गौतम अदाणी ने अमेरिकी अदालत के फैसले का किया स्वागत, निर्माण कार्य जारी रखने का लिया संकल्प

खबर सार :-

वॉशिंगटन/नई दिल्ली,: अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने न्यायालय के प्रति सम्मान कर फैसले का स्वागत किया है। उनके, सागर अदाणी और सहयोगी विनीत जैन के खिलाफ आपराधिक आरोप लगाए गए थे, अमेरिकी अदालत द्वारा सभी आरोपों को खारिज कर दिया गया है। फैसले से अदाणी समूह में ऊर्जा, बंदरगाह, हवाई अड्डे, बुनियादी ढांचे आदि के प्रति सम्मान बढ़ेगा।
अदाणी समूह को अमेरिकी अदालत से राहत, ऊर्जा, बंदरगाह, हवाई अड्डे और बुनियादी ढांचे का होगा विस्तार

खबर विस्तार : -

वॉशिंगटन/नई दिल्ली: न्यायिक प्रक्रिया के प्रति विनम्रता और गहरे सम्मान के साथ आज अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने अदालत के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि कठिन दौर में उनका विश्वास सच, निष्पक्षता और कानून के शासन पर कभी कम नहीं हुआ। अदाणी समूह ऊर्जा, बंदरगाह, हवाई अड्डे, बुनियादी ढांचे और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों आगे बढ़ा रहा है। 

यह भी पढ़ें: SBI Mutual Fund का नया दांव! बैलेंस्ड हाइब्रिड फंड लॉन्च, 24 अगस्त तक निवेश का मौका

फैसले के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी है।  गौतम अदाणी ने कहा न्यायिक प्रक्रिया के प्रति सम्मान रखते हैं। उन्होंने अदालत के फैसले का स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि कानून के शासन में हमारा विश्वास अडिग रहा है। अमेरिका के न्यूयॉर्क के पूर्वी जिले की जिला अदालत में यह मामला चल रहा था। न्यायाधीश निकोलस गाराउफिस ने सोमवार को अदाणी समूह के खिलाफ दर्ज मामले का निपटारा करा दिया।

भरोसा बनाए रखने वालों को धन्यवाद कहा

इसके बाद अदाणी ने उन सभी लोगों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस पूरे मामले के दौरान उन पर भरोसा बनाए रखा। अदाणी ग्रुप के चेयरमैन ने कहा कि जिन्होंने हम पर, न्याय व्यवस्था पर और न्याय दिलाने की भारत की क्षमतापर अपना विश्वास बनाए रखा, “मैं उन सभी लोगों का हृदय से धन्यवाद करता हू। उन्होंने कहा कि उनका इरादा देश के विकास में योगदान देने के अपने उद्देश्य पर केंद्रित रहेगा। गौतम अदाणी ने कहा कि यह फैसला उनकी प्राथमिकताओं को नहीं बदलेगा। हम वही करते रहेंगे जो सबसे अधिक महत्वपूर्ण है।

अमेरिकी सरकार को 1.8 करोड़ डॉलर का भुगतान 

इस बीच, अदालत ने अदाणी समूह और अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (एसईसी) के बीच हुए समझौते को भी अंतिम रूप दे दिया। इसके तहत अदाणी पक्ष अमेरिकी सरकार को 1.8 करोड़ डॉलर (18 मिलियन डॉलर) का भुगतान करेगा। ऐसा करने से नागरिक (सिविल) प्रतिभूति धोखाधड़ी से जुड़े मामले का निपटारा हो जाएगा। बाद में उन्होंने सोषल मीडिया पर कहा कि अपने बड़े उद्देश्य की सेवा यही हमारी प्रतिबद्धता है। अपने देश के लिए निर्माण करना, ऐसा मूल्य सृजित करना जो हमारे बाद भी कायम रहे। पिछले महीने अमेरिकी न्याय विभाग ने भी अदालत में दाखिल एक दस्तावेज में स्पष्ट किया था कि इस मामले से जुड़े निवेशकों को कोई वित्तीय नुकसान नहीं हुआ। 

निवेशकों को किसी प्रकार का आर्थिक नुकसान नहीं 

न्यूयॉर्क की संघीय अदालत में दाखिल विस्तृत दस्तावेज का अध्ययन किया गया। इसमें अमेरिकी न्याय विभाग ने कहा था कि निवेशकों को किसी प्रकार का आर्थिक नुकसान नहीं हुआ। इस मामले से जुड़े प्रतिभूति साधनों में निवेश करने वाले किसी भी निवेशक का एक भी पैसा नहीं डूबा है। बाद में उन्होंने बताया कि फाइलिंग में शामिल चार नोट्स में से दो का भुगतान पूरी तरह किया जा चुका है। दो के भुगतान भी नियमित रूप से हो रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना था कि अमेरिकी अदालत का यह फैसला अदाणी ग्रुप के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी राहत है। इसमें उनके समूह की वैश्विक कारोबारी छवि और निवेशकों के विश्वास को मजबूती मिलेगी। 

यह भी पढ़ें: अमेरिकी हिंदुओं को न्यूयॉर्क में संबोधित करेंगे मोहन भागवत, वसुधैव कुटुंबकम पर आरएसएस प्रमुख रखेंगे अपने विचार
 

अन्य प्रमुख खबरें