कमजोर डॉलर ने बढ़ाई सोने-चांदी की चमक, वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच कीमतों में जोरदार उछाल, सुरक्षित निवेश की बढ़ी मांग

खबर सार :-

कमजोर डॉलर, सस्ते कच्चे तेल और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं ने फिलहाल सोने और चांदी को मजबूत समर्थन दिया है। निवेशकों के लिए आने वाले दिनों में अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, डॉलर इंडेक्स, महंगाई के रुझान और केंद्रीय बैंकों की नीतियां सबसे महत्वपूर्ण कारक रहेंगी। इन संकेतकों के आधार पर ही कीमती धातुओं की अगली चाल तय होने की संभावना है।
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खबर विस्तार : -

Gold Silver Rate Today: वैश्विक बाजार में बदलते आर्थिक समीकरणों का असर सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों पर साफ दिखाई दिया। कमजोर अमेरिकी डॉलर, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और भू-राजनीतिक तनाव कम होने के बीच निवेशकों ने एक बार फिर कीमती धातुओं का रुख किया। घरेलू व अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोना और चांदी दोनों करीब एक प्रतिशत तक मजबूत हुए। विशेषज्ञों का कहना है कि महंगाई, मुद्रा बाजार और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण आने वाले दिनों में कीमती धातुओं की चाल निवेशकों के लिए बेहद अहम रहने वाली है।

MCX पर सोने-चांदी की वायदा अनुबंध आधारित कीमतें

सोमवार को घरेलू सर्राफा और कमोडिटी बाजार में सोने और चांदी ने मजबूत शुरुआत की। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने सोने-चांदी की मांग को बढ़ावा दिया, जिससे निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ता दिखाई दिया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने का 5 अगस्त 2026 का वायदा अनुबंध पिछली क्लोजिंग 1,41,511 रुपये प्रति 10 ग्राम के मुकाबले 1,42,002 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। सुबह के कारोबार में सोना 403 रुपये यानी 0.28 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,41,914 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा। कारोबार के दौरान इसने 1,41,550 रुपये का निचला स्तर और 1,42,002 रुपये का उच्चतम स्तर छुआ।

चांदी में निवेशकों ने की जोरदार खरीदारी

चांदी में भी निवेशकों की खरीदारी जोरदार रही। एमसीएक्स पर 4 सितंबर 2026 का चांदी वायदा अनुबंध पिछली क्लोजिंग 2,17,198 रुपये प्रति किलोग्राम के मुकाबले 2,17,995 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुला। शुरुआती कारोबार में चांदी 2,149 रुपये यानी 0.99 प्रतिशत की मजबूती के साथ 2,19,347 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। कारोबार के दौरान चांदी ने 2,17,683 रुपये का न्यूनतम और 2,19,399 रुपये प्रति किलोग्राम का उच्चतम स्तर दर्ज किया।

US Currency-Dollar

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में कमजोरी का असर

घरेलू बाजार की तरह अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कीमती धातुओं में मजबूती देखने को मिली। कॉमेक्स पर सोना 0.32 प्रतिशत बढ़कर 4,120 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि चांदी 1.24 प्रतिशत की तेजी के साथ 58.51 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखी। इससे स्पष्ट है कि वैश्विक स्तर पर भी निवेशकों का भरोसा कीमती धातुओं में बढ़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में कमजोरी है। हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के संकेत मिलने से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है। तेल सस्ता होने से डॉलर की मांग भी कमजोर हुई, जिसका सीधा असर डॉलर इंडेक्स पर पड़ा। जब डॉलर कमजोर होता है तो सोना और चांदी विदेशी निवेशकों के लिए अपेक्षाकृत सस्ते हो जाते हैं, जिससे उनकी मांग बढ़ जाती है।

ब्रेंट क्रूड की कीमतों में करीब 5.36 प्रतिशत की गिरावट

अंतरराष्ट्रीय डॉलर इंडेक्स दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं-यूरो, जापानी येन, ब्रिटिश पाउंड, कैनेडियन डॉलर, स्वीडिश क्रोना और स्विस फ्रैंक-के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती या कमजोरी को दर्शाता है। जब यह इंडेक्स गिरता है तो आमतौर पर सोने जैसी सुरक्षित परिसंपत्तियों में निवेश बढ़ने लगता है। इस बीच ऊर्जा बाजार में भी बड़ी हलचल देखने को मिली। खबर लिखे जाने तक ब्रेंट क्रूड करीब 5.36 प्रतिशत की गिरावट के साथ 83.20 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 6.18 प्रतिशत टूटकर 79.06 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। कच्चे तेल में यह गिरावट वैश्विक महंगाई के दबाव को कम करने की दिशा में सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

हालांकि महंगाई को लेकर चिंता अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। दुनिया के कई प्रमुख देशों में केंद्रीय बैंक अभी भी ब्याज दरों और मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर नजर बनाए हुए हैं। ऐसे माहौल में निवेशक जोखिम वाले निवेश की बजाय सुरक्षित विकल्पों को प्राथमिकता दे रहे हैं। यही कारण है कि सोना और चांदी दोनों एक बार फिर आकर्षण का केंद्र बनते जा रहे हैं। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि यदि डॉलर इंडेक्स में कमजोरी जारी रहती है और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता बनी रहती है, तो सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी मजबूती देखने को मिल सकती है। वहीं, यदि अमेरिकी आर्थिक आंकड़े मजबूत आते हैं या डॉलर दोबारा मजबूत होता है, तो कीमती धातुओं में मुनाफावसूली भी देखने को मिल सकती है।

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FAQ...

1. सोने और चांदी की कीमतों में तेजी क्यों आई?

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में कमजोरी, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और वैश्विक बाजार में सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग के कारण सोने और चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की गई।

2. एमसीएक्स पर सोने का भाव कितना रहा?

एमसीएक्स पर 5 अगस्त 2026 के सोना वायदा अनुबंध ने 1,42,002 रुपये प्रति 10 ग्राम पर शुरुआत की और कारोबार के दौरान 1,41,914 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करता रहा।

3. चांदी की कीमत में कितनी बढ़ोतरी हुई?

एमसीएक्स पर चांदी करीब 0.99 प्रतिशत मजबूत होकर 2,19,347 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई।

4. डॉलर इंडेक्स कमजोर होने से सोने की कीमत क्यों बढ़ती है?

डॉलर कमजोर होने पर अन्य देशों के निवेशकों के लिए सोना अपेक्षाकृत सस्ता हो जाता है, जिससे इसकी मांग बढ़ती है और कीमतों में तेजी आती है।

5. कच्चे तेल की कीमतों का सोने-चांदी पर क्या असर पड़ता है?

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से महंगाई का दबाव कम होने और डॉलर की मांग घटने की संभावना रहती है, जिससे सोने और चांदी की कीमतों को समर्थन मिल सकता है।

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