वैश्विक दबाव से शेयर बाजार की सुस्त शुरुआत, फाइनेंशियल शेयरों में बिकवाली ने बढ़ाई निवेशकों की चिंता
खबर सार :-
वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बावजूद भारतीय शेयर बाजार में गिरावट सीमित रही, जो निवेशकों के भरोसे का संकेत है। फाइनेंशियल शेयरों पर दबाव बना हुआ है, जबकि चुनिंदा सेक्टर मजबूती दिखा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर कॉरपोरेट नतीजे और स्थिर आर्थिक माहौल आगे बाजार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
खबर विस्तार : -
Indian Stock Market Crashed: कमजोर वैश्विक संकेतों और फाइनेंशियल शेयरों में बिकवाली के दबाव के बीच शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ खुला। शुरुआती कारोबार में निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया, जिसका असर प्रमुख सूचकांकों पर साफ दिखाई दिया। सुबह 9:28 बजे बीएसई सेंसेक्स 267 अंक यानी 0.34 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,686 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं, एनएसई निफ्टी 34 अंक यानी 0.14 प्रतिशत टूटकर 24,603 अंक पर पहुंच गया। हालांकि बाजार में गिरावट सीमित रही, जिससे यह संकेत भी मिला कि निवेशकों का भरोसा पूरी तरह कमजोर नहीं पड़ा है।
कारोबार की शुरुआत में सबसे अधिक दबाव फाइनेंशियल सेक्टर के शेयरों पर देखने को मिला। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स शुरुआती कारोबार में सबसे अधिक नुकसान उठाने वाले सेक्टरों में शामिल रहा। इसके अलावा प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में भी बिकवाली का माहौल रहा। दूसरी ओर कुछ चुनिंदा सेक्टरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार में संतुलन बना रहा।
सेक्टोरल इंडेक्स में शेयरों की स्थिति
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी मीडिया, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी फार्मा और निफ्टी इंफ्रा में मजबूती दर्ज की गई। वहीं निफ्टी आईटी, निफ्टी ऑटो, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी एनर्जी, निफ्टी इंडिया डिफेंस और निफ्टी ऑयल एंड गैस लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। इससे स्पष्ट है कि बाजार में सेक्टर आधारित गतिविधियां जारी हैं और निवेशक चुनिंदा शेयरों पर दांव लगा रहे हैं।
आईटी कंपनियों के शेयरों में बढ़ोतरी
सेंसेक्स के 30 शेयरों में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला। आईटी कंपनियों टीसीएस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक और इन्फोसिस में बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा महिंद्रा एंड महिंद्रा, एनटीपीसी, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, सन फार्मा, भारतीय स्टेट बैंक, लार्सन एंड टुब्रो, पावर ग्रिड, टाइटन और आईटीसी के शेयर भी हरे निशान में कारोबार करते दिखे। दूसरी ओर बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, ट्रेंट, आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल, इटरनल और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 122 अंक यानी 0.19 प्रतिशत की बढ़त के साथ 63,446 अंक पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 38 अंक यानी 0.19 प्रतिशत की गिरावट के साथ 19,839 अंक पर कारोबार करता दिखाई दिया। यह संकेत देता है कि बड़े शेयरों में दबाव के बावजूद मिडकैप कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है।
टेलीकॉम सेक्टर की अधिकांश कंपनियों के शेयरों में जोरदार बढ़त
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा समय में शेयर बाजार स्थिरता की ओर बढ़ रहा है और धीरे-धीरे ऊपर जाने की संभावना बनी हुई है। उनके अनुसार निकट भविष्य में यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल रहती हैं तो बाजार में नया ब्रेकआउट देखने को मिल सकता है। पहली तिमाही के वित्तीय नतीजों ने भी बाजार को महत्वपूर्ण संकेत दिए हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक फाइनेंशियल, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स और टेलीकॉम सेक्टर की अधिकांश कंपनियों ने आय और मुनाफे में दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की है। बेहतर नतीजों के कारण इन क्षेत्रों के कई शेयरों में निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। इसके विपरीत आईटी सेक्टर को धीमी वैश्विक मांग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव को लेकर अनिश्चितताओं का सामना करना पड़ रहा है, जिससे इस क्षेत्र के प्रदर्शन पर दबाव बना हुआ है। कमोडिटी आधारित उद्योगों की स्थिति फिलहाल मिश्रित बनी हुई है। मेटल और ऑयल से जुड़े शेयरों में अलग-अलग रुझान देखने को मिल रहे हैं। कच्चे माल की कीमतों और वैश्विक मांग में उतार-चढ़ाव का असर इन कंपनियों के प्रदर्शन पर पड़ रहा है। ऐसे में निवेशक इस सेक्टर में फिलहाल सतर्क रणनीति अपना रहे हैं।
एशियाई शेयर बाजारों में भी मिश्रित रुख
वैश्विक बाजारों की बात करें तो एशियाई शेयर बाजारों में भी मिश्रित रुख देखने को मिला। टोक्यो, बैंकॉक और सोल के बाजार गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि शंघाई, हांगकांग और जकार्ता के बाजारों में बढ़त दर्ज की गई। अमेरिकी शेयर बाजार भी गुरुवार को कमजोर बंद हुए थे। डाओ जोन्स इंडेक्स 0.85 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि टेक्नोलॉजी आधारित नैस्डैक इंडेक्स मामूली कमजोरी के साथ लगभग सपाट स्तर पर बंद हुआ। विदेशी बाजारों से मिले इन कमजोर संकेतों का असर भारतीय बाजार की शुरुआती चाल पर भी देखने को मिला।
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