UPI यूजर्स को बड़ी राहत, नहीं लगेगा कोई शुल्क; ₹2,000 से ऊपर के भुगतान पर MDR, व्यापारियों पर पड़ेगा बोझ

खबर सार :-

UPI के नए MDR ढांचे को लेकर PhonePe CEO समीर निगम ने स्पष्ट किया है कि ग्राहकों पर कोई शुल्क नहीं लगाया जाएगा। ₹2,000 से अधिक के पात्र मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत MDR का भुगतान व्यापारी करेंगे, जबकि छोटे व्यापारी दायरे से बाहर रहेंगे। PhonePe के अनुसार, MDR से मिलने वाला राजस्व UPI इंफ्रास्ट्रक्चर, साइबर सुरक्षा, नवाचार और भविष्य के निवेश को वित्तीय आधार देने में मदद करेगा।
UPI पर नहीं लगेगा कोई शुल्क, यूजर्स को बड़ी राहत; MDR मजबूत

खबर विस्तार : -

UPI MDR No Customer Charge: UPI यूजर्स के लिए राहत की खबर है। PhonePe के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) समीर निगम ने कहा है कि नए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) ढांचे के बावजूद ग्राहकों से UPI इस्तेमाल करने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। उनके मुताबिक, यह व्यवस्था डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को वित्तीय रूप से टिकाऊ बनाने और इससे जुड़े बैंकों व कंपनियों के निवेश को बनाए रखने के लिए जरूरी है।

आईएएनएस को दिए एक साक्षात्कार में समीर निगम ने स्पष्ट किया कि ग्राहक पहले की तरह बिना किसी शुल्क के UPI का इस्तेमाल कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) और व्यक्ति-से-व्यापारी (P2M) दोनों तरह के भुगतान ग्राहकों के लिए मुफ्त रहेंगे। यानी नए MDR का सीधा बोझ UPI यूजर्स पर नहीं पड़ेगा।

छोटे व्यापारियों को MDR से बाहर रखा गया

समीर निगम के अनुसार, 1 लाख रुपये से कम वार्षिक कारोबार वाले छोटे व्यापारी भी नई MDR व्यवस्था के दायरे से बाहर रहेंगे। इसका मतलब है कि छोटे कारोबारियों के लिए डिजिटल भुगतान स्वीकार करने की लागत बढ़ाने वाला कोई नया MDR लागू नहीं होगा। उन्होंने यह भी बताया कि बड़े दुकानदारों के मामले में भी ₹2,000 से कम राशि वाले 96 प्रतिशत लेनदेन किसी शुल्क के दायरे में नहीं आएंगे। वहीं, ₹2,000 से अधिक के पात्र मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा। इस शुल्क का भुगतान ग्राहक नहीं, बल्कि व्यापारी करेंगे। निगम ने कहा कि व्यापारियों पर लागू MDR से मिलने वाला राजस्व उन बैंकों और कंपनियों के निवेश को समर्थन देगा, जो UPI इकोसिस्टम को चलाने और विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

UPI इंफ्रास्ट्रक्चर पर हर साल भारी खर्च

PhonePe CEO ने डिजिटल भुगतान व्यवस्था के संचालन की लागत का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, UPI इंफ्रास्ट्रक्चर को चालू रखने के लिए उद्योग हर साल करीब 10,000 करोड़ से 12,000 करोड़ रुपये खर्च करता है। उन्होंने कहा कि यह खर्च केवल तकनीकी ढांचे तक सीमित नहीं है। KYC, साइबर सुरक्षा, जोखिम प्रबंधन, धोखाधड़ी रोकने के उपाय, मर्चेंट चार्जबैक और पूंजीगत निवेश जैसी गतिविधियों पर भी कंपनियों और बैंकों को बड़ी राशि खर्च करनी पड़ती है। निगम के मुताबिक, डिजिटल भुगतान के लगातार बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए इस इकोसिस्टम में लगातार निवेश जरूरी है। MDR से मिलने वाला राजस्व उद्योग में वापस आएगा और इससे तकनीकी क्षमता बढ़ाने तथा सिस्टम को लंबे समय तक टिकाऊ बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

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ग्राहकों पर नहीं डाला जा सकेगा MDR का बोझ

जब समीर निगम से पूछा गया कि क्या नए ढांचे के बाद UPI ग्राहकों को किसी अतिरिक्त शुल्क की चिंता करनी चाहिए, तो उन्होंने इसे स्पष्ट रूप से खारिज किया। उनके अनुसार, न P2P और न ही P2M भुगतान पर ग्राहक से अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि MDR का भुगतान करने वाले व्यापारी इस शुल्क को ग्राहकों पर नहीं डाल सकेंगे। इस तरह प्रस्तावित शुल्क व्यवस्था का उद्देश्य UPI यूजर्स के लिए भुगतान की लागत बढ़ाना नहीं, बल्कि डिजिटल पेमेंट नेटवर्क से जुड़े कारोबारों को राजस्व का एक स्रोत उपलब्ध कराना है।

5 साल में 20 करोड़ से बढ़कर 50-55 करोड़ यूजर्स

समीर निगम ने भारत में UPI के तेजी से विस्तार का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, वर्ष 2020 में UPI के करीब 20 करोड़ यूजर्स थे, जबकि अब यह संख्या बढ़कर करीब 50 से 55 करोड़ तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि यूजर्स की संख्या और डिजिटल भुगतान के बढ़ते पैमाने के साथ इस क्षेत्र में निवेश की जरूरत भी बढ़ रही है। नए राजस्व मॉडल से निजी क्षेत्र की फिनटेक कंपनियों को मार्केटिंग, नवाचार और रिसर्च एंड डेवलपमेंट में अधिक निवेश करने का अवसर मिल सकता है।

डिजिटल भुगतान के विस्तार पर फोकस

PhonePe CEO के अनुसार, UPI की सफलता को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए केवल लेनदेन की संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। इसके पीछे मौजूद तकनीकी और वित्तीय ढांचे को भी लगातार मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा कि व्यवसायों को उचित आय अर्जित करने का अवसर मिलना जरूरी है, ताकि वे डिजिटल भुगतान नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने, सुरक्षा मजबूत करने और नए उत्पाद विकसित करने में निवेश कर सकें। ऐसे में MDR को लेकर मौजूदा चर्चा ग्राहकों पर शुल्क लगाने से ज्यादा UPI इकोसिस्टम की वित्तीय स्थिरता और भविष्य के निवेश से जुड़ी हुई है।

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