अमेरिका-ईरान तनाव के बीच कीमती धातुओं में जोरदार तेजी, सोना 1.55 लाख और चांदी 2.42 लाख रुपये के करीब

खबर सार :-

पश्चिम एशिया का बढ़ता तनाव फिलहाल सोने-चांदी के लिए सहारा बनता दिख रहा है, लेकिन शुरुआती उछाल के बाद दोनों धातुओं में नरमी बताती है कि बाजार बेहद अस्थिर है। आने वाले दिनों में अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, ब्याज दरों की दिशा, डॉलर की चाल और भू-राजनीतिक घटनाक्रम कीमतों का रुख तय करेंगे। निवेशकों को उतार-चढ़ाव के बीच सावधानी बरतनी होगी और संकेतों पर लगातार नजर रखनी होगी।
सोना-चांदी ने पकड़ी रफ्तार, 5 हजार तक उछली चांदी

खबर विस्तार : -

Gold Silver Rate Today: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच जारी टकराव ने मंगलवार को घरेलू कमोडिटी बाजार में सोने-चांदी की चमक बढ़ा दी। शुरुआती कारोबार में सोना 2,000 रुपये से अधिक और चांदी 5,000 रुपये से ज्यादा चढ़ी। हालांकि बाद में दोनों धातुओं में कुछ मुनाफावसूली दिखाई दी। कमजोर डॉलर और अमेरिकी मौद्रिक नीति को लेकर उम्मीदों ने भी निवेशकों का रुख कीमती धातुओं की ओर मोड़ा और बाजार में हलचल बढ़ी।

बाजार में ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली

बुलियन मार्केट में मंगलवार को अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना पिछले बंद भाव 1,53,099 रुपये प्रति 10 ग्राम के मुकाबले 1,600 रुपये यानी 1.04 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,54,699 रुपये पर खुला। कारोबार के दौरान तेजी और मजबूत हुई तथा पीली धातु ने 2,338 रुपये यानी 1.52 प्रतिशत की छलांग लगाकर 1,55,437 रुपये प्रति 10 ग्राम का इंट्रा-डे उच्च स्तर छुआ। हालांकि, खबर लिखे जाने तक सोने में तेजी कुछ कम हो चुकी थी। उस समय यह 895 रुपये यानी 0.58 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,53,994 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया। इससे संकेत मिलता है कि शुरुआती उछाल के बाद बाजार में ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली देखने को मिली।

चांदी में भी जोरदार उछाल

चांदी ने भी मंगलवार को मजबूत शुरुआत की। सितंबर डिलीवरी वाली चांदी पिछले बंद भाव 2,36,867 रुपये प्रति किलोग्राम से 3,132 रुपये यानी 1.32 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,39,999 रुपये पर खुली। सत्र के दौरान इसमें और तेजी आई और सफेद धातु ने 5,132 रुपये यानी 2.16 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,42,000 रुपये प्रति किलोग्राम का इंट्रा-डे उच्च स्तर छुआ। बाद में चांदी में भी शुरुआती तेजी बरकरार नहीं रही। खबर लिखे जाने तक सितंबर डिलीवरी वाली चांदी 371 रुपये यानी 0.16 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,36,496 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। इस तरह दिन के उच्चतम स्तर से इसमें करीब 5,500 रुपये की नरमी दिखाई दी, जो बाजार में तेज उतार-चढ़ाव को दर्शाती है।

ये भी पढ़ें....सोने-चांदी की कीमतों ने मचाई धूम! एक सप्ताह में गोल्ड ₹8,600 और सिल्वर ₹15,000 से ज्यादा महंगी

भू-राजनीतिक जोखिम ने बढ़ाई सुरक्षित निवेश की मांग

कीमती धातुओं की कीमतों को इस समय कई वैश्विक और घरेलू कारक प्रभावित कर रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से निवेशकों के बीच सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ सकती है। ऐसे माहौल में सोने को पारंपरिक तौर पर सुरक्षित परिसंपत्ति माना जाता है। भू-राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशक जोखिम वाली परिसंपत्तियों से पैसा निकालकर सोने जैसे विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं।

