Petrol Diesel Price: सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10 रुपये घटाई, फ्यूल संकट के बीच उठाया बड़ा कदम
खबर सार :-
Petrol Diesel Price: तेल संकट के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीज़ल पर एक्साइज़ ड्यूटी कम कर दी है। पेट्रोल पर 10 रुपये और डीज़ल पर 10 रुपये की कमी की गई है।
खबर विस्तार : -
Petrol Diesel Price: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव (iran israel war) के बीच, देश के कई राज्यों में एलपीजी गैस के साथ ही पेट्रोल-डीजल पर भी संकट गहरा गया है। दुनिया भर में कच्चे तेल की सप्लाई के संकट के बीच केंद्र सरकार ने शुक्रवार को तेल कंपनियों को बड़ी राहत दी है। केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम कर दी है। पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 10 रुपये से घटाकर 3 रुपये कर दी गई है, जबकि डीजल पर एक्साइज ड्यूटी जीरो कर दी गई है। दरअसल कंपनियों को संकट के समय में महंगे दामों पर कच्चा तेल खरीदना पड़ रहा था, जिसे लेकर सरकार ने ये राहत दी है।
हालांकि इससे पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई कमी नहीं आएगी। फाइनेंस मिनिस्ट्री की तरफ से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, ये सभी नए नियम तुरंत लागू हो गए हैं। सरकार का यह कदम एनर्जी सेक्टर में टैक्स स्ट्रक्चर को सही बनाने और एक्सपोर्ट से जुड़े नियमों को साफ करने के मकसद से उठाया गया है। सरकार का मकसद अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के असर को कम करना है।
Petrol Diesel Price: जानें अपने शहर में पेट्रोल-डीजल की कीमतें
दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹94.77 प्रति लीटर और डीज़ल की कीमत ₹87.67 प्रति लीटर है। नोएडा में पेट्रोल की कीमत ₹94.85 और डीज़ल की कीमत ₹87.98 है। लखनऊ में पेट्रोल की कीमत और ₹94.84 प्रति लीटर और डीजल की कीमत ₹88.05 प्रति लीटर के बीच है। इसी तरह, मुंबई में पेट्रोल की कीमत ₹103.54 प्रति लीटर और डीजल की कीमत ₹90.03 प्रति लीटर है। इसी तरह, चेन्नई में पेट्रोल की कीमत ₹100.80 और ₹101.06 प्रति लीटर के बीच और डीज़ल की कीमत ₹92.38 और ₹92.61 प्रति लीटर के बीच है।
Petrol Diesel Price: क्या है एक्साइज ड्यूटी
दरअसल यह एक तरह का इनडायरेक्ट टैक्स है जो किसी सामान के प्रोडक्शन या मैन्युफैक्चरिंग पर लगता है। यह टैक्स केंद्र सरकार के पास जाता है। इससे सामान की कीमत बढ़ जाती है। भारत में केंद्र सरकार पेट्रोल-डीज़ल पर एक्साइज़ ड्यूटी लगाती है। जबकि राज्य सरकारें VAT (वैल्यू एडेड टैक्स) लगाती हैं। लेकिन अब सरकार ने एक्साइज ड्यूटी कम कर दी है।
जब सरकार पेट्रोल और डीज़ल पर एक्साइज़ ड्यूटी कम करती है, तो ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) का खर्च कम हो जाता है। अगर पेट्रोल और डीज़ल का पंप प्राइस तुरंत कम नहीं किया जाता है, तो यह फ़ायदा सीधे कंपनियों को मिलता है। खर्च कम होने से कंपनियों का प्रॉफ़िट मार्जिन बढ़ता है, जिससे उनकी कमाई और कैश फ़्लो बेहतर होता है, और उनकी बैलेंस शीट मज़बूत होती है। पहले, जब कच्चा तेल $120 प्रति बैरल पर पहुंच गया था, तो कंपनियों को पेट्रोल और डीजल बेचने पर नुकसान हो रहा था, इसलिए कई ब्रोकरेज ने अपने स्टॉक डाउनग्रेड कर दिए थे। अब, ड्यूटी में कमी से उन्हें राहत मिली है।
Petrol Diesel Price: देश में तेल की कोई कमी नहीं
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से देश भर के कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर अफरा-तफरी मची हुई है। लोग पैनिक में पेट्रोल और डीजल खरीद रहे थे। ऐसे में सरकार ने यह फैसला यह बताने के लिए किया है कि भारत में तेल की कोई कमी नहीं है। तेल कंपनियां विदेश से तेल खरीद रही हैं और उनके पास काफ़ी मात्रा में तेल है। केंद्र सरकार भी कई बार साफ कर चुकी है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। देश में तेल का भंडार मौजूद है। लोगों को पैनिक करने की कोई जरूरत नहीं है।
Petrol Diesel Crisis : सरकार की जनता से अपील- अफवाहों पर न दें ध्यान
बता दें कि मिडिल ईस्ट में तनाव के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से उछाल आया है। बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमतें पिछले महीने लगभग 40 परसेंट बढ़ी हैं, जो अभी $101 प्रति बैरल पर हैं। सरकार ने गुरुवार को साफ तौर पर कहा कि भारत में पेट्रोलियम और LPG सप्लाई की स्थिति पूरी तरह से सुरक्षित और कंट्रोल में है। सरकार ने नागरिकों से अपील की कि वे बेवजह पैनिक फैलाने के मकसद से चलाए जा रहे "जानबूझकर, गलत इरादे वाले और सोचे-समझे प्रोपेगैंडा कैंपेन" से गुमराह न हों। पेट्रोलियम मिनिस्ट्री ने कहा कि भारत के पास कुल 74 दिनों का रिज़र्व है और अभी लगभग 60 दिनों का असल रिज़र्व है। मिनिस्ट्री ने यह भी कहा कि "आज मिडिल ईस्ट संकट का 27वां दिन है," और सभी रिटेल फ्यूल आउटलेट पर काफ़ी सप्लाई मौजूद है।
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