एविएशन सेक्टर में ‘नारी शक्ति’ को मिलेगी भरपूर उड़ान, महिलाओं की भागीदारी 25% करने का लक्ष्य

खबर सार :-

भारत का विमानन क्षेत्र अब महिला पायलटों की सफलता को पूरे एविएशन इकोसिस्टम तक ले जाने की तैयारी में है। 25 प्रतिशत महिला भागीदारी का लक्ष्य एयरपोर्ट, तकनीकी सेवाओं, प्रबंधन और ईवीटीओएल जैसे उभरते क्षेत्रों में नए अवसर पैदा कर सकता है। यदि सुरक्षित माहौल, समान अवसर और नेतृत्व की भूमिकाएं सुनिश्चित हुईं, तो भारतीय विमानन उद्योग में महिलाओं की भूमिका और प्रभाव तेजी से बढ़ सकता है।
एविएशन में ‘नारी शक्ति’ की उड़ान, 25% भागीदारी का लक्ष्य

खबर विस्तार : -

India aviation sector women participation: भारतीय विमानन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को नई ऊंचाई देने की तैयारी है। केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने सोमवार को कहा कि सरकार विमानन क्षेत्र के पूरे कार्यबल में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाकर 25 प्रतिशत करने की दिशा में काम कर रही है। भारत में महिला पायलटों की हिस्सेदारी पहले ही वैश्विक औसत से करीब तीन गुना है। अब सरकार इस सफलता को विमानन क्षेत्र के दूसरे हिस्सों तक पहुंचाना चाहती है।

भारत में महिला पायलटों की हिस्सेदारी 15%

एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राम मोहन नायडू ने कहा कि भारत में फिलहाल करीब 15 प्रतिशत पायलट महिलाएं हैं, जबकि वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा लगभग 5 प्रतिशत है। उन्होंने इसे देश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि अब विमानन उद्योग के हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की जरूरत है। मंत्री ने कहा कि भारत में महिलाओं ने विमानन क्षेत्र में प्रवेश करने के साथ-साथ अपनी क्षमता और नेतृत्व का भी प्रदर्शन किया है। महिला पायलटों की बढ़ती संख्या इस बदलाव का महत्वपूर्ण उदाहरण है। उनके मुताबिक, यह उपलब्धि दिखाती है कि सही अवसर और सहयोग मिलने पर महिलाएं विमानन जैसे तकनीकी और चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ सकती हैं।

‘नारी शक्ति’ से बदलेगा एविएशन का चेहरा

राम मोहन नायडू ने कहा, “नारी शक्ति भारत के विमानन विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही है।” उन्होंने कहा कि भारत में 15 प्रतिशत पायलट महिलाएं हैं, जबकि वैश्विक औसत केवल 5 प्रतिशत है। सरकार अब इस हिस्सेदारी को 25 प्रतिशत तक ले जाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा महिलाओं को विमानन क्षेत्र में प्रवेश करने, योगदान देने और नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालने के लिए प्रोत्साहित किया है। देश ने इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है, लेकिन मौजूदा उपलब्धियों को आगे बढ़ाने के लिए नए अवसर तैयार करने की जरूरत है।

सिर्फ पायलट नहीं, पूरे एविएशन वर्कफोर्स पर फोकस

नागर विमानन मंत्री ने स्पष्ट किया कि 25 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी का लक्ष्य केवल महिला पायलटों तक सीमित नहीं है। सरकार पूरे विमानन कार्यबल में महिलाओं की संख्या बढ़ाना चाहती है। इसमें एयरपोर्ट से जुड़े रोजगार, तकनीकी सेवाएं, प्रबंधन, संचालन और विमानन से जुड़ी नई तकनीकों के क्षेत्र शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में विमानन उद्योग तेजी से बदलने वाला है। ऐसे में महिलाओं के लिए पारंपरिक भूमिकाओं के अलावा नए क्षेत्रों में भी अवसर पैदा होंगे। सरकार चाहती है कि महिलाएं विमानन के बदलते इकोसिस्टम का अहम हिस्सा बनें और सिर्फ कार्यबल में शामिल होने तक सीमित न रहें, बल्कि नेतृत्वकारी जिम्मेदारियां भी संभालें।

ईवीटीओएल और नई तकनीकों में भी बढ़ेंगे मौके

राम मोहन नायडू ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी को विमानन के उभरते क्षेत्रों तक ले जाने की जरूरत है। उन्होंने विशेष रूप से ईवीटीओएल जैसी नई तकनीकों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में भी महिलाओं को आगे आने के अवसर मिलने चाहिए। मंत्री के मुताबिक, एयरपोर्ट पर काम करने से लेकर तकनीकी सेवाओं, नई एविएशन टेक्नोलॉजी और भविष्य की विमानन सेवाओं तक महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इससे विमानन क्षेत्र में उपलब्ध प्रतिभा का दायरा बढ़ेगा और उद्योग को अधिक विविध कार्यबल मिल सकेगा।

सुरक्षित और समान अवसर वाला माहौल जरूरी

नागर विमानन मंत्री ने कहा कि विमानन उद्योग को ऐसा कार्यस्थल तैयार करना होगा, जहां महिलाएं सहजता से काम कर सकें और अपने करियर में आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सिर्फ नौकरी देने के बजाय उन्हें निर्णय लेने और नेतृत्व करने के अवसर भी उपलब्ध कराने होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि विमानन क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेगी। जब युवा महिलाएं पायलट, इंजीनियर, एयर ट्रैफिक कंट्रोलर, एविएशन मैनेजर और अन्य पेशेवर भूमिकाओं में आगे आएंगी, तो इससे पूरे उद्योग में महिलाओं के लिए करियर के नए रास्ते खुलेंगे।

युवा महिलाओं को एविएशन में करियर के लिए प्रोत्साहन

इस कार्यक्रम में महिलाओं की बड़ी भागीदारी का जिक्र करते हुए नायडू ने कहा कि विमानन क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती रुचि उत्साहजनक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में अधिक युवा महिलाएं एविएशन सेक्टर को करियर के रूप में चुनेंगी। उन्होंने कहा कि भारत महिला पायलटों की हिस्सेदारी के मामले में पहले ही दुनिया के कई देशों के लिए उदाहरण बन चुका है। अब चुनौती इस उपलब्धि को पूरे विमानन इकोसिस्टम में दोहराने की है। सरकार का 25 प्रतिशत भागीदारी का लक्ष्य इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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FAQ....

1. भारत में कितने प्रतिशत पायलट महिलाएं हैं?

भारत में करीब 15 प्रतिशत पायलट महिलाएं हैं, जबकि वैश्विक औसत लगभग 5 प्रतिशत है।

2. सरकार ने विमानन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी का कितना लक्ष्य रखा है?

सरकार विमानन क्षेत्र के पूरे कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी 25 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

3. 25 प्रतिशत का लक्ष्य किन क्षेत्रों पर लागू होगा?

इसमें सिर्फ पायलट ही नहीं, बल्कि एयरपोर्ट, तकनीकी सेवाएं, मैनेजमेंट, ईवीटीओएल और अन्य विमानन क्षेत्र शामिल होंगे।

4. महिलाओं को विमानन क्षेत्र में कौन-कौन से अवसर मिल सकते हैं?

महिलाएं पायलट, इंजीनियर, एयर ट्रैफिक कंट्रोलर, एविएशन मैनेजर समेत कई तकनीकी और नेतृत्वकारी भूमिकाओं में करियर बना सकती हैं।

 

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