ऑटो बाजार ने रचा नया रिकॉर्ड, जुलाई में 25.91 लाख वाहनों की बिक्री; ग्रामीण भारत बना सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन

खबर सार :-

जुलाई में सभी वाहन श्रेणियों में रिकॉर्ड रिटेल बिक्री भारतीय ऑटो उद्योग की मजबूत मांग और ग्रामीण बाजार की बढ़ती ताकत का संकेत है। दोपहिया से लेकर ट्रैक्टर और इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर तक हर सेगमेंट में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई। नई स्कीमें, बेहतर वित्तीय विकल्प और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती आने वाले महीनों में भी ऑटो सेक्टर की रफ्तार बनाए रख सकती है।
जुलाई में ऑटो बाजार ने बनाया रिकॉर्डः 25.91 लाख वाहन बिके

खबर विस्तार : -

July Auto Sales 2026: भारतीय ऑटोमोबाइल रिटेल बाजार ने जुलाई में नया इतिहास रच दिया। पहली बार सभी प्रमुख वाहन श्रेणियों—दोपहिया, यात्री वाहन, कमर्शियल व्हीकल, थ्री-व्हीलर और ट्रैक्टर—ने जुलाई महीने में अब तक की सबसे अधिक रिटेल बिक्री दर्ज की। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन्स (फाडा) के मुताबिक, जुलाई में कुल 25,91,138 वाहनों की रिटेल बिक्री हुई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 25.89 प्रतिशत अधिक है। यह प्रदर्शन भारतीय ऑटो सेक्टर में मजबूत मांग और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की बढ़ती ताकत का संकेत माना जा रहा है।

फाडा के उपाध्यक्ष साई गिरिधर ने कहा कि कोविड प्रभावित वर्षों को छोड़ दें तो जुलाई का यह अब तक का सबसे मजबूत प्रदर्शन है। हालांकि, जून की तुलना में बिक्री लगभग स्थिर रही, लेकिन सभी श्रेणियों में रिकॉर्ड स्तर की बिक्री ने उद्योग को नई ऊर्जा दी है।

दोपहिया वाहनों ने पहली बार पार किया 18 लाख का आंकड़ा

जुलाई में दोपहिया वाहनों की रिटेल बिक्री 18,18,289 यूनिट रही, जो सालाना आधार पर 28.25 प्रतिशत अधिक है। यह पहली बार है जब जुलाई महीने में दोपहिया बिक्री 18 लाख यूनिट के पार पहुंची है। ग्रामीण क्षेत्रों में दोपहिया बिक्री 28.59 प्रतिशत बढ़ी, जबकि शहरी क्षेत्रों में 27.86 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर मानसून, कृषि गतिविधियों में तेजी और आसान फाइनेंसिंग विकल्पों ने इस वृद्धि में अहम भूमिका निभाई।

पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट ने भी बनाया नया रिकॉर्ड

यात्री वाहनों (पीवी) की बिक्री जुलाई में 4,16,555 यूनिट रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 19.13 प्रतिशत अधिक है। पहली बार जुलाई में कारों की बिक्री 4 लाख यूनिट के आंकड़े को पार कर गई। ग्रामीण भारत में पैसेंजर व्हीकल बिक्री 24.72 प्रतिशत बढ़ी, जबकि शहरी बाजार में यह वृद्धि 15.76 प्रतिशत रही। इससे स्पष्ट है कि अब कारों की मांग केवल महानगरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में भी तेजी से बढ़ रही है।

नई स्कीमों और किफायती कीमतों का मिला फायदा

फाडा के अनुसार, डीलरों ने बिक्री बढ़ने का श्रेय जीएसटी 2.0 के बाद किफायती कीमतों, नए मॉडल लॉन्च और कंपनियों की आकर्षक स्कीमों को दिया। लगभग 44.05 प्रतिशत डीलरों ने माना कि ऑटो कंपनियों की विशेष ऑफर्स और फाइनेंस योजनाओं ने ग्राहकों की बुकिंग बढ़ाने में अहम योगदान दिया। इसके अलावा, ई20 ईंधन को लेकर ग्राहकों की बदलती प्राथमिकताओं के कारण कई खरीदार सीएनजी, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर भी आकर्षित हुए।

Commercial Vehicle Sales-Tractor Sales India

कमर्शियल व्हीकल और ट्रैक्टर बिक्री में भी जबरदस्त उछाल

कमर्शियल व्हीकल (सीवी) की बिक्री 99,666 यूनिट रही, जो सालाना आधार पर 24.04 प्रतिशत अधिक है। यह जुलाई महीने का अब तक का सर्वोच्च स्तर है और पहली बार बिक्री एक लाख यूनिट के करीब पहुंची है। ग्रामीण क्षेत्रों में सीवी बिक्री 29.37 प्रतिशत बढ़ी, जबकि शहरी बाजार में यह वृद्धि 19.36 प्रतिशत रही। इससे साफ संकेत मिलता है कि माल ढुलाई और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी अब महानगरों से निकलकर छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच चुकी है। वहीं, ट्रैक्टर बिक्री 1,17,349 यूनिट रही, जिसमें 28.10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। ग्रामीण बाजार में यह वृद्धि 28.83 प्रतिशत रही, जो खरीफ सीजन की मजबूत बुआई और कृषि क्षेत्र में बढ़ते निवेश को दर्शाती है।

थ्री-व्हीलर में इलेक्ट्रिक वाहनों का दबदबा

जुलाई में थ्री-व्हीलर की रिटेल बिक्री 1,33,778 यूनिट रही, जो पिछले साल की तुलना में 16.16 प्रतिशत अधिक है। यह भी जुलाई का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि इस सेगमेंट में 65.08 प्रतिशत हिस्सेदारी इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की रही। इससे साफ है कि सार्वजनिक परिवहन और अंतिम मील की कनेक्टिविटी में इलेक्ट्रिक वाहनों की स्वीकार्यता तेजी से बढ़ रही है।

ग्रामीण भारत बना ऑटो इंडस्ट्री की नई ताकत

जुलाई के आंकड़ों से स्पष्ट है कि ऑटो उद्योग की मौजूदा तेजी का सबसे बड़ा आधार ग्रामीण भारत बनकर उभरा है। बेहतर मानसून, कृषि आय में सुधार, आसान ऋण सुविधा और नए मॉडलों की उपलब्धता ने गांवों और छोटे शहरों में वाहन खरीदने की क्षमता को मजबूत किया है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही रुझान बना रहा तो आने वाले महीनों में ऑटो रिटेल बाजार नए रिकॉर्ड बना सकता है।

ये भी पढ़ें....Auto Sector ने तोड़े रिकॉर्ड: मई में Passenger vehicles की बिक्री 27% उछली, दोपहिया की सेल्स 19 लाख यूनिट के पार

अन्य प्रमुख खबरें