प्रधानमंत्री मोदी ने असम के सांसदों से की बाढ़ की स्थिति पर चर्चा, मदद का आश्वासन
खबर सार :-
असम में बाढ़ का पानी लगातार घट रहा है। असम के शिवसागर, चराईदेव एवं जोरहाट जिले बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं। खेतों में फसलें बर्बाद हो गई हैं। अब लोग घरों, सड़कों और विद्यालयों में पानी के साथ आई मिट्टी की गाद की सफाई करने में जुटे हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को असम के सांसदों के साथ मुलाकात कर बाढ़ की स्थिति पर चर्चा की और केंद्र सरकार की ओर से मदद का भरोसा दिया है।
खबर विस्तार : -
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को असम के सांसदों (MPs) से मुलाकात की। इस दौरान केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और पबित्रा मार्गेरिटा भी मौजूद थे और राज्य में बाढ़ की स्थिति पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने उन्हें केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद और पूरे सहयोग का भरोसा दिलाया।
पीएम मोदी ने X पर पोस्ट किया, "असम के सांसदों से मुलाकात की और राज्य के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। केंद्र सरकार प्रभावित लोगों की मदद के लिए असम सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है। मैं सभी लोगों की सुरक्षा और भलाई के लिए प्रार्थना करता हूं।
অসমৰ সাংসদসকলক সাক্ষাৎ কৰি ৰাজ্যখনৰ বিভিন্ন প্ৰান্তৰ সাম্প্ৰতিক বান পৰিস্থিতি সম্পৰ্কে আলোচনা কৰিলো।
— Narendra Modi (@narendramodi) July 28, 2026
ক্ষতিগ্ৰস্তসকললৈ সহায় আগবঢ়োৱাৰ ক্ষেত্ৰত কেন্দ্ৰই অসম চৰকাৰৰ সৈতে ঘনিষ্ঠভাৱে কাম কৰি আছে। মই সকলোৰে সুৰক্ষা আৰু মঙ্গলৰ বাবে প্ৰাৰ্থনা জনাইছোঁ। pic.twitter.com/rKLLXWBZSp
असम में बाढ़ से जनजीवन प्रभावित
यह बैठक इसलिए अहम है क्योंकि असम भारी बारिश के कारण आई भीषण बाढ़ से जूझ रहा है। कई जिले प्रभावित हुए हैं, बड़े इलाके जलमग्न हैं और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बाढ़ प्रभावित कई इलाकों में राहत और बचाव कार्य चल रहे हैं। हजारों लोग अपने घरों से विस्थापित हो गए हैं और राज्य प्रशासन द्वारा बनाए गए राहत शिविरों में रह रहे हैं। केंद्र और असम सरकारें बाढ़ के असर को कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। इस बीच, प्रधानमंत्री ने राज्य को हर संभव मदद का भरोसा दिया है।
राहत व बचाव कार्यों में जुटीं एजेंसियां
नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) समेत कई केंद्रीय एजेंसियां राहत और बचाव कार्यों में राज्य प्रशासन की मदद कर रही हैं। ये एजेंसियां फंसे हुए लोगों को निकालने और राहत सामग्री पहुंचाने के काम में जुटी हैं। असम सरकार प्रभावित परिवारों को भोजन, पीने का पानी, दवाएं और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध करा रही है।
बारिश से फिर बढ़ा बाढ़ का खतरा
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त सड़कों, बिजली के बुनियादी ढांचे और संचार सेवाओं को बहाल करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। अधिकारी तटबंधों की स्थिति और नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखे हुए हैं। राज्य के विभिन्न हिस्सों में रुक-रुक कर हो रही बारिश ने संवेदनशील इलाकों में फिर से बाढ़ आने की आशंका को लेकर चिंता बढ़ा दी है। वहीं, धनसिरी (नुमालीगढ़) नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
पीएम ने दिया मदद का भरोसा
माना जा रहा है कि सांसदों ने प्रधानमंत्री को बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति और चल रहे राहत कार्यों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने प्रभावित जिलों में बचाव, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए केंद्र सरकार से लगातार सहयोग की मांग भी की। केंद्र सरकार ने एक बार फिर कहा है कि वह बाढ़ प्रभावित लोगों को समय पर राहत और पुनर्वास सहायता सुनिश्चित करने के लिए असम सरकार को हर जरूरी मदद देना जारी रखेगी।
बाढ़ ने बदली गांवों की तस्वीर
असम में बाढ़ का पानी अब तेजी से कम हो रहा है, लेकिन प्रभावित इलाकों का नजारा पूरी तरह बदल गया है। खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं, जबकि घरों, सड़कों और स्कूलों में बाढ़ के पानी से जमा हुई गाद (silt) ने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है। प्रभावित लोगों की आंखों में उदासी और खालीपन साफ देखा जा सकता है। हालांकि सरकार हर संभव उपाय करने का दावा कर रही है, फिर भी हालात ने एक नई चुनौती पेश की है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) द्वारा 26 जुलाई को जारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य में दो और लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिससे मरने वालों की कुल संख्या 68 हो गई है।
उम्मीद से ज्यादा हुआ नुकसान
जिन इलाकों में इस बार बाढ़ आई है, वहां आम तौर पर बाढ़ नहीं आती, इसलिए नुकसान उम्मीद से कहीं ज्यादा हुआ है। बाढ़ की मुख्य वजह पड़ोसी राज्य नागालैंड में बादल फटने से पानी का अचानक बढ़ना था; इससे नागालैंड के साथ-साथ असम के शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट ज़िलों पर भी बुरा असर पड़ा। खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं। लोग अब अपने घरों, सड़कों और स्कूलों से बाढ़ के पानी के साथ आई गाद (कीचड़) को साफ करने में जुटे हैं।
ये भी पढ़ेंः- असम में बाढ़ से 25 जिलों के 7,27,506 लोग प्रभावित, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने दिया मदद का भरोसा
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