क्रूड ऑयल की तेजी के बीच शेयर बाजार बेअसर, सेंसेक्स 32 अंक फिसला, IT शेयरों ने संभाली कमान

खबर सार :-

भारतीय शेयर बाजार फिलहाल वैश्विक दबाव और घरेलू मजबूती के बीच संतुलन साधता दिख रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी चिंता बढ़ा रही है, लेकिन बेहतर कॉरपोरेट नतीजे, एफआईआई की वापसी और रुपये की स्थिरता सहारा दे रही है। आने वाले सत्रों में निफ्टी के सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर अहम रहेंगे। तेल की चाल और वैश्विक संकेतों पर नजर जरूरी होगी।
क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ीं, बाजार थमा

खबर विस्तार : -

Stock market today:  कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और बैंकिंग शेयरों पर दबाव के बीच भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को लगभग सपाट शुरुआत की। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 32.67 अंक टूटकर 78,509.77 पर खुला, जबकि निफ्टी 8.70 अंक फिसलकर 24,575.10 पर पहुंचा। हालांकि आईटी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, ऑटो और फार्मा शेयरों में खरीदारी ने बाजार को संभाला। निवेशकों की नजर अब क्रूड, एफआईआई प्रवाह, रुपये और वैश्विक संकेतों पर बनी हुई है और आगामी कारोबारी दिशा को तय करेगी।

सेंसेक्स-निफ्टी की कमजोर शुरुआत

आज के शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 32.67 अंक यानी 0.04 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 78,509.77 अंक पर खुला। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 इंडेक्स 8.70 अंक यानी 0.04 प्रतिशत फिसलकर 24,575.10 अंक पर कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार में बड़ी गिरावट नहीं रही, लेकिन निवेशकों के बीच कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर सतर्कता साफ नजर आई। व्यापक बाजार में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.02 प्रतिशत नीचे रहा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.32 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया। इससे संकेत मिला कि चुनिंदा मिड और स्मॉलकैप शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है।

IT और कंज्यूमर शेयरों ने दिया सहारा

सेक्टोरल प्रदर्शन में आईटी शेयर बाजार के प्रमुख सहारे के रूप में उभरे। निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एवं टेलीकॉम इंडेक्स में 0.73 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 0.66 प्रतिशत और निफ्टी आईटी इंडेक्स 0.63 प्रतिशत मजबूत रहा। इसके अलावा रियल एस्टेट, ऑटोमोबाइल और फार्मा शेयरों में भी सकारात्मक रुख दिखाई दिया। इन क्षेत्रों में खरीदारी ने बाजार पर बने दबाव को सीमित करने में मदद की। निवेशक फिलहाल उन सेक्टर्स में अवसर तलाशते नजर आ रहे हैं, जहां आय वृद्धि और मांग की संभावनाएं बेहतर बनी हुई हैं।

बैंकिंग शेयरों में बिकवाली

वहीं दूसरी ओर बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में दबाव बाजार के लिए चिंता का कारण बना रहा। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स 0.64 प्रतिशत और निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 0.62 प्रतिशत तक कमजोर हुआ। बैंकिंग शेयरों में गिरावट ने सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआती बढ़त की संभावनाओं को सीमित किया। निफ्टी 50 में मैक्स हेल्थ, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, अपोलो हॉस्पिटल्स, एक्सिस बैंक, इंटरग्लोब एविएशन और एसबीआई लाइफ प्रमुख कमजोर शेयरों में शामिल रहे। वहीं आईटी और अन्य चुनिंदा सेक्टरों में खरीदारी ने सूचकांकों को ज्यादा नीचे जाने से रोके रखा।

Crude Oil

क्रूड की तेजी बनी बड़ी चिंता

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी फिलहाल भारतीय इक्विटी बाजार के लिए सबसे महत्वपूर्ण जोखिमों में शामिल है। महंगा क्रूड भारत के आयात बिल, चालू खाते और महंगाई पर असर डाल सकता है। इससे आगे चलकर कंपनियों की लागत और निवेशकों की धारणा प्रभावित होने की आशंका रहती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 0.41 प्रतिशत बढ़कर 88.08 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी डब्ल्यूटीआई क्रूड 0.47 प्रतिशत की तेजी के साथ 82.52 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।

