Gold-Silver में बिकवाली हावी, MCX पर निवेशकों को लगा झटका
खबर सार :-
बुलियन मार्केट में शुक्रवार की शुरुआत सोना और चांदी निवेशकों के लिए कमजोर रही। घरेलू और वैश्विक दोनों बाजारों में गिरावट ने यह संकेत दिया कि फिलहाल बुलियन बाजार दबाव में बना रह सकता है। फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच निवेशक सतर्क हैं। आने वाले आर्थिक संकेत ही तय करेंगे कि कीमती धातुओं में तेजी लौटेगी या गिरावट जारी रहेगी।
खबर विस्तार : -
Gold Silver Rate Today: बुलियन बाजार के लिए शुक्रवार सुबह की शुरुआत बेहद दबाव भरी रही। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना और चांदी दोनों गिरावट के साथ खुले, जहां शुरुआती कारोबार में दोनों कीमती धातुओं के दाम आधे प्रतिशत से अधिक तक फिसल गए। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोरी, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त नीति संकेत और ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता ने निवेशकों का रुख सतर्क बना दिया है। बाजार विशेषज्ञ फिलहाल सीमित दायरे में कारोबार जारी रहने की संभावना जता रहे हैं।
एमसीएक्स पर गिरावट के साथ खुला सोना
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर शुक्रवार को सोने के भाव कमजोरी के साथ खुले। 5 अगस्त 2026 डिलीवरी वाला सोने का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,43,232 रुपये प्रति 10 ग्राम के मुकाबले 1,42,929 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। शुरुआती कारोबार से ही बिकवाली का दबाव देखने को मिला, जिससे कीमतों में लगातार गिरावट दर्ज की गई। सुबह करीब 9:50 बजे तक सोना 832 रुपये यानी 0.58 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,42,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। कारोबार के दौरान सोने ने 1,42,253 रुपये प्रति 10 ग्राम का न्यूनतम स्तर छुआ, जबकि दिन का उच्चतम स्तर 1,42,929 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा।
दबाव में नजर आ रही चांदी
सोने की तरह चांदी की कीमतों में भी कमजोरी दर्ज की गई। एमसीएक्स पर 4 सितंबर 2026 डिलीवरी वाला चांदी का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,19,967 रुपये प्रति किलोग्राम के मुकाबले 2,18,769 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुला। सुबह के कारोबार में चांदी 1,057 रुपये यानी 0.48 प्रतिशत टूटकर 2,18,910 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखी। कारोबार के दौरान चांदी ने 2,18,538 रुपये प्रति किलोग्राम का निचला स्तर और 2,19,967 रुपये प्रति किलोग्राम का उच्चतम स्तर दर्ज किया।
वैश्विक बाजारों से मिला कमजोर संकेत
घरेलू बाजार में गिरावट की बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बुलियन बाजार में आई कमजोरी रही। वैश्विक बाजारों में सोना करीब 0.56 प्रतिशत टूटकर 4,076 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। वहीं चांदी भी 0.46 प्रतिशत की गिरावट के साथ 58 डॉलर प्रति औंस के आसपास रही। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोर रुख का सीधा असर भारतीय वायदा बाजार पर पड़ा है, जिसके चलते निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी।
फेडरल रिजर्व के फैसले का असर
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा हालिया मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया। हालांकि, नीति वक्तव्य का स्वर पहले की तुलना में अधिक सख्त रहा। खास बात यह रही कि फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के तीन सदस्यों ने ब्याज दरें बढ़ाने के पक्ष में मतदान किया। यही संकेत निवेशकों के लिए चिंता का कारण बना। बाजार को उम्मीद थी कि फेड भविष्य की ब्याज दरों को लेकर स्पष्ट संकेत देगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इससे निवेशकों के बीच अनिश्चितता बनी हुई है और फिलहाल वे नई खरीदारी से बचते हुए स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं।
सीमित दायरे में रह सकती है ट्रेडिंग
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि जब तक अमेरिकी केंद्रीय बैंक की अगली नीति दिशा स्पष्ट नहीं होती, तब तक सोने और चांदी की कीमतों में बड़े उतार-चढ़ाव की संभावना कम है। फिलहाल दोनों धातुएं सीमित दायरे में कारोबार कर सकती हैं। यदि अमेरिका से आने वाले आर्थिक आंकड़े मजबूत रहते हैं और महंगाई नियंत्रित रहती है, तो फेड भविष्य में सख्त रुख बनाए रख सकता है। ऐसी स्थिति में सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। वहीं यदि वैश्विक आर्थिक जोखिम बढ़ते हैं या डॉलर कमजोर होता है, तो कीमती धातुओं में दोबारा खरीदारी लौट सकती है।
अब अगले संकेतों पर निवेशकों की नजर
बुलियन बाजार में फिलहाल निवेशकों की निगाह अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों, डॉलर इंडेक्स, बॉन्ड यील्ड और फेड अधिकारियों के बयानों पर टिकी हुई है। यही कारक आगे सोने और चांदी की कीमतों की दिशा तय करेंगे। फिलहाल बाजार में सतर्कता का माहौल है और बड़े निवेशक जल्दबाजी से बचते हुए स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं।
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