Shivraj Singh Statement: किसानों के हितों से नहीं होगा कोई समझौता, भारत को ‘Food Basket’ बनाने की दिशा में कदम
खबर सार :-
केंद्रीय कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि कृषि क्षेत्र में सुधारों की प्रक्रिया निरंतर जारी है और किसानों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उत्पादन वृद्धि, डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘भारत विस्तार’ और कृषि विज्ञान मेलों जैसे प्रयासों से सरकार किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। भारत को वैश्विक फूड बास्केट बनाना और किसानों की आय दोगुनी करना ही सरकार का लक्ष्य है।
खबर विस्तार : -
Shivraj Singh Statement: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कृषि क्षेत्र को सशक्त, आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। वर्तमान समय में कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिले हैं और जो विसंगतियां और कमियां शेष हैं, उन्हें दूर करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। उन्होंने बताया कि आज देश में कृषि उत्पादन के आंकड़े उत्साहजनक हैं और यह सब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी कार्यशैली का परिणाम है। देश का किसान केंद्र सरकार की योजनाओं से लाभान्वित हो रहा है। वह देश की अर्थव्यवस्था में अपना योगदान दे रहा है।
उत्पादन में ऐतिहासिक वृद्धि, खाद्यान्न में 33 प्रतिशत इजाफा
कृषि मंत्री ने बताया कि भारत आज चावल उत्पादन में विश्व के शीर्ष देशों में शामिल हो चुका है। इसके साथ ही गेहूं के उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। खाद्यान्न उत्पादन में कुल 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जो देश की खाद्य सुरक्षा के लिए एक मजबूत संकेत है। उन्होंने कहा कि सरकार ने आने वाले वर्षों के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है। उसी के अनुरूप कृषि क्षेत्र में निवेश, अनुसंधान और तकनीकी उन्नयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उनका विश्वास है कि निरंतर प्रयासों से भारत न केवल आत्मनिर्भर रहेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर खाद्यान्न आपूर्ति में अग्रणी भूमिका निभाएगा।

भारत बनेगा दुनिया का "Food Basket"
मंत्री ने कहा कि सरकार की सोच केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित नहीं है। भारत को वैश्विक स्तर पर ‘फूड बास्केट’ के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी काम हो रहा है। उच्च गुणवत्ता वाले फल और सब्जियों के उत्पादन को बढ़ावा देने, निर्यात क्षमता को सुदृढ़ करने और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कृषि प्रक्रियाओं के सरलीकरण, डिजिटल तकनीक के उपयोग और किसानों को बाजार से सीधे जोड़ने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि उन्हें बेहतर मूल्य मिल सके और बिचौलियों की भूमिका कम हो।
‘Bharat Vistar’ प्लेटफॉर्म से किसानों को मिलेगा एकीकृत समाधान
केंद्रीय मंत्री ने ‘भारत विस्तार’ नामक डिजिटल प्लेटफॉर्म की जानकारी देते हुए कहा कि यह किसानों के लिए एक समग्र समाधान मंच है। इस प्लेटफॉर्म पर सरकार की विभिन्न योजनाओं, सुविधाओं और सेवाओं से जुड़ी जानकारी उपलब्ध है। किसानों को अब अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्होंने बताया कि इस प्लेटफॉर्म का उपयोग करने के लिए किसी विशेष आईटी ज्ञान की आवश्यकता नहीं है। किसान यदि कृषि से संबंधित कोई भी प्रश्न पूछते हैं, तो उन्हें सरल और सटीक उत्तर उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य किसानों को तकनीक के माध्यम से सशक्त बनाना है।
बहुभाषीय सुविधा से बढ़ेगी पहुंच
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में ‘भारत विस्तार’ प्लेटफॉर्म को विभिन्न भारतीय भाषाओं में लॉन्च किया जाएगा। इससे देश के अलग-अलग राज्यों के किसानों को अपनी मातृभाषा में जानकारी और समाधान मिल सकेगा। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि भाषा किसी भी किसान के लिए बाधा न बने।

कृषि विज्ञान मेले से नवाचारों की जानकारी
कृषि मंत्री ने अपने संबोधन में कृषि विज्ञान मेले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस मेले के माध्यम से किसानों को नई तकनीकों, उन्नत बीजों, आधुनिक उपकरणों और कृषि पद्धतियों की जानकारी दी जा रही है। बड़ी संख्या में विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और किसान इसमें भाग ले रहे हैं। ऐसे आयोजनों से देश के प्रतिभावान और उन्नतशील किसानों को बदलते कृषि परिदृश्य की जानकारी मिलती है। जब किसानों को नई तकनीकों और योजनाओं की पूरी जानकारी होती है, तो उन्हें खेती के दौरान कम समस्याओं का सामना करना पड़ता है और उनकी आय में वृद्धि की संभावना बढ़ती है।
किसानों को केंद्र में रखकर नीति निर्माण
कृषि मंत्री ने दोहराया कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की धुरी हैं। सरकार की हर नीति में किसानों को केंद्र में रखा गया है। चाहे वह न्यूनतम समर्थन मूल्य हो, फसल बीमा योजना, सिंचाई परियोजनाएं या डिजिटल प्लेटफॉर्म-हर कदम का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है। उन्होंने कहा कि सरकार का स्पष्ट संदेश है कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं। किसी भी स्तर पर उनके अधिकारों और सुविधाओं में कटौती स्वीकार्य नहीं होगी।
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