FII की वापसी से उम्मीद

हालांकि कच्चे तेल की कीमतों का दबाव है, लेकिन भारतीय बाजार को घरेलू आर्थिक मजबूती और विदेशी निवेश प्रवाह से समर्थन मिल रहा है। बाजार जानकारों के मुताबिक जून तिमाही के उम्मीद से बेहतर कॉरपोरेट नतीजे निवेशकों का भरोसा बढ़ा रहे हैं। इसके साथ ही रुपये में स्थिरता भी भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। विश्लेषकों का कहना है कि यदि विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई की खरीदारी आगे भी जारी रहती है, तो बाजार में हल्का सकारात्मक रुझान कायम रह सकता है। विदेशी निवेशक दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे बाजारों से पूंजी निकालकर भारतीय इक्विटी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाते दिखाई दे रहे हैं।

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इन सेक्टर्स में पहुंच रहा विदेशी पैसा

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार विदेशी निवेश का रुझान मुख्य रूप से टेलीकॉम, नवीकरणीय ऊर्जा, कैपिटल गुड्स और फार्मा जैसे क्षेत्रों की ओर है। इसके विपरीत अपेक्षाकृत आकर्षक वैल्यूएशन के बावजूद बैंकिंग शेयरों में विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी अभी सीमित बनी हुई है। घरेलू स्तर पर मजबूत उपभोक्ता मांग को भी बाजार के लिए अहम सकारात्मक कारक माना जा रहा है। जानकारों का मानना है कि वित्त वर्ष 2026-27 में उपभोक्ता मांग कंपनियों की आय वृद्धि को सहारा दे सकती है। वहीं एफसीएनआर (बी) जमा योजनाओं में मजबूत प्रवाह रुपये को स्थिर रखने में मदद कर सकता है।

निफ्टी के लिए 24,400-24,450 अहम सपोर्ट

तकनीकी विश्लेषण के लिहाज से निफ्टी के लिए 24,400-24,450 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन माना जा रहा है। यदि इंडेक्स इस दायरे के ऊपर टिकता है तो गिरावट पर खरीदारी का रुझान बना रह सकता है। दूसरी ओर 24,750-24,800 का क्षेत्र प्रमुख रेजिस्टेंस के तौर पर देखा जा रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक 24,800 के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट मिलने पर निफ्टी में तेजी और मजबूत हो सकती है। वहीं सपोर्ट स्तर टूटने पर बाजार में मुनाफावसूली या अतिरिक्त दबाव देखने को मिल सकता है।

एशियाई बाजारों में भी मिला-जुला रुख

वैश्विक बाजारों से भी भारतीय शेयर बाजार को स्पष्ट दिशा नहीं मिली। एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई करीब 2 प्रतिशत चढ़ा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1 प्रतिशत से अधिक मजबूत रहा। इसके उलट हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स करीब 0.6 प्रतिशत कमजोर रहा। अमेरिकी बाजारों में सोमवार को हल्की गिरावट रही। एसएंडपी 500 इंडेक्स 0.06 प्रतिशत और नैस्डैक 0.32 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए। ऐसे में घरेलू बाजार के लिए वैश्विक संकेत भी फिलहाल मिश्रित बने हुए हैं।

आगे किन संकेतकों पर रहेगी नजर?

आने वाले कारोबारी सत्रों में कच्चे तेल की कीमत, एफआईआई का निवेश, रुपये की दिशा और वैश्विक आर्थिक संकेतक बाजार की चाल तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा कंपनियों के तिमाही नतीजे और घरेलू मांग से जुड़े आंकड़े भी निवेशकों के लिए अहम रहेंगे।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)...

1. मंगलवार को शेयर बाजार की शुरुआत कैसी रही?

भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को लगभग सपाट शुरुआत की। सेंसेक्स 32.67 अंक गिरकर 78,509.77 और निफ्टी 8.70 अंक फिसलकर 24,575.10 पर खुला।

2. किन सेक्टर्स में सबसे ज्यादा खरीदारी दिखी?

आईटी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एवं टेलीकॉम, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी आईटी बढ़त में रहे।

3. बाजार पर दबाव की सबसे बड़ी वजह क्या रही?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और बैंकिंग शेयरों में कमजोरी बाजार पर दबाव की प्रमुख वजह रही।

4. निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर क्या हैं?

तकनीकी विश्लेषण के अनुसार 24,400-24,450 निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट जोन है, जबकि 24,750-24,800 प्रमुख रेजिस्टेंस स्तर माना जा रहा है।

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