जंतर-मंतर पर बवाल तेज़: गांधी स्मृति की ओर बढ़े राहुल गांधी, पुलिस का पासपोर्ट रद्द करने का अल्टीमेटम, 16 मेट्रो स्टेशन बंद

खबर सार :-

दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का छात्र आंदोलन उग्र हो गया है। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और सरकार के बीच तीखी बयानबाज़ी ज़ारी है। दिल्ली पुलिस ने 16 मेट्रो स्टेशन बंद किए हैं और उपद्रवियों के पासपोर्ट रद्द करने की चेतावनी दी है।
जंतर-मंतर पर बवाल तेज़: गांधी स्मृति की ओर बढ़े राहुल गांधी, पुलिस का पासपोर्ट रद्द करने का अल्टीमेटम, 16 मेट्रो स्टेशन बंद

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर शिक्षा नीति और पेपर लीक के मुद्दों को लेकर जारी छात्र आंदोलन (Student Protest) ने गुरुवार को एक नया और बेहद गंभीर रुख इख्तियार कर लिया है। बीते एक महीने से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (Jantar Mantar CJP Protest) के बैनर तले छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर डटे हुए हैं। गुरुवार को अचानक भड़की हिंसा, पथराव और पुलिस लाठीचार्ज के बाद पूरे लुटियंस ज़ोन में तनाव फैल गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है और राजीव चौक सहित 16 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया गया है। वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी विपक्षी सांसदों के साथ गांधी स्मृति की ओर मार्च कर रहे हैं, जिससे सियासी तापमान अपने चरम पर पहुँच गया है।

पीएम मोदी की पहली प्रतिक्रिया: फास्ट-ट्रैक कोर्ट के ज़रिए मिलेगी कड़ी सज़ा

देशभर में छात्रों के बढ़ते गुस्से और प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi Statement) ने पहली बार इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर जारी एक विस्तृत संदेश में प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं को भरोसा दिलाया कि सरकार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शने के मूड में नहीं है।

प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा:

"हमारे युवाओं की भलाई और उनका भविष्य हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। हमने पेपर लीक जैसे मामलों में शामिल अपराधियों को जल्द और कठोरतम सज़ा दिलाने के उद्देश्य से विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का निर्णय लिया है। संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में अविलंब कानूनी कदम उठाने के सख्त निर्देश दे दिए गए हैं। जो भी लोग हमारे युवाओं के सुनहरे भविष्य को नुकसान पहुँचाने का दुस्साहस करेंगे, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।"

सरकार के सूत्रों का दावा है कि स्थिति को बातचीत से सुलझाने के लिए बुधवार दोपहर से लेकर अब तक चार बार प्रदर्शनकारी नेताओं को औपचारिक संवाद का न्योता भेजा गया है। हालांकि, सीजेपी नेतृत्व ने सरकार के इन प्रस्तावों को स्पष्ट रूप से ठुकरा दिया है।

न्यूट्रल ग्राउंड की शर्त और सीजेपी का पलटवार

सरकार के बातचीत के प्रस्ताव खारिज होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (Jantar Mantar CJP Protest) की ओर से आधिकारिक बयान सामने आया है। पार्टी प्रवक्ता सौरभ दास ने केंद्रीय मंत्रियों द्वारा दिए गए प्रस्तावों पर रुख साफ करते हुए कहा कि वार्ता बंद कमरों में नहीं बल्कि पारदर्शी स्थान पर होनी चाहिए।

सौरभ दास ने कहा:

"यदि सरकार वास्तव में बातचीत के प्रति गंभीर है, तो केंद्रीय मंत्रियों को या तो खुद जंतर-मंतर आकर छात्रों से सीधे संवाद करना चाहिए, या फिर 'कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया' जैसी किसी तटस्थ जगह (Neutral Ground) पर बैठक तय करनी चाहिए। हमें मीडिया या सूत्रों के माध्यम से संदेश भेजने के बजाय सीधे आधिकारिक संपर्क करना चाहिए ताकि समय और स्थान पर सर्वसम्मति बन सके।"

वहीं, सीजेपी के वरिष्ठ नेता अभिजीत दीपके ने धरना स्थल पर हुई हिंसा के पीछे सत्ताधारी दल का हाथ होने का गंभीर आरोप लगाया है। दीपके का कहना है कि पिछले एक महीने से जंतर-मंतर पर चल रहा प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण और अनुशासित था। लेकिन आंदोलन की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर बाहर से असामाजिक तत्वों को भेजा गया है।

