कच्चे तेल की कीमतों की समीक्षा के बाद टैक्स कटौती, घरेलू पेट्रोल-डीजल की एक्साइज ड्यूटी जस की तस
खबर सार :-
केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एटीएफ के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स और शुल्क में कटौती की है। पेट्रोल पर शुल्क 50 पैसे, डीजल पर 20 रुपये और एटीएफ पर 15 रुपये प्रति लीटर किया गया है। घरेलू पेट्रोल-डीजल की एक्साइज ड्यूटी में बदलाव नहीं हुआ। सरकार वैश्विक कच्चे तेल कीमतों और रिफाइनरी मार्जिन के आधार पर हर पखवाड़े शुल्क की समीक्षा करती है।
खबर विस्तार : -
ATF Export Duty: केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों पर शुल्क की समीक्षा के तहत पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स और निर्यात शुल्क में कटौती की है। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लागू शुल्क में बदलाव किया गया है। हालांकि, घरेलू खपत के लिए जारी होने वाले पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा एक्साइज ड्यूटी दरों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।
सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है और वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव के कारण ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता देखी जा रही है। पेट्रोलियम उत्पादों पर निर्यात शुल्क की दरों की समीक्षा सरकार नियमित अंतराल पर करती है।
पेट्रोल के निर्यात पर शुल्क घटकर 50 पैसे प्रति लीटर
वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, पेट्रोल के निर्यात पर शुल्क घटाकर 0.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। इसमें 0.5 रुपये प्रति लीटर की स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) शामिल है। वहीं, रेवेन्यू इंटीग्रेशन चार्ज (RIC) को शून्य पर बरकरार रखा गया है। इस बदलाव से पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात कारोबार से जुड़े रिफाइनरों पर लागू शुल्क का बोझ कम होगा। सरकार समय-समय पर अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इन दरों में संशोधन करती है।
डीजल पर शुल्क 20 रुपये प्रति लीटर
डीजल के निर्यात पर शुल्क घटाकर 20 रुपये प्रति लीटर किया गया है। इसमें 20 रुपये प्रति लीटर की SAED शामिल है, जबकि RIC शून्य रखा गया है। डीजल निर्यात शुल्क में यह संशोधन पिछले कुछ समय में की गई लगातार कटौतियों और बढ़ोतरी के बाद आया है। अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों और रिफाइनिंग मार्जिन में बदलाव के आधार पर सरकार इन शुल्क दरों को समायोजित करती रही है।
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ATF के निर्यात पर भी राहत
एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF के निर्यात पर भी शुल्क घटाया गया है। मंत्रालय के मुताबिक, ATF पर SAED के माध्यम से लागू शुल्क अब 15 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। ATF विमानन क्षेत्र के लिए प्रमुख ईंधन है। इसके निर्यात पर शुल्क में बदलाव का असर तेल रिफाइनिंग कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री से जुड़े कारोबार पर पड़ सकता है।
घरेलू पेट्रोल-डीजल पर नहीं बदली एक्साइज ड्यूटी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू खपत के लिए जारी किए जाने वाले पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा एक्साइज ड्यूटी दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी ताजा अधिसूचना मुख्य रूप से निर्यात किए जाने वाले पेट्रोलियम उत्पादों पर लागू शुल्क से संबंधित है। इसका मतलब है कि निर्यात शुल्क में बदलाव को घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल पर लागू मौजूदा केंद्रीय उत्पाद शुल्क से अलग देखा जाना चाहिए।
हर पखवाड़े होती है शुल्क की समीक्षा
केंद्र सरकार घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल पर विंडफॉल टैक्स और पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात शुल्क की हर पखवाड़े समीक्षा करती है। इस समीक्षा में वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों और रिफाइनरी मार्जिन में होने वाले बदलावों को प्रमुख आधार बनाया जाता है। विंडफॉल टैक्स का इस्तेमाल असाधारण रूप से ऊंची कीमतों या मार्जिन से होने वाले अतिरिक्त लाभ पर कर लगाने के लिए किया जाता है। शुल्क दरों में समय-समय पर होने वाला बदलाव अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार की परिस्थितियों के अनुरूप सरकार की नीति को दर्शाता है।
अगस्त और सितंबर में भी हुए थे बदलाव
ताजा संशोधन से पहले भी सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात शुल्क में कई बदलाव किए थे। 1 सितंबर से प्रभावी पिछली समीक्षा में डीजल पर निर्यात शुल्क 3 रुपये से घटाकर 1 रुपये प्रति लीटर किया गया था। इसी दौरान डीजल निर्यात पर विंडफॉल टैक्स 24 रुपये से घटाकर 19 रुपये प्रति लीटर किया गया था। इससे पहले अगस्त में पेट्रोल पर निर्यात शुल्क 2.5 रुपये से बढ़ाकर 3.5 रुपये प्रति लीटर किया गया था। डीजल पर कुल शुल्क 15.5 रुपये से बढ़ाकर 25.5 रुपये प्रति लीटर किया गया था। वहीं, ATF के निर्यात पर शुल्क 14.5 रुपये से बढ़ाकर 22 रुपये प्रति लीटर किया गया था। इस तरह ताजा कटौती पेट्रोलियम उत्पादों पर शुल्क व्यवस्था में लगातार हो रहे समायोजन की कड़ी का हिस्सा है। अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों, रिफाइनरी मार्जिन और वैश्विक परिस्थितियों में बदलाव के साथ सरकार आगे भी इन दरों की समीक्षा कर सकती है।
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FAQ (पूछे जाने वाले सामान्य सवाल)....
1. सरकार ने पेट्रोल के निर्यात पर शुल्क कितना किया है?
पेट्रोल के निर्यात पर शुल्क घटाकर 0.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
2. डीजल और ATF के निर्यात शुल्क में क्या बदलाव हुआ है?
डीजल पर शुल्क घटाकर 20 रुपये प्रति लीटर और ATF पर शुल्क घटाकर 15 रुपये प्रति लीटर किया गया है।
3. क्या घरेलू पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी बदली है?
नहीं, घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल पर लागू मौजूदा एक्साइज ड्यूटी दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
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