मिडिल ईस्ट तनाव से बाजार धड़ाम, महंगा क्रूड-बॉन्ड यील्ड का दबाव; मेटल-रियल्टी शेयरों में भारी बिकवाली
खबर सार :-
भारतीय शेयर बाजार पर शुक्रवार को वैश्विक अस्थिरता का साफ असर दिखा। सेंसेक्स 707 अंक और निफ्टी करीब 1 प्रतिशत गिरकर 23,300 के नीचे आ गया। मिडिल ईस्ट तनाव, 108 डॉलर के करीब पहुंचा ब्रेंट क्रूड और 5 प्रतिशत के नजदीक अमेरिकी बॉन्ड यील्ड निवेशकों की चिंता बढ़ा रहे हैं। आने वाले सत्रों में बाजार की दिशा वैश्विक घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों से तय होगी।
खबर विस्तार : -
Indian Stock Market Crash: भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत शुक्रवार को भारी गिरावट के साथ हुई। वैश्विक बाजारों में बढ़ती अस्थिरता और मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच घरेलू बाजार में भी निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 707 अंक यानी 0.95 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,192 और निफ्टी 238 अंक यानी 1 प्रतिशत टूटकर 23,238 पर पहुंच गया। इसके साथ ही निफ्टी 23,300 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे आ गया।
शुरुआती कारोबार में मेटल और रियल्टी शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। निफ्टी मेटल और निफ्टी रियल्टी दोनों 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ प्रमुख लूजर्स में शामिल रहे। इसके अलावा निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, फाइनेंशियल सर्विसेज, ऑटो, कमोडिटीज, प्राइवेट बैंक, पीएसयू बैंक, डिफेंस, सर्विसेज, इंफ्रा, फार्मा और हेल्थकेयर इंडेक्स भी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। शुरुआती दौर में सिर्फ निफ्टी आईटी हरे निशान में नजर आया।
मिडकैप-स्मॉलकैप में भी बिकवाली
बाजार में दबाव सिर्फ बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 868 अंक यानी 1.40 प्रतिशत गिरकर 61,488 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 284 अंक यानी 1.33 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 19,756 पर कारोबार कर रहा था। सेंसेक्स पैक में टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, एचसीएल टेक, आईटीसी, भारती एयरटेल, टीसीएस और अदाणी पोर्ट्स बढ़त वाले शेयरों में रहे। दूसरी ओर बजाज फाइनेंस, एमएंडएम, अल्ट्राटेक सीमेंट, एक्सिस बैंक, टाटा स्टील, इंडिगो, कोटक महिंद्रा बैंक, एलएंडटी, एचडीएफसी बैंक, टाइटन, इटरनल, सन फार्मा, बजाज फिनसर्व, आईसीआईसीआई बैंक, एनटीपीसी, एशियन पेंट्स और मारुति सुजुकी में गिरावट रही।
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दुनिया भर के बाजारों में कमजोरी
भारतीय बाजार पर वैश्विक संकेतों का भी दबाव रहा। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक, सोल और जकार्ता समेत ज्यादातर एशियाई बाजार लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार भी गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए। डाओ जोन्स 0.60 प्रतिशत और नैस्डैक 0.65 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ।
महंगा क्रूड और बॉन्ड यील्ड बनी चिंता
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। ब्रेंट क्रूड की कीमत बढ़कर करीब 108 डॉलर प्रति बैरल हो गई है। यदि कच्चे तेल की कीमत लंबे समय तक ऊंची रहती है या इसमें और तेजी आती है, तो भारत की जीडीपी ग्रोथ और कॉर्पोरेट कमाई पर दबाव बढ़ सकता है। एक अन्य बड़ी चिंता अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी है। 10-वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड यील्ड 4.96 प्रतिशत पर पहुंच गई है और 5 प्रतिशत के स्तर के करीब है। विशेषज्ञ इसे वैश्विक इक्विटी बाजार के लिए महत्वपूर्ण संकेत मान रहे हैं। ऐसे माहौल में निवेशकों की नजर अब क्रूड, बॉन्ड यील्ड और मिडिल ईस्ट की स्थिति पर रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक इक्विटी बाजार में आगे भी गिरावट का जोखिम बना हुआ है, हालांकि इसकी समय-सीमा का सटीक अनुमान लगाना मुश्किल है।
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FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)....
1. शुक्रवार को शेयर बाजार कितनी गिरावट के साथ खुला?
सेंसेक्स 707 अंक यानी 0.95% गिरकर 74,192 पर और निफ्टी 238 अंक यानी 1% टूटकर 23,238 पर खुला।
2. बाजार में गिरावट की प्रमुख वजह क्या रही?
मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव, करीब 108 डॉलर प्रति बैरल पहुंचा ब्रेंट क्रूड और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी प्रमुख कारण रहे।
3. किन सेक्टरों के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव रहा?
मेटल और रियल्टी शेयर सबसे ज्यादा दबाव में रहे। दोनों सेक्टर इंडेक्स शुरुआती कारोबार में 2% से अधिक टूटे।
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