दो दिन की गिरावट थमी, बाजार में लौटी हरियाली; सेंसेक्स 333 अंक चढ़ा, IT शेयरों पर दबाव

खबर सार :-

दो दिनों की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को राहत की सांस ली और सेंसेक्स 333 अंक चढ़कर बंद हुआ। FMCG, PSU बैंक और रियल्टी शेयरों ने बाजार को सहारा दिया, जबकि IT, फार्मा और हेल्थकेयर में दबाव रहा। अब बाजार की दिशा अमेरिकी फेड के फैसले और चेयरमैन की टिप्पणियों से मिलने वाले ब्याज दर संकेतों पर निर्भर करेगी। साथ ही कच्चे तेल की कीमतें भी अहम रहेंगी।
बाजार में दो दिन बाद लौटी रौनक, सेंसेक्स 333 अंक उछला

खबर विस्तार : -

US Federal Reserve: अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतिगत बैठक के फैसले से पहले कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने बुधवार को भारतीय शेयर बाजार को राहत दी। लगातार दो सत्रों की गिरावट के बाद घरेलू बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ। FMCG, PSU बैंक और रियल्टी शेयरों में खरीदारी ने प्रमुख बेंचमार्क को मजबूती दी। हालांकि, IT, फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों में दबाव बना रहा।

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 332.63 अंक यानी 0.45 प्रतिशत बढ़कर 74,336.45 पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी50 में 99 अंक यानी 0.43 प्रतिशत की तेजी रही और यह 23,217.60 के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि व्यापक बाजार में तेजी का असर नजर नहीं आया। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.01 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.18 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ बंद हुए।

FMCG और PSU बैंक शेयरों में खरीदारी

सेक्टरवार कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों ने बाजार को सबसे ज्यादा सहारा दिया। निफ्टी FMCG में 1.63 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा निफ्टी PSU बैंक 1.44 प्रतिशत और निफ्टी रियल्टी 0.99 प्रतिशत चढ़ा। इन क्षेत्रों में खरीदारी से बाजार की धारणा को मजबूती मिली। दूसरी ओर, IT सेक्टर पर सबसे ज्यादा दबाव रहा। निफ्टी IT के साथ फार्मा और हेल्थकेयर इंडेक्स में भी गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी50 के शेयरों में TCS, विप्रो, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, L&T और बजाज फिनसर्व प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे। वहीं, HDFC Life, SBI Life, SBI और ITC निफ्टी50 के प्रमुख बढ़त वाले शेयर रहे। इससे संकेत मिला कि बाजार में चुनिंदा सेक्टर और स्टॉक्स में खरीदारी देखने को मिली, जबकि कुछ बड़े सेक्टरों में निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।

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निफ्टी के सामने 23,300-23,400 की चुनौती

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक निफ्टी के तकनीकी आउटलुक में फिलहाल 23,300 से 23,400 का स्तर महत्वपूर्ण बाधा बना हुआ है। इस दायरे के ऊपर मजबूती से टिकने पर रिकवरी को आगे बढ़ने का आधार मिल सकता है। व्यापक तकनीकी स्थिति में स्पष्ट सुधार के लिए निफ्टी का 23,500 के ऊपर टिकना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं नीचे की ओर 23,100 से 23,070 का क्षेत्र तत्काल सपोर्ट के रूप में देखा जा रहा है। यदि इंडेक्स 23,070 के नीचे निर्णायक रूप से फिसलता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और निफ्टी 23,000 से 22,800 के दायरे की ओर बढ़ सकता है।

अब फेड के फैसले पर बाजार की नजर

भारतीय बाजार की अगली दिशा के लिए अब निवेशकों का ध्यान अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक के नतीजों पर है। बाजार प्रतिभागी यह संकेत तलाश रहे हैं कि केंद्रीय बैंक आने वाले समय में ब्याज दरों को लेकर किस तरह का रुख अपनाता है। विशेषज्ञों के अनुसार फेड की टिप्पणी संतुलित रहने पर बाजार में रिकवरी आगे बढ़ सकती है। इसके विपरीत, अगर फेड का रुख अपेक्षाकृत सख्त रहता है, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में दोबारा तेजी आती है या ब्रेंट क्रूड की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंचती है, तो भारतीय बाजार पर फिर दबाव बन सकता है।

फेड चेयरमैन की टिप्पणी होगी अहम

निवेशकों के लिए सिर्फ नीतिगत फैसले से ज्यादा महत्वपूर्ण फेड चेयरमैन की टिप्पणी और आगे की ब्याज दरों को लेकर मिलने वाले संकेत होंगे। इन संकेतों का असर वैश्विक तरलता, विदेशी पूंजी प्रवाह और उभरते बाजारों की धारणा पर पड़ सकता है। ऐसे में अगले कारोबारी सत्रों में भारतीय बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना के बीच निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतकों और प्रमुख तकनीकी स्तरों पर रहेगी।

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FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल).....

1. बुधवार को सेंसेक्स और निफ्टी कितने चढ़े?

सेंसेक्स 332.63 अंक यानी 0.45% बढ़कर 74,336.45 पर बंद हुआ। निफ्टी50 में 99 अंक यानी 0.43% की तेजी रही और यह 23,217.60 पर बंद हुआ।

2. किन सेक्टरों ने बाजार को सबसे ज्यादा सहारा दिया?

FMCG, PSU बैंक और रियल्टी शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी FMCG 1.63%, PSU बैंक 1.44% और रियल्टी इंडेक्स 0.99% चढ़ा। इसके विपरीत IT, फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर दबाव में रहे।

3. अब शेयर बाजार की नजर किन संकेतों पर है?

निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति बैठक और फेड चेयरमैन की टिप्पणियों पर है। इसके अलावा अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतें भी बाजार की दिशा के लिए महत्वपूर्ण रहेंगी।

 

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