SBI Mutual Fund का नया दांव! बैलेंस्ड हाइब्रिड फंड लॉन्च, 24 अगस्त तक निवेश का मौका
खबर सार :-
एसबीआई बैलेंस्ड हाइब्रिड फंड इक्विटी और डेट के बीच संतुलित निवेश का विकल्प देता है। NFO में 24 अगस्त तक निवेश किया जा सकता है और शुरुआत 5,000 रुपये से होती है। फंड 40-60 फीसदी इक्विटी में निवेश करेगा, जबकि बाकी राशि डेट इंस्ट्रूमेंट्स में जाएगी। हालांकि, निवेशकों को बाजार जोखिम, विदेशी निवेश और एग्जिट लोड जैसी शर्तों को समझकर ही फैसला लेना चाहिए।
खबर विस्तार : -
SBI Balanced Hybrid Fund : देश की प्रमुख एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में शामिल एसबीआई म्यूचुअल फंड ने निवेशकों के लिए नया बैलेंस्ड हाइब्रिड फंड लॉन्च किया है। एसबीआई बैलेंस्ड हाइब्रिड फंड एक ओपन-एंडेड हाइब्रिड स्कीम है, जिसका मकसद इक्विटी और डेट दोनों में निवेश के जरिए लंबी अवधि में पूंजी बढ़ाने के साथ आय का अवसर देना है। इसका न्यू फंड ऑफर यानी NFO 10 अगस्त से खुल चुका है और निवेशक 24 अगस्त 2026 तक इसमें पैसा लगा सकते हैं।
इक्विटी और डेट में होगा संतुलित निवेश
एसबीआई म्यूचुअल फंड के मुताबिक, नई स्कीम में निवेशकों का पैसा इक्विटी और डेट दोनों एसेट क्लास में लगाया जाएगा। फंड की कुल संपत्ति का 40 से 60 फीसदी हिस्सा इक्विटी और इक्विटी से जुड़े इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश किया जाएगा। वहीं, बाकी रकम डेट सिक्योरिटीज, सिक्योरिटाइज्ड डेट, डेट डेरिवेटिव्स और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में लगाई जाएगी। इस तरह स्कीम को इस तरीके से तैयार किया गया है कि निवेशकों को शेयर बाजार में भागीदारी के साथ डेट इंस्ट्रूमेंट्स से मिलने वाली अपेक्षाकृत स्थिरता का भी फायदा मिल सके। हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना होगा कि इक्विटी में निवेश होने के कारण फंड का रिटर्न बाजार की चाल से प्रभावित हो सकता है। इसलिए यह पूरी तरह जोखिम-मुक्त निवेश विकल्प नहीं है।
आर्बिट्राज स्ट्रैटेजी का इस्तेमाल नहीं
इस स्कीम की एक खास बात यह है कि इसमें आर्बिट्राज की अनुमति नहीं है। यानी फंड मैनेजर इक्विटी और संबंधित बाजारों के बीच कीमतों के अंतर से कमाई करने वाली आर्बिट्राज रणनीति का इस्तेमाल नहीं करेंगे। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि स्कीम केवल इक्विटी और डेट इंस्ट्रूमेंट्स पर फोकस करेगी। फंड का निवेश उद्देश्य लंबी अवधि में कैपिटल एप्रिसिएशन के साथ इनकम जनरेट करना है। इस रणनीति के तहत निवेशकों को इक्विटी से ग्रोथ की संभावना और डेट से पोर्टफोलियो में संतुलन हासिल करने का प्रयास किया जाएगा।
विदेशी बाजारों में भी निवेश की सुविधा
एसबीआई बैलेंस्ड हाइब्रिड फंड केवल भारतीय बाजार तक सीमित नहीं रहेगा। स्कीम को विदेशी सिक्योरिटीज में भी निवेश करने की अनुमति होगी। इसके तहत फंड अपनी नेट एसेट्स का अधिकतम 35 फीसदी विदेशी इक्विटी, एडीआर, जीडीआर, ओवरसीज ईटीएफ और विदेशी डेट सिक्योरिटीज में लगा सकता है। इससे फंड को घरेलू बाजार के अलावा वैश्विक निवेश अवसरों का लाभ उठाने की सुविधा मिलेगी। हालांकि, विदेशी बाजारों में निवेश के साथ करेंसी उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के जोखिम भी जुड़े रहेंगे।
कौन संभालेगा फंड का पोर्टफोलियो?
फंड की निवेश रणनीति को संभालने के लिए अलग-अलग एसेट क्लास के विशेषज्ञ नियुक्त किए गए हैं। स्कीम का इक्विटी पोर्टफोलियो तन्मय देसाई संभालेंगे, जबकि डेट पोर्टफोलियो की जिम्मेदारी राजीव राधाकृष्णन के पास होगी। इस फंड का बेंचमार्क निफ्टी 50 हाइब्रिड कम्पोजिट डेट 50:50 इंडेक्स है। बेंचमार्क का इस्तेमाल फंड के प्रदर्शन की तुलना के लिए किया जाएगा।

₹5,000 से शुरू कर सकते हैं निवेश
निवेशकों के लिए इस NFO में एंट्री अमाउंट भी अपेक्षाकृत कम रखा गया है। इसमें न्यूनतम 5,000 रुपये से निवेश शुरू किया जा सकता है। इसके बाद 1,000 रुपये के गुणक में अतिरिक्त निवेश करने की सुविधा होगी। इसका मतलब है कि छोटे निवेशक भी सीमित शुरुआती राशि के साथ इस हाइब्रिड स्कीम में निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। हालांकि, केवल कम न्यूनतम निवेश राशि देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। निवेश से पहले अपने वित्तीय लक्ष्य, निवेश की अवधि और जोखिम उठाने की क्षमता को समझना जरूरी है।
एक साल से पहले निकासी पर क्या चार्ज?
स्कीम में एग्जिट लोड की भी व्यवस्था है। अलॉटमेंट की तारीख से एक साल के भीतर कुल यूनिट्स के 10 फीसदी तक रिडीम करने पर कोई एग्जिट लोड नहीं लगेगा। अगर निवेशक एक साल के भीतर 10 फीसदी से ज्यादा यूनिट्स रिडीम करता है, तो अतिरिक्त हिस्से पर 1 फीसदी एग्जिट लोड लगाया जाएगा। वहीं, एक साल पूरा होने के बाद यूनिट्स रिडीम करने पर कोई एग्जिट लोड नहीं लगेगा। निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि एग्जिट लोड के अलावा फंड से जुड़े अन्य खर्च और शर्तें भी लागू हो सकती हैं। इसलिए निवेश से पहले ऑफर डॉक्यूमेंट को ध्यान से पढ़ना जरूरी है।
24 अगस्त तक खुला रहेगा NFO
एसबीआई बैलेंस्ड हाइब्रिड फंड का NFO 10 अगस्त 2026 को खुला है और 24 अगस्त 2026 तक निवेश के लिए उपलब्ध रहेगा। इसके बाद स्कीम के नियमित संचालन और निवेश से जुड़ी प्रक्रियाएं लागू होंगी। कंपनी का लक्ष्य इक्विटी और डेट के बीच संतुलन बनाकर लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक हाइब्रिड विकल्प उपलब्ध कराना है। हालांकि, बाजार जोखिम से जुड़े होने के कारण निवेशकों को केवल पिछले प्रदर्शन या ब्रांड नाम के आधार पर निर्णय लेने के बजाय योजना के दस्तावेज, जोखिम और अपने वित्तीय लक्ष्य का आकलन करना चाहिए।
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