India-UK FTA: किसानों, मछुआरों और MSME के लिए खुलेगा वैश्विक बाजार, पीयूष गोयल ने गिनाए बड़े फायदे

खबर सार :-

भारत-ब्रिटेन सीईटीए समझौता भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। किसानों, मछुआरों, कारीगरों, एमएसएमई और स्टार्टअप्स को वैश्विक बाजारों तक पहुंच मिलने से निर्यात, निवेश और रोजगार के नए अवसर बनेंगे। वहीं संवेदनशील कृषि क्षेत्रों को समझौते से बाहर रखकर सरकार ने घरेलू हितों और खाद्य सुरक्षा की रक्षा करने का भी संदेश दिया है।
India-UK FTA: किसानों, मछुआरों और MSME के लिए खुलेगा वैश्विक बाजार, पीयूष गोयल ने गिनाए बड़े फायदे

खबर विस्तार : -

India-UK FTA:  केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत और ब्रिटेन के बीच हुआ व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (सीईटीए) देश के किसानों, मछुआरों, कारीगरों, स्टार्टअप्स और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए नए अवसरों का द्वार खोलेगा। उन्होंने इसे लोगों के हितों को केंद्र में रखकर तैयार किया गया ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी समझौता बताया।

किसानों और Rural Economy को मिलेगा बड़ा सहारा

पीयूष गोयल के अनुसार, इस समझौते के लागू होने के बाद भारतीय कृषि उत्पादों को ब्रिटेन के प्रीमियम बाजारों तक बेहतर पहुंच मिलेगी। हल्दी, काली मिर्च, इलायची, आम का गूदा, अचार और दालों जैसे प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों को शुल्क-मुक्त प्रवेश मिलने से निर्यात में तेजी आएगी। इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ-साथ गुणवत्ता, पैकेजिंग और प्रमाणन मानकों को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह समझौता भारतीय किसानों को ऐसे व्यापारिक लाभ देगा जो कई मामलों में यूरोपीय देशों को प्राप्त सुविधाओं के बराबर या उनसे अधिक हैं। कृषि निर्यात बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और कृषि आधारित उद्योगों को मजबूती मिलेगी।

संवेदनशील Agricultural Sectors की सुरक्षा पर विशेष ध्यान

केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि समझौते के दौरान भारत के संवेदनशील कृषि क्षेत्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। डेयरी उत्पाद, अनाज, मोटे अनाज (मिलेट्स), सेब, ओट्स और खाद्य तेल जैसे क्षेत्रों को समझौते से बाहर रखा गया है। सरकार का मानना है कि इससे खाद्य सुरक्षा, घरेलू मूल्य स्थिरता और छोटे तथा कमजोर किसान समुदायों के हित सुरक्षित रहेंगे। यह कदम इस बात का संकेत है कि सरकार मुक्त व्यापार के साथ-साथ घरेलू कृषि क्षेत्र की सुरक्षा को भी समान महत्व दे रही है।

मछुआरों और समुद्री उत्पाद निर्यातकों को मिलेगा नया बाजार

भारत-ब्रिटेन समझौते का एक बड़ा लाभ भारतीय मछुआरों और समुद्री उत्पाद उद्योग को भी मिलने वाला है। ब्रिटेन के विशाल उपभोक्ता बाजार में भारतीय समुद्री उत्पादों की मांग बढ़ने की संभावना है। शुल्क संबंधी बाधाएं कम होने से निर्यातकों को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी और समुद्री खाद्य उद्योग में निवेश एवं रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलेगा।

MSME, Startups और महिला उद्यमियों के लिए अवसर

पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता महिला उद्यमियों, युवाओं, स्टार्टअप्स और एमएसएमई के लिए वैश्विक स्तर पर नए अवसर लेकर आएगा। भारतीय कंपनियों को वैश्विक वैल्यू चेन तक बेहतर पहुंच मिलेगी, जिससे वे अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी उपस्थिति मजबूत कर सकेंगी। विशेष रूप से छोटे और मध्यम व्यवसायों को अन्य देशों के मुकाबले प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलेगा। फुटबॉल, क्रिकेट उपकरण, रग्बी बॉल, खिलौने और अन्य श्रम-प्रधान उद्योगों से जुड़ी भारतीय कंपनियां ब्रिटेन में तेजी से अपना कारोबार बढ़ा सकेंगी।

Manufacturing और Employment को मिलेगा प्रोत्साहन

15 जुलाई से लागू होने वाले इस समझौते के तहत लगभग 99 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर शुल्क समाप्त कर दिया जाएगा, जो लगभग 100 प्रतिशत व्यापार मूल्य को कवर करता है। इससे भारतीय विनिर्माण क्षेत्र को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा और निर्यात क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। मंत्री ने कहा कि शुल्क हटने से वर्षों से मौजूद व्यापारिक बाधाएं खत्म होंगी, जिससे श्रम-प्रधान क्षेत्रों में उत्पादन और प्रतिस्पर्धात्मकता दोनों बढ़ेंगी। इससे देश में रोजगार सृजन को भी गति मिलेगी।

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