अभिजीत दीपके ने आरोप लगाते हुए कहा:

"प्रदर्शन को बदनाम करने की सोची-समझी साजिश रची गई है। पुलिस की निगरानी में पत्थरों से भरे वाहन धरना स्थल के पास लाए जा रहे हैं। भाजपा से जुड़े उपद्रवी भीड़ में घुसकर पथराव कर रहे हैं ताकि इसका दोष निर्दोष छात्रों और सीजेपी कार्यकर्ताओं पर मढ़ दिया जाए।"

प्रियंका गांधी का तीखा हमला: क्या ये छात्र आतंकवादी हैं?

जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय को आड़े हाथों लिया। उन्होंने इंटरनेट सेवाओं के निलंबन और दमनकारी नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए।

प्रियंका गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर हमला बोलते हुए कहा:

"क्या आपने गृह मंत्री से यह पूछने की हिम्मत दिखाई कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिस ने बेरहमी से लाठीचार्ज क्यों किया? आखिर दर्जनों छात्र अस्पतालों में इलाज कराने के लिए मजबूर क्यों हैं? जब दिल्ली के इलाकों में इंटरनेट बंद कर दिया गया, तो बाहर से आए छात्र अपने चिंतित माता-पिता को अपनी सलामती की खबर भी नहीं दे सके। हद तो तब हो गई जब छात्रों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) जैसी कठोर धाराएं लगाने की बातें की जा रही हैं। क्या अपने हक की आवाज़ उठाने वाले देश के ये युवा छात्र कोई आतंकवादी हैं?"

इसी बीच, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों के एक विशाल प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों के समर्थन में गांधी स्मृति की तरफ मार्च करना शुरू कर दिया है। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि पूरा संयुक्त विपक्ष इस संकट की घड़ी में देश के छात्रों के साथ मजबूती से खड़ा है।

सुरक्षा व्यवस्था सख्त: 16 मेट्रो स्टेशन बंद और पासपोर्ट रद्द करने की चेतावनी

दिल्ली में बढ़ते राजनीतिक घमासान और हिंसा की घटनाओं को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। मेट्रो सेवाओं पर प्रतिबंध: सुरक्षा कारणों के मद्देनजर गुरुवार सुबह 7:30 बजे से लुटियंस दिल्ली के 16 महत्वपूर्ण मेट्रो स्टेशनों को अनिश्चितकाल के लिए आम यात्रियों के लिए बंद कर दिया गया है। बंद किए गए प्रमुख स्टेशनों में राजीव चौक, पटेल चौक, लोक कल्याण मार्ग, जनपथ, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, आईटीओ, दिल्ली गेट, खान मार्केट और जंगपुरा शामिल हैं। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट जैसे बड़े जंक्शनों पर यात्रियों के लिए इंटरचेंज (Interchange Facility) की सुविधा चालू रहेगी।

कठोर कानूनी कार्रवाई का अल्टीमेटम: दिल्ली पुलिस के शीर्ष सूत्रों के अनुसार, जंतर-मंतर पर हुई हिंसा (Jantar Mantar CJP Protest) और तोड़फोड़ में शामिल लोगों की पहचान सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन कैमरों की रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के जरिए की जा रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि उपद्रव, दंगा भड़काने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान पूरी होते ही उनके पासपोर्ट रद्द (Passport Cancellation) करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, ताकि वे भविष्य में किसी भी सरकारी सुविधा या विदेश यात्रा से वंचित हो सकें।

राजधानी दिल्ली छावनी में तब्दील

राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर क्षेत्र इस समय छावनी में तब्दील हो चुका है। फिलहाल गुरूवार-शुक्रवार की रात 12 बजे तक इंटरनेट सेवाओं को स्थगित कर दिया गया है। एक तरफ जहां छात्र अपनी मांगों पर अडिग हैं और सरकार की शर्तों को मानने से इंकार कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार को संसद से लेकर सड़क तक घेरने की रणनीति पर काम कर रहा है। Jantar Mantar CJP Protest के चलते पूरे मध्य दिल्ली में यातायात प्रभावित हुआ है, जिससे आम जनता को भी आवाजाही में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। आने वाले घंटों में यदि संवाद का कोई नया रास्ता नहीं निकला, तो यह आंदोलन और अधिक व्यापक रूप ले सकता है। 

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