असम में बाढ़ से 25 जिलों के 7,27,506 लोग प्रभावित, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने दिया मदद का भरोसा

खबर सार :-

असम में बाढ़ से 25 जिलों के सात लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। राज्य में बाढ़ से इस साल अभी तक 31 लोगों की मौत हो चुकी है और 3 लापता हैं। बुधवार को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने चराइदेव जिले में एक राहत शिविर का दौरा किया और बाढ़ से प्रभावित लोगों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। राज्य में 95 राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां 18,574 लोग रह रहे हैं।
असम में बाढ़ से 25 जिलों के 7,27,506 लोग प्रभावित, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने दिया मदद का भरोसा

खबर विस्तार : -

गुवाहाटी: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को बताया कि इस साल 29 अप्रैल से 21 जुलाई के बीच राज्य के 25 जिलों में 7,27,506 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित लोगों के लिए राहत, पुनर्वास और आजीविका बहाल करने के काम में लगातार जुटी हुई है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर बाढ़ की ताजा स्थिति साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा, "असम में बाढ़ से हुई व्यापक तबाही का यह असली पैमाना है। मैंने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया है कि इस संकट की घड़ी में वे अकेले नहीं हैं। राहत, पुनर्वास और आजीविका को फिर से खड़ा करने के हर कदम पर हमारी सरकार उनके साथ खड़ी है।

 

ये जिले बाढ़ से प्रभावित

मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी आंकड़ों के अनुसार, बाढ़ से 25 जिले प्रभावित हुए हैं, जिनमें गोलपारा, कछार, लखीमपुर, धेमाजी, डिब्रूगढ़, जोरहाट, विश्वनाथ, चराइदेव, नलबाड़ी, बाजाली, चिरांग, कोकराझार, बोंगाईगांव, बक्सा, शिवसागर, दरांग, सोनितपुर, तिनसुकिया, उदलगुरी, गोलाघाट, नगांव, कार्बी आंगलोंग, कामरूप, कामरूप मेट्रोपॉलिटन और होजई शामिल हैं।

95 राहत शिविरों में रह रहे 18,574 लोग

आंकड़ों से पता चलता है कि बाढ़ ने 74 राजस्व सर्किलों और 1,700 गांवों को प्रभावित किया है। फिलहाल राज्य में 95 राहत शिविर चल रहे हैं, जिनमें 18,574 विस्थापित लोग रह रहे हैं। इसके अलावा, प्रभावित परिवारों को भोजन, पीने का पानी और अन्य जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराने के लिए 469 राहत वितरण केंद्र बनाए गए हैं।

अब तक 31 लोगों की मौत, तीन लापता

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस साल अब तक बाढ़ के कारण 31 लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे ज्यादा 14 मौतें शिवसागर जिले में हुईं। इसके अलावा, चराइदेव में छह, जोरहाट में पांच, धेमाजी और गोलाघाट में दो-दो, और सोनितपुर और कार्बी आंगलोंग में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई। वहीं, 19 अप्रैल को कामरूप मेट्रोपॉलिटन जिले में शहरी बाढ़ की घटना में भी एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। मुख्यमंत्री ने बताया कि फिलहाल धेमाजी, चराइदेव और कार्बी आंगलोंग से एक-एक व्यक्ति लापता हैं। 

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401 घरों को नुकसान, 185 जानवर बह गए

बाढ़ से संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचा है। जहां 401 घर पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं, वहीं 1,848 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। पशुधन को भी भारी नुकसान हुआ है; 185 जानवर बाढ़ में बह गए या मारे गए। इनमें 119 बड़े जानवर, 31 छोटे जानवर और 35 पोल्ट्री पक्षी शामिल हैं। असम सरकार, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों के साथ मिलकर प्रभावित क्षेत्रों में राहत वितरण, पुनर्वास और जरूरी सेवाओं को बहाल करने के लिए लगातार काम कर रही है।

बाढ़ से प्रभावित लोगों से मिले मुख्यमंत्री 

इस बीच, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने चराइदेव जिले में एक राहत शिविर का दौरा किया और बाढ़ से प्रभावित लोगों से मुलाकात की। उन्होंने कहा, "मैंने राहत शिविर में की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया और प्रभावित लोगों से बातचीत की। यहां मेडिकल टीमें और सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं। मैंने हर परिवार को भरोसा दिलाया है कि सरकार उनके साथ तब तक खड़ी रहेगी जब तक राहत, पुनर्वास और सामान्य स्थिति बहाल नहीं हो जाती।"

 

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