोप

रोहित पवार ने अपने बयान में MPSC की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस आयोग का गठन राज्य को बेहतर अधिकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया था, उसमें भ्रष्टाचार शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि छात्रों को न्याय दिलाने और राज्य को योग्य अधिकारी उपलब्ध कराने के लिए व्यवस्था में सुधार जरूरी है। हालांकि, भ्रष्टाचार से जुड़े उनके आरोप राजनीतिक बयान के तौर पर सामने आए हैं और इनके संबंध में संबंधित पक्ष का जवाब इस बयान में उपलब्ध नहीं है। रोहित पवार ने कहा कि छात्रों के मुद्दे को लेकर सभी नेताओं और संगठनों को एकजुट होकर उनकी मांगों को उठाना चाहिए।

ठाकरे परिवार के नेताओं का भी समर्थन

रोहित पवार ने आंदोलन के समर्थन में सामने आए नेताओं का जिक्र करते हुए कहा कि इनमें उद्धव ठाकरे, राज ठाकरे, आदित्य ठाकरे, अमित ठाकरे और संजय राउत जैसे नेता शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन में छात्रों की बड़ी संख्या में मौजूदगी राजनीतिक नेताओं के समर्थन से अधिक महत्वपूर्ण है। उनके मुताबिक, छात्रों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और यह आंदोलन आने वाले दिनों में और बड़ा हो सकता है। रोहित पवार ने हाल के चुनाव आयोग से जुड़े आंदोलनों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उन आंदोलनों के बाद अब उद्धव ठाकरे और संजय राउत छात्रों के आंदोलन में शामिल होने के लिए आ रहे हैं।

छात्रों की मांगों पर समाधान की मांग

MPSC छात्रों का आंदोलन अब भूख हड़ताल और सत्याग्रह के दूसरे दिन में प्रवेश कर चुका है। छात्रों की मांगों को लेकर सरकार और आंदोलनकारियों के बीच समाधान निकालने की मांग लगातार उठ रही है। रोहित पवार ने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द छात्रों से बातचीत कर रास्ता निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों का आंदोलन केवल परीक्षा और भर्ती से जुड़े मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य में बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था और योग्य अधिकारियों की नियुक्ति से भी जुड़ा विषय है। फिलहाल पुणे में आंदोलन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। छात्रों की भूख हड़ताल जारी है और विपक्षी नेताओं के संभावित दौरे से आंदोलन को लेकर आगे की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है। सरकार की ओर से छात्रों की मांगों पर क्या कदम उठाए जाते हैं और आंदोलन आगे किस दिशा में जाता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

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