कमजोर डॉलर और नरम नीति की उम्मीद से सोने को सपोर्ट

इसके अलावा अमेरिकी मौद्रिक नीति को लेकर नरम रुख की उम्मीदों ने भी सोने को सहारा दिया है। ब्याज दरों में नरमी की संभावना बढ़ने पर आमतौर पर सोने जैसी गैर-ब्याज देने वाली परिसंपत्तियों की आकर्षकता बढ़ती है। डॉलर में कमजोरी भी कीमती धातुओं के लिए सकारात्मक संकेत मानी जाती है, क्योंकि इससे अन्य मुद्राओं में खरीदारी करने वाले निवेशकों के लिए सोना अपेक्षाकृत सस्ता पड़ सकता है।

निवेश मांग से चांदी को भी सहारा

चांदी की तेजी के पीछे निवेश मांग के साथ औद्योगिक उपयोग और उपभोक्ताओं की बदलती प्राथमिकताएं भी महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, बाजार में मुद्रास्फीति के आंकड़ों और केंद्रीय बैंकों के संकेतों को लेकर संवेदनशीलता बनी हुई है। आने वाले सत्रों में किसी बड़े आर्थिक आंकड़े, मौद्रिक नीति संबंधी संकेत या पश्चिम एशिया से जुड़ी खबर का असर कीमतों पर तुरंत दिखाई दे सकता है।

ऊंची कीमतों का घरेलू मांग पर असर

सोने और चांदी की ऊंची कीमतों का असर घरेलू मांग पर भी पड़ सकता है। महंगा सोना खरीदने में उपभोक्ता सतर्क हो सकते हैं, जबकि निवेशक कीमतों में आगे की तेजी की उम्मीद में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकते हैं। इसलिए मांग और निवेश के बीच संतुलन भी बाजार की दिशा तय करेगा। फिलहाल भू-राजनीतिक जोखिम, डॉलर की चाल, अमेरिकी नीति की उम्मीदें और वैश्विक आर्थिक आंकड़े सोने-चांदी के लिए प्रमुख संकेतक बने हुए हैं।

आगे कैसी रह सकती है चाल?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले दिनों में कीमती धातुओं का बाजार कई मोर्चों पर नजर रखेगा। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता है तो सुरक्षित निवेश की मांग सोने को और मजबूत कर सकती है। दूसरी ओर, अगर तनाव कम होता है या डॉलर में मजबूती आती है तो कीमतों पर दबाव बन सकता है। चांदी में भी निवेश मांग के साथ औद्योगिक गतिविधियों से जुड़े संकेत महत्वपूर्ण रहेंगे। ऐसे में दोनों धातुओं में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है।

ये भी पढ़े....एमसीएक्स पर सोने की कीमत 1.49 लाख रुपये के पार, चांदी में 1.13% की तेजी

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)...

1. बुलियन मार्केट में मंगलवार को सोने की कीमत कितनी बढ़ी?

अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना इंट्रा-डे में 2,338 रुपये यानी 1.52% बढ़कर 1,55,437 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्च स्तर पर पहुंचा।

2. चांदी की कीमत में कितनी तेजी आई?

सितंबर डिलीवरी वाली चांदी इंट्रा-डे में 5,132 रुपये यानी 2.16% चढ़कर 2,42,000 रुपये प्रति किलोग्राम के उच्च स्तर पर पहुंची।

3. सोने-चांदी की कीमतों में तेजी की वजह क्या है?

अमेरिका-ईरान तनाव, पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक जोखिम, कमजोर डॉलर और अमेरिकी मौद्रिक नीति में नरमी की उम्मीदों ने कीमती धातुओं को सहारा दिया।

4. क्या आगे भी सोने-चांदी में तेजी जारी रह सकती है?

कीमती धातुओं की दिशा पश्चिम एशिया के तनाव, डॉलर की चाल, अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और केंद्रीय बैंकों के संकेतों पर निर्भर करेगी। उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

अन्य प्रमुख खबरें