असम में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे जेपी नड्डा, प्रभावित परिवारों से की मुलाकात
खबर सार :-
असम में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा शिवसागर जिले में पहुंचे। उन्होंने खराब हुई फसलों का निरीक्षण कर प्रभावित लोगों की समस्याएं सुनी।
खबर विस्तार : -
डिब्रूगढ़: असम, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश के अपने तीन-राज्यों के दौरे के दूसरे दिन बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण तथा रसायन और उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा हेलीकॉप्टर से शिवसागर जिले के नेपाली खूंटी गांव पहुंचे, जो असम में बाढ़ से सबसे बुरी तरह प्रभावित इलाका है। इसके बाद, उन्होंने ट्रैक्टर पर बैठकर बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। उनके साथ मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा, स्वास्थ्य मंत्री अशोक सिंघल, मंत्री केशव महंत और पीयूष हजारिका के साथ-साथ कई स्थानीय विधायक और नेता भी मौजूद थे।
वहां से, नड्डा नागालैंड के मोन जिले में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने के लिए आगे बढ़ेंगे। केंद्रीय मंत्री मंगलवार को डिब्रूगढ़ पहुंचे थे और उन्होंने रात मनोहरि रिसॉर्ट में बिताई। आज, वह प्रभावित गांवों, राहत शिविरों और खराब हुई फसलों व घरों का निरीक्षण कर रहे हैं, साथ ही बाढ़ प्रभावित परिवारों से मिलकर उनकी समस्याएं भी सुन रहे हैं। नागालैंड से डिब्रूगढ़ लौटने पर, वह मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा और असम सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे और स्थानीय कार्यक्रमों में भाग लेंगे। वह रात डिब्रूगढ़ में ही बिताएंगे।
गुरुवार को अरुणाचल प्रदेश का करेंगे दौरा
गुरुवार को, केंद्रीय मंत्री नड्डा अरुणाचल प्रदेश के केयी पन्योर जिले के याजाली का दौरा करेंगे। वहां, वह अचानक आई बाढ़ (flash floods) और बादल फटने से प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे, क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों और राहत शिविरों का निरीक्षण करेंगे और प्रभावित परिवारों से मिलेंगे। इसके बाद, वह ईटानगर में अरुणाचल प्रदेश सरकार के साथ समीक्षा बैठक करेंगे और उसी दिन गुवाहाटी होते हुए नई दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।
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ऊपरी असम के चार जिले बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित
ऊपरी असम के चार जिले शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। हालांकि नदियों का जलस्तर कम हो गया है, लेकिन घर और सड़कें अभी भी पानी और कीचड़ से भरे हुए हैं। सरकार के साथ-साथ स्वयंसेवी संस्थाएं और लोग भी राहत कार्यों में मदद के लिए प्रभावित इलाकों में पहुंच रहे हैं।
धनसिरी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) द्वारा 4 अगस्त को जारी आंकड़ों के अनुसार, केवल धनसिरी नदी (नुमालीगढ़ में) खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। मंगलवार को शिवसागर और गोलाघाट जिलों में एक-एक शव बरामद किया गया, जिससे राज्य में बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या 89 हो गई है। दस जिले अभी भी बुरी तरह प्रभावित हैं, जिनमें शिवसागर, धेमाजी, गोलाघाट, डिब्रूगढ़, चराइदेव, कामरूप (मेट्रो), विश्वनाथ, लखीमपुर, जोरहाट और नागांव शामिल हैं। इन जिलों के 28 राजस्व क्षेत्रों (रेवेन्यू सर्कल) में कुल 365 गांव प्रभावित हुए हैं। बाढ़ से 1,22,137 लोगों की आबादी प्रभावित है और 15,342.92 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न है।
55 कैंपों में रह रहे 12,382 लोग
राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए कुल 55 कैंप चला रही है, जिसमें 39 राहत कैंप और 16 राहत बांटने वाले सेंटर शामिल हैं। वर्तमान में, 12,382 लोग राहत कैंपों में रह रहे हैं, जबकि 5,475 लोग जो कैंपों में नहीं रह रहे हैं, उन्हें वितरण केंद्रों पर राहत सामग्री मिल रही है। राहत और बचाव कार्यों के लिए SDRF, सेना/अर्धसैनिक बल, NDRF, DDRF, वायु सेना, पुलिस, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाएं (F&ES), सर्कल कार्यालय/स्थानीय प्रशासन, नागरिक सुरक्षा/प्रशिक्षित स्वयंसेवक और अग्निशमन विभाग को तैनात किया गया है। बाढ़ से सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचों को भारी नुकसान पहुंचा है।
सोमवार को बाढ़ प्रभावित लोगों से मिले मुख्यमंत्री
सोमवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma ) ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया । साथ ही राज्य में आई बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए एक बड़े राहत पैकेज की घोषणा की। उन्होंने बताया कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए लाभार्थियों के बैंक खातों में लगभग 160 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की गई है। Himanta Biswa Sarma ने यह भी घोषणा की कि आने वाले दिनों में शिवसागर और चराइदेव में बुरी तरह प्रभावित परिवारों को ₹10,000 की अतिरिक्त सहायता राशि जारी की जाएगी। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया, लोगों से मुलाकात की और उनकी शिकायतें सुनीं। उन्होंने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि इस मुश्किल समय में राज्य सरकार मजबूती से उनके साथ खड़ी है और हर संभव मदद दी जाएगी।
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