अमृता बागची ने दीया मिर्जा को कहा, हमदर्द इंसान, परफॉर्मेंस को बताया बेहतर

खबर सार :-

इन दिनों अभिनेत्री दीया मिर्जा और अभिनेत्री अमृता बागची चर्चा में हैं। इसका कारण है कि दीया को लेकर अमृता ने जो बातें कही हैं, वह दीया के आलोचकों को रास नहीं आ रही हैं।
दीया मिर्जा का परफॉर्मेंस अमृता बागची को भाया, इंडस्ट्री में बताया एक अच्छा इंसान

खबर विस्तार : -

मुंबई : इन दिनों अभिनेत्री दीया मिर्जा की बड़ी तारीफ की जा रही है। उनको हमदर्द इंसान के रूप में अभिनेत्री अमृता बागची ने पहचान किया है। वह इन दिनों वेब सीरीज ऑपरेशन सफेद सागर द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ द कारगिल वॉर में स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा की पत्नी अलका आहूजा के किरदार में नजर आ रही हैं। अमृता ने मीडिया से बातचीत के दौरान अभिनेत्री दीया मिर्जा की प्रशंसा की है। उनको एक अच्छा इंसान भी कहा। उन्होंने कहा कि दीया बहुत हमदर्द इंसान हैं, जो कि उनके परफॉर्मेंस में भी देखने को मिलती है।

यह भी पढ़ें   :अभिनेत्री अंतरा बनर्जी ने मीडिया से कहा, हटाएं उनका एफआईआर की खबर से फोटो, वेरिफाई के बाद करें री-वेरिफाई

अभिनेत्री और पर्यावरण कार्यकर्ता दीया मिर्जा सीरीज में विंग कमांडर बी.एस. धनोआ की पत्नी कमलप्रीत कौर धनोआ के किरदार में दर्शकों की राय कुछ भी हो पर एक दूसरे की बड़ाई में पीछे नहीं हट रही हैं। अमृता बागची ने जिस तरह से दीया के परफार्मेंस पर अपनी राय रखी है, शायद दर्शक समझ सकें। उन्होंने दीया मिर्जा के साथ काम करने का अपना नजरिया पेश किया। इस दौरान कहा कि जब भी आप दीया के साथ कोई सीन करते हैं, तो वह पहले से ही सीन के इमोशन में पूरी तरह से शामिल होती हैं।

हायरार्की में विश्वास नहीं करते सिद्धार्थ

उनके कहने का मतलब था कि दीया सीन से पहले खुद को तैयार कर लेती हैं। उनके लिए कुछ नया नहीं रह जाता है। अमृता कहती हैं कि दीया के साथ, बस यह रिएक्ट करने की बात थी कि वह क्या कर रही हैं। अभिनेत्री अमृता बागची ने सिद्धार्थ के साथ काम करने और अनुभव पर भी बात की। उन्होंने कहा कि वे हायरार्की में विश्वास नहीं करते। जाहिर सी बात है कि यह किसी के साथ काम करने के लिए आसान हो जाता है।

हमारा पहला फोकस सीन पर है होता 

अभिनेत्री ने कहानी को लेकर सिद्धार्थ के नजरिए पर कहा कि उनकी प्रायोरिटी हमेशा सीन ही होती है। वह देखते हैं कि किस परफार्म में हमें क्या हासिल हो रहा है। जहां पर काम करना है, उससे संबंधित सवाल आसानी से नहीं बचते हैं। कहानी की टॉपिक और सीन तो पहले ही पूछ लेते हैं। हो सकता है कि यह सब समझ लेने से कहानी की गंभीरता समझ में आ जाती है। वह कहती हेैं कि एक बार जब आप इन चीजों को समझ जाते हैं, तो आप सीन को प्रायोरिटी देते हैं। साथ के लोगों से मिलकर काम करते हैं।

कुछ नया करने की रहती है जिज्ञासा

अमृता सिद्धार्थ के बारे में कहती हैं कि वह खुद को सेंटर ऑफ अटेंशन में रखकर न दिक्कत देते हैं न दिक्कत लेते हैं। वह डायरेक्टर और बाकी सभी को सेंटर में रखते हैं। 
दूसरों के साथ आसानी से काम करने वालों पर उनकी राय है कि जब भी कुछ नया करने की कोशिश की जाए, और अंदर से लगे कि सीन या रैप को बेहतर बनाया जा सकता है तो वह तुरंत दूसरे लेवल पर जाकर करना चाहिए।

यह अच्छे काम करने वाले और सबको साथ लेकर चलने वाले की स्पेशलिटी है। इस दौरान ऑपरेशन सफेद सागर का भी जिक्र आया। द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ द कारगिल वॉर का निर्देशन ओनी सेन ने किया है। यह सीरीज 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना के ऐतिहासिक और चुनौतीपूर्ण हवाई अभियानों जुड़ा है। इसमें सच्ची गाथा का प्रदर्शन किया गया है। इसे 7 अगस्त से ही नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम किया गया है। 

यह भी पढ़ें  : पीएम जब सीएम थे, उन्होंने मुझसे कह दी जो बात, किसी सीएम ने आज तक नहीं कही: सुभाष घई

अन्य प्रमुख खबरें