Crude Oil में नरमी से शेयर बाजार ने पकड़ी रफ्तार, IT और Realty शेयरों में जोरदार खरीदारी
खबर सार :-
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने भारतीय शेयर बाजार को नई ऊर्जा दी है। आईटी, रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में मजबूत खरीदारी निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है। यदि कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं, तो घरेलू बाजार में आगे भी तेजी का रुख जारी रह सकता है।
खबर विस्तार : -
Crude oil price fall: भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को मजबूत शुरुआत करते हुए निवेशकों को राहत दी। वैश्विक संकेतों के साथ-साथ कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट का असर घरेलू बाजार पर साफ दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। आईटी और रियल्टी सेक्टर में सबसे अधिक खरीदारी देखने को मिली, जबकि अधिकांश सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में कारोबार कर रहे थे।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 399.85 अंक यानी 0.52 प्रतिशत की तेजी के साथ 77,391.07 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 50 सूचकांक 104.20 अंक यानी 0.43 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,125.85 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया।
आईटी और रियल्टी सेक्टर बने बाजार की मजबूती का आधार
शुरुआती सत्र में आईटी और रियल्टी कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी देखने को मिली। निफ्टी आईटी और निफ्टी रियल्टी इंडेक्स सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज करने वाले सेक्टर रहे। इसके अलावा ऑटो, पीएसयू बैंक, ऑयल एंड गैस, फाइनेंशियल सर्विसेज, प्राइवेट बैंक और सर्विस सेक्टर के शेयरों में भी खरीदारी का माहौल बना रहा। हालांकि, मेटल सेक्टर में कुछ दबाव दिखाई दिया और निफ्टी मेटल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करता नजर आया। इसके बावजूद बाजार की व्यापक धारणा सकारात्मक बनी रही, जिससे निवेशकों का उत्साह बढ़ा।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दिखी मजबूती
भारतीय शेयर बाजार में केवल लार्जकैप शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में भी निवेशकों ने भरोसा जताया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 290 अंक यानी 0.48 प्रतिशत की बढ़त के साथ 62,426 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ 18,879 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। विशेषज्ञों का मानना है कि व्यापक बाजार में तेजी यह संकेत देती है कि निवेशकों का भरोसा केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि वे विकास की संभावनाओं वाले अन्य शेयरों में भी निवेश कर रहे हैं।
इन शेयरों ने दिखाई मजबूती
सेंसेक्स में शामिल कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में शानदार बढ़त दर्ज की गई। इंडिगो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति सुजुकी, ट्रेंट, आईसीआईसीआई बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, भारतीय स्टेट बैंक, टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फिनसर्व, टेक महिंद्रा, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एक्सिस बैंक और एनटीपीसी जैसे शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। दूसरी ओर इटरनल, टाइटन, इन्फोसिस, पावर ग्रिड, एशियन पेंट्स, आईटीसी, बीईएल, टाटा स्टील और सन फार्मा जैसे शेयरों में दबाव दिखाई दिया, जिसके चलते वे गिरावट के साथ कारोबार करते रहे।
एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत
वैश्विक बाजारों से भी भारतीय निवेशकों को सकारात्मक संकेत मिले। एशिया के अधिकांश प्रमुख बाजारों में खरीदारी का माहौल देखने को मिला। टोक्यो, शंघाई, बैंकॉक, सोल और जकार्ता के बाजार बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। हालांकि हांगकांग का बाजार कमजोरी के साथ बंद हुआ। अमेरिकी बाजारों का प्रदर्शन मिश्रित रहा। बुधवार को डाओ जोन्स इंडेक्स 0.35 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि तकनीकी शेयरों पर आधारित नैस्डैक 0.43 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। इसके बावजूद वैश्विक निवेशकों का रुख पूरी तरह नकारात्मक नहीं रहा।
कच्चे तेल में गिरावट बनी सबसे बड़ा सहारा
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार घरेलू शेयर बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल करीब 73 डॉलर प्रति बैरल तक फिसल गया है। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए यह स्थिति बेहद सकारात्मक मानी जाती है। कच्चे तेल की कीमतें कम होने से देश का आयात बिल घटता है, जिससे चालू खाता घाटा नियंत्रित रहता है। इसके अलावा परिवहन और उत्पादन लागत में कमी आने से महंगाई पर भी दबाव कम होता है। यही कारण है कि निवेशकों को उम्मीद है कि आने वाले समय में भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर को मजबूती मिलेगी और मुद्रास्फीति नियंत्रण में रहेगी।
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