Canada Election 2025 : कनाडा में हुए चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। शानदार जीत के साथ लिबरल पार्टी (Liberal Party) लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी की है। यानी मार्क कार्नी (Mark Carney) एक बार फिर कनाडा के प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। आम चुनाव में मार्क कार्नी की अगुवाई वाली लिबरल पार्टी और पियरे पोलीवरे की कंजरवेटिव पार्टी (Conservative Party) के बीच सीधा मुकाबला था।
दरअसल, प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के नेतृत्व में यह जीत कई मायनों में चौंकाने वाली है, क्योंकि साल की शुरुआत में पार्टी की स्थिति काफी कमजोर मानी जा रही थी। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) का कनाडा के खिलाफ आक्रामक रुख पार्टी की जीत का बड़ा कारण माना जा रहा है। जबकि पियरे पोलीवरे की कंजरवेटिव पार