Electronics Exports में भारत की बड़ी छलांग, तीसरी सबसे बड़ी एक्सपोर्ट कैटेगरी बना विनिर्माण क्षेत्र

खबर सार :-
भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र तेजी से वैश्विक पहचान बना रहा है। निर्यात श्रेणी में तीसरे स्थान तक पहुंचना देश की औद्योगिक क्षमता और नीति-आधारित विकास का प्रमाण है। एआई, डेटा सेंटर और 5जी जैसी उभरती तकनीकों में निवेश से भारत न केवल आत्मनिर्भर बनेगा बल्कि वैश्विक तकनीकी आपूर्ति शृंखला में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगा।
Electronics Exports में भारत की बड़ी छलांग, तीसरी सबसे बड़ी एक्सपोर्ट कैटेगरी बना विनिर्माण क्षेत्र
खबर विस्तार : -

India Electronics Exports: भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग अब भारत से निर्यात होने वाली वस्तुओं की श्रेणी में तीसरे सबसे बड़े स्थान पर पहुंच गई है। यह उपलब्धि देश के औद्योगिक विकास, निर्यात क्षमता और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।

केंद्रीय मंत्री ने इस सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी नीतियों और ‘मेक इन इंडिया’ पहल को दिया। उन्होंने कहा कि कुछ वर्षों पहले तक भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के वैश्विक केंद्र के रूप में देखना कठिन माना जाता था, लेकिन आज देश तेजी से विश्वसनीय मैन्यूफैक्चरिंग हब के रूप में उभर रहा है।

शीर्ष 10 से तीसरे स्थान तक का सफर

अश्विनी वैष्णव के अनुसार भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण उद्योग का आकार अब 13 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच चुका है। शुरुआत में इस क्षेत्र का लक्ष्य देश की शीर्ष 10 निर्यात श्रेणियों में शामिल होना था। हालांकि उद्योग ने अपेक्षा से कहीं अधिक तेज गति से प्रगति करते हुए पहले 9वां, फिर 7वां, 5वां, 4था और अब तीसरा स्थान हासिल कर लिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि भारत की बढ़ती उत्पादन क्षमता, वैश्विक कंपनियों के निवेश और मजबूत सप्लाई चेन नेटवर्क का परिणाम है। इससे देश की निर्यात आय बढ़ने के साथ-साथ लाखों रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं।

पुणे में जैबिल की High-Tech Unit का उद्घाटन

केंद्रीय मंत्री ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ महाराष्ट्र के पुणे स्थित रंजनगांव में कंपनी Jabil की अत्याधुनिक विनिर्माण इकाई का उद्घाटन किया। यह यूनिट डेटा सेंटरों के लिए आवश्यक उन्नत इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का निर्माण करेगी। आधिकारिक जानकारी के अनुसार संयंत्र की उत्पादन क्षमता काफी अधिक है और यहां तैयार होने वाले उत्पाद घरेलू जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ वैश्विक बाजारों में भी निर्यात किए जाएंगे।

India electronics exports-AI data center-Jabil Pune plant

AIऔर Data Center बन रहे विकास के नए इंजन

कार्यक्रम के दौरान अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) वैश्विक विकास की प्रमुख शक्ति बन चुकी है। एआई आधारित सेवाओं और डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार के लिए मजबूत डेटा सेंटर अवसंरचना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में एआई डेटा सेंटर आर्थिक विकास के बड़े इंजन के रूप में उभर रहे हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि इन डेटा सेंटरों में उपयोग होने वाले महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक पुर्जों और उपकरणों का निर्माण भारत में ही किया जाए। इससे आयात पर निर्भरता कम होगी और देश तकनीकी रूप से अधिक आत्मनिर्भर बनेगा।

अत्याधुनिक तकनीकों का होगा निर्माण

नई विनिर्माण इकाई में कई उन्नत और जटिल तकनीकी उत्पादों का निर्माण किया जाएगा। इनमें एआई सिस्टम, एआई आधारित डेटा सेंटर उपकरण, 5जी नेटवर्किंग समाधान, उच्च स्तरीय संचार उपकरण, औद्योगिक ऊर्जा प्रणाली इलेक्ट्रॉनिक्स तथा उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स शामिल हैं। यह संयंत्र आधुनिक तकनीकी अवसंरचना के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक पुर्जों, तैयार उत्पादों और स्थानीय सप्लाई चेन को जोड़ते हुए एक मजबूत औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करेगा।

रोजगार और MSME को मिलेगा बड़ा लाभ

सरकार के सहयोग से विकसित इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर लगभग 11,000 रोजगार अवसर सृजित होने की उम्मीद है। इसके अलावा यह पहल देश में गहन स्थानीयकरण को बढ़ावा देगी, जिससे घरेलू आपूर्ति शृंखला मजबूत होगी। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) भी इस परियोजना से सीधे लाभान्वित होंगे। उन्हें वैश्विक तकनीकी कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जुड़ने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और कारोबार दोनों में वृद्धि होगी।

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