Indian Stock Market की सपाट शुरुआत, IT और Pharma शेयरों में दिखी मजबूती, निवेशकों ने बरती सतर्कता
खबर सार :-
भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को सपाट शुरुआत की, लेकिन आईटी और फार्मा सेक्टर की मजबूती ने बाजार को सहारा दिया। वैश्विक अनिश्चितता, अमेरिकी बाजारों की कमजोरी और फेड की नीतियों को लेकर चिंता के बीच निवेशक सतर्क बने हुए हैं। आने वाले कारोबारी सत्रों में निफ्टी का 23,950 स्तर महत्वपूर्ण रहेगा, जबकि वैश्विक संकेत बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
खबर विस्तार : -
Stock Market flat opening: मिलेजुले वैश्विक संकेतों और विदेशी बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच बुधवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत लगभग सपाट रही। शुरुआती कारोबार में निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया, हालांकि आईटी और फार्मा सेक्टर के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी सीमित दायरे में कारोबार करते नजर आए, जिससे बाजार में फिलहाल स्पष्ट दिशा का अभाव दिखाई दिया।
कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 29.08 अंक यानी 0.04 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,229.76 अंक पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 28.30 अंक या 0.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,795.80 अंक पर कारोबार करता दिखा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितता और अमेरिकी बाजारों में आई कमजोरी का असर भारतीय निवेशकों की धारणा पर पड़ा है।
IT और Pharma सेक्टर बने बाजार के सहारे
शुरुआती कारोबार में सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी आईटी और निफ्टी फार्मा सबसे अधिक मजबूती वाले सूचकांक रहे। इसके अलावा हेल्थकेयर, पीएसयू बैंक, प्राइवेट बैंक, सर्विसेज, रियल्टी, एफएमसीजी और पीएसई सेक्टरों में भी खरीदारी का माहौल दिखाई दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि आईटी कंपनियों में हालिया गिरावट के बाद निवेशकों ने चुनिंदा शेयरों में वैल्यू बाइंग की है। फार्मा कंपनियों को भी रक्षात्मक निवेश विकल्प के रूप में समर्थन मिल रहा है। वहीं बैंकिंग और सर्विस सेक्टर में स्थिरता ने बाजार को संतुलन प्रदान किया।
Auto, Metal और Media शेयरों पर दबाव
दूसरी ओर कुछ प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली का दबाव भी देखने को मिला। निफ्टी ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मेटल, मीडिया और इंफ्रा सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। वैश्विक मांग को लेकर चिंताओं और कमोडिटी बाजार में कमजोरी का असर मेटल कंपनियों पर देखा गया। ऑटो सेक्टर में भी निवेशक फिलहाल सतर्क दिखाई दिए। आगामी तिमाही नतीजों और मांग के आंकड़ों को लेकर बाजार प्रतिभागी इंतजार की रणनीति अपना रहे हैं।
Midcap और Smallcap शेयरों में मिला-जुला रुख
बाजार के व्यापक हिस्से में भी मिश्रित तस्वीर दिखाई दी। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 60.90 अंक यानी 0.11 प्रतिशत की बढ़त के साथ 62,138.65 अंक पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स मामूली 3 अंक की बढ़त के साथ 18,823 अंक पर कारोबार कर रहा था। विश्लेषकों के अनुसार मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में निवेशकों की रुचि बनी हुई है, लेकिन ऊंचे वैल्यूएशन के कारण खरीदारी चयनात्मक रूप से की जा रही है। निवेशक फिलहाल मजबूत वित्तीय प्रदर्शन वाली कंपनियों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
Sensex के इन शेयरों में रही सबसे ज्यादा हलचल
सेंसेक्स पैक में टेक महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक, ट्रेंट, इन्फोसिस, अदाणी पोर्ट्स, पावर ग्रिड, बीईएल, सन फार्मा, टीसीएस, एलएंडटी, एसबीआई, अल्ट्राटेक सीमेंट, एशियन पेंट्स और एमएंडएम के शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। वहीं भारती एयरटेल, एचसीएल टेक, मारुति सुजुकी, टाटा स्टील, एनटीपीसी, टाइटन, बजाज फिनसर्व और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयरों में कमजोरी दर्ज की गई। निवेशकों की नजर फिलहाल कंपनी-विशिष्ट खबरों और आगामी वित्तीय परिणामों पर बनी हुई है।
अमेरिकी बाजारों की कमजोरी का असर
एक्सिस डायरेक्ट के रिसर्च प्रमुख राजेश पलविया के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित कंपनियों के ऊंचे वैल्यूएशन को लेकर बढ़ती चिंताओं और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के संभावित सख्त रुख के कारण वैश्विक बाजारों में दबाव बना हुआ है। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में आई भारी गिरावट ने अमेरिकी बाजारों की धारणा को प्रभावित किया, जिसका असर एशियाई और भारतीय बाजारों में भी दिखाई दे रहा है। उनके अनुसार जब तक निफ्टी 23,950 के स्तर से नीचे बना रहेगा, तब तक बाजार में सतर्कता का माहौल जारी रह सकता है।
एशियाई बाजारों में भी दिखा मिला-जुला कारोबार
बुधवार को एशियाई बाजारों में भी मिश्रित रुख देखने को मिला। टोक्यो, शंघाई और जकार्ता के बाजार लाल निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि हांगकांग, सोल और बैंकॉक में बढ़त दर्ज की गई। वैश्विक निवेशक अमेरिकी आर्थिक संकेतकों और ब्याज दरों से जुड़े संकेतों पर नजर बनाए हुए हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में लगातार नरमी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.16 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 72.35 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि ब्रेंट क्रूड 0.98 प्रतिशत गिरकर 76.04 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। तेल की कीमतों में नरमी भारत जैसे आयातक देशों के लिए राहतकारी मानी जा रही है और इससे महंगाई पर दबाव कम हो सकता है।
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