असम में धनसिरी नदी का बढ़ रहा जलस्तर, बाढ़ का खतरा; आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सावधान रहने की दी चेतावनी

खबर सार :-

असम के कुछ हिस्सों में बाढ़ का खतरा फिर से मंडराने लगा है। धनसिरी नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। नागरिकों को सतर्क रहने और नदी से दूर रहने की सलाह दी गई है।
असम में फिर गहराया बाढ़ का खतरा, 15 जिलों के 1.68 लाख लोग प्रभावित

खबर विस्तार : -

गुवाहाटी: असम बाढ़ की विभीषिका से पूरी तरह उबर भी नहीं पाया है कि राज्य के कई हिस्सों में एक बार फिर खतरा उत्पन्न हो गया है। शुक्रवार को असम में बाढ़ की स्थिति चिंताजनक बनी रही। गोलाघाट जिले में धनसिरी (दक्षिण) नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसे देखते हुए, असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) ने एक सार्वजनिक सलाह जारी की है, जिसमें आसपास के इलाकों के लोगों से सतर्क रहने और स्थिति में सुधार होने तक नदी से दूर रहने का आग्रह किया गया है। 

यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब 15 जिलों में 1.68 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। ऊपरी असम के मुख्य रूप से चार जिलों शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट एवं गोलाघाट बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। राज्य सरकार के मंत्री जिलों में बैठकें कर राहत एवं पुनर्वास कार्य को तेज करने के लिए समीक्षा बैठक कर रहे हैं। क्षतिग्रस्त घरों का सर्वे 9 अगस्त से शुरू होना है। 

गोलाघाट और उदालगुरी में मिले शव

सरकार ने प्रारंभिक तौर पर प्रत्येक प्रभावित परिवार को 15 हजार रुपये की मदद मुहैया कराई है। मृतकों के आश्रितों को 9 लाख रुपये की राहत राशि बांटी जा रही है। इस बीच राहत और बचाव अभियान के दौरान गुरुवार को गोलाघाट जिले में 1 और उदालगुरी जिले में 1 शव बरामद किया गया। इसी के साथ बाढ़ से राज्य में मरने वालों की संख्या बढ़कर 96 हो गई है।

राज्य की कुल 1,68,701 आबादी प्रभावित

बाढ़ से अभी 15 जिले प्रभावित हैं। प्रभावित जिलों में गोलाघाट, शिवसागर, उदालगुरी, कामरूप (मेट्रो), नगांव, कामरूप, दरंग, शोणितपुर, होजाई, लखीमपुर, बिश्वनाथ, जोरहाट, चराईदेव, कार्बी आंगलोंग एवं धेमाजी शामिल हैं। इन जिलों के 39 राजस्व मंडलों के कुल 481 गांव प्रभावित हैं। वर्तमान समय में राज्य की कुल 1,68,701 आबादी अभी भी प्रभावित है एवं 14382.26 हेक्टेयर कृषि भूमि पानी में डूबी हुई है।

राहत शिविरों में 10111 लोगों ने लिया आश्रय

प्रभावित लोगों की मदद के लिए अभी भी 50 राहत शिविर एवं 83 राहत वितरण केंद्र संचालित हैं। राहत शिविरों में 10111 लोग आश्रय लिए हुए हैं। वितरण केंद्रों पर 35596 गैर-शिविर निवासी राहत प्राप्त कर रहे हैं। क्षतिग्रस्त कच्चे मकानों की कुल संख्या 38 बताई गई है। यह आंकड़ा शिवसागर जिले में दर्ज किया गया है। वहीं पूरी तरह से क्षतिग्रस्त पक्के मकानों की संख्या शिवसागर जिले में दो दर्ज हुई है। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कच्चे मकानों की संख्या 285 दर्ज हुई है।

राहत व बचाव कार्यों में जुटी एजेंसियां

राज्य के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान में एसडीआरएफ, सेना, अर्धसैनिक बल, एनडीआरएफ, डीडीआरएफ, वायु सेना, पुलिस, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाएं (एफ ऐंड ईएस), सर्कल कार्यालय, स्थानीय प्रशासन, नागरिक सुरक्षा, प्रशिक्षित स्वयंसेवक और अग्निशमन विभाग जुटे हुए हैं। बाढ़ से बड़े पैमाने पर सड़क, पुल एवं अन्य आधारभूत ढांचे को नुकसान पहुंचा है। सरकार प्रभावित क्षेत्रों में हर संभव मदद पहुंचा रही है।

असम में बाढ़ राहत के नाम पर चंदा वसूली पर सख्ती

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को राज्यभर में बाढ़ राहत के नाम पर बिना अनुमति चंदा इकट्ठा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस को सार्वजनिक सड़कों पर चलाए जा रहे ऐसे सभी अनधिकृत चंदा संग्रह अभियानों पर तत्काल रोक लगाने को कहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति या संगठन को वाहनों को रोककर, दान पेटियां लेकर या ट्रैफिक चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर क्यूआर कोड दिखाकर बाढ़ पीड़ितों के नाम पर धन जुटाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए जनता का सहयोग स्वागतयोग्य है, लेकिन धन संग्रह की प्रक्रिया पारदर्शी, जवाबदेह और कानून के दायरे में होनी चाहिए, ताकि मानवीय सहायता के नाम पर किसी तरह के दुरुपयोग को रोका जा सके।

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भूटान में बांध के गेट खुलने से बाढ़ आने के दावे खारिज

असम सरकार ने भूटान में बांध के गेट खोलने के कारण राज्य में बाढ़ की स्थिति पैदा होने के दावों का खंडन किया है। सरकार ने इन दावों को बेबुनियाद और तथ्यों के लिहाज से गलत बताया है। राज्य के मुख्य सचिव रवि कोटा ने एक बयान में कहा कि 'भूटान नदी: 3 गेट खोले गए' जैसी एडवाइजरी शेयर की जा रही है, जिसका कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है। भूटान के हाइड्रोलॉजी विभाग की ओर से शेयर जानकारी इसके उलट थी। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि नदी के बहाव में हालिया बढ़ोतरी ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण हुई है, न कि भूटान में बांधों से पानी छोड़े जाने की किसी घटना के कारण है।

सोशल मीडिया पोस्ट या अफवाहों पर भरोसा न करें

असम के मुख्य सचिव ने कहा कि असम और भूटान के बाढ़ नियंत्रण अधिकारी लगातार समन्वय बनाए हुए हैं और बारिश के पैटर्न, नदी के जलस्तर और निचले इलाकों पर असर डालने वाली किसी भी घटनाक्रम पर वास्तविक समय में जानकारी का आदान-प्रदान कर रहे हैं। सरकार ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे बाढ़ से संबंधित घटनाक्रमों के बारे में बिना पुष्टि वाली सोशल मीडिया पोस्ट या अफवाहों पर भरोसा न करें। सरकार ने जनता से यह भी अपील की कि वे सिर्फ अधिकारियों की ओर से जारी आधिकारिक एडवाइजरी का पालन करें।

बाढ़ पीड़ित छात्रों को मुफ्त किताबों के लिए सरकार देगी पैसे

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए राहत और पुनर्वास उपायों को तेज कर दिया है। उन्होंने घोषणा की कि सभी प्रभावित जिलों में नई पाठ्यपुस्तकें भेज दी गई हैं और छात्रों को अध्ययन सामग्री खरीदने के लिए वित्तीय सहायता गुरुवार से शुरू की जाएगी। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में स्कूल 10 अगस्त को फिर से खुलने वाले हैं और यह सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं कि छात्र बिना किसी और बाधा के अपनी शिक्षा फिर से शुरू कर सकें।

 

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