India Agriculture GVA: भारत का कृषि क्षेत्र पिछले एक दशक में उल्लेखनीय परिवर्तन का साक्षी बना है। कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों का ग्रॉस वैल्यू एडेड (जीवीए) वर्ष 2014-15 के 20.9 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 2023-24 में 48.7 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। यह देश के कुल जीवीए का लगभग 18 प्रतिशत हिस्सा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में कृषि क्षेत्र ने मौजूदा कीमतों पर 8.83 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) दर्ज की है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी निवेश में वृद्धि, किसानों के लिए बेहतर योजनाएं और स्थिर नीतिगत वातावरण इस उपलब्धि के प्रमुख कारण रहे हैं।
बीते वर्षों में कृषि विकास का केंद्र केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि किसानों की आय सुरक्षा, बाजार तक पहुंच और बुनियादी ढांचे के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया गया। आंकड़ों के मुताबिक, फसल क्षेत्र का जीवीए 2014-15 में 12.92 लाख करोड़ रुपए था, जो 2023-24 में बढ़कर 26.52 लाख करोड़ रुपए हो गया। सरकार का कहना है कि पिछले 12 वर्षों में कृषि नीति का फोकस केवल सहायता प्रदान करने से आगे बढ़कर किसानों को सशक्त बनाने पर रहा है। कृषि क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाने, जोखिम कम करने और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए कई योजनाएं लागू की गईं, जिनका सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है।
कृषि क्षेत्र में सुधार के पीछे सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, कृषि ऋण की आसान उपलब्धता और बीमा कवरेज में वृद्धि जैसे कारकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। किसानों को मौसम और बाजार से जुड़े जोखिमों से बचाने के लिए विभिन्न योजनाओं को मजबूत किया गया। इसके साथ ही न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) व्यवस्था और सरकारी खरीद तंत्र का दायरा बढ़ाया गया, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सका। इससे बाजार में स्थिरता आई और खाद्य सुरक्षा लक्ष्यों को भी मजबूती मिली।
कृषि क्षेत्र में तकनीक का बढ़ता उपयोग भी विकास की अहम वजह बना है। डिजिटल प्लेटफॉर्म, सहकारी समितियों, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और जलवायु-अनुकूल कृषि पहलों ने किसानों के लिए नए अवसर पैदा किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कृषि मूल्य श्रृंखला में तकनीक आधारित बदलावों ने किसानों को बेहतर जानकारी, बाजार और सेवाओं तक पहुंच प्रदान की है। इससे कृषि व्यवस्था अधिक आधुनिक, विविध और किसान-केंद्रित बनती जा रही है।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) ने सिंचाई कवरेज बढ़ाने और जल उपयोग दक्षता में सुधार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वहीं, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना ने किसानों को मिट्टी की गुणवत्ता के आधार पर वैज्ञानिक पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने में मदद की। राष्ट्रीय गोकुल मिशन के माध्यम से स्वदेशी पशु नस्लों के संरक्षण और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया गया। इन पहलों ने कृषि और पशुपालन दोनों क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम दिए हैं।
देश का कुल खाद्यान्न उत्पादन 2013-14 के 265.05 मिलियन टन से बढ़कर 2024-25 में 357.73 मिलियन टन तक पहुंच गया है। चावल का उत्पादन रिकॉर्ड 150.18 मिलियन टन और गेहूं का उत्पादन 117.94 मिलियन टन दर्ज किया गया। यह वृद्धि क्रमशः 42 प्रतिशत और 36 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाती है। उत्पादन में इस वृद्धि ने न केवल देश की खाद्य सुरक्षा को मजबूत किया है बल्कि कृषि क्षेत्र की आर्थिक मजबूती को भी बढ़ाया है।
खाद्य तेलों के आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में भी प्रगति हुई है। वर्ष 2015-16 में जहां आयात निर्भरता 63.2 प्रतिशत थी, वहीं 2023-24 में यह घटकर 56.25 प्रतिशत रह गई। तिलहन फसलों के अंतर्गत क्षेत्रफल में 18 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि उत्पादन में लगभग 55 प्रतिशत और उत्पादकता में करीब 31 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इसके अलावा बागवानी उत्पादन 2013-14 के 280.70 मिलियन टन से बढ़कर 2024-25 में 369.05 मिलियन टन तक पहुंच गया। यह बदलाव किसानों के उच्च मूल्य वाली फसलों की ओर बढ़ते रुझान और बेहतर कृषि पद्धतियों का परिणाम माना जा रहा है।
ये भी पढ़ें.......पहली बार एक मंच पर आए 22 राज्यों के कृषि मंत्री, कृषि व्यवस्था और किसानों की स्थिति में सुधार लाने का संकल्प
अन्य प्रमुख खबरें
वैश्विक उर्वरक संकट के बीच भारत की बड़ी तैयारी, किसानों पर नहीं पड़ेगा महंगाई का असर: पीयूष गोयल
2026-05-24
2026-02-25
भारत ने चावल की खेती में रचा इतिहास, चीन को पछाड़कर बना विश्व का नंबर वन उत्पादक
2026-01-05
2025-11-27
सरकार का मुख्य उद्देश्य देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना : शिवराज सिंह चौहान
2025-11-18
फर्टिलाइजर की कालाबाजारी पर सरकार की बड़ी कार्रवाई, 4 हजार से अधिक लाइसेंस रद्द
2025-11-13
केंद्र सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए 6 आधुनिक बीज प्रोसेसिंग प्लांट लॉन्च किए
2025-10-27
भारत का फूड प्रोसेसिंग हब बन रहा यूपी, कृषि से औद्योगिक प्रगति की लिख रहा नई कहानी
2025-10-26
यूपी में पीएम धन-धान्य कृषि योजना पकड़ेगी रफ्तार, 12 जिले किए गए चयनित
2025-10-25
2025-10-13
यूपी में गन्ना परीक्षण के लिए एक साथ होगी बुवाई, गन्ना विभाग ने जारी की एसओपी
2025-09-24
हम भारत को दुनिया की फूड बास्केट बनाएंगे : शिवराज सिंह चौहान
2025-09-16
2025-08-06
2025-07-31
2025-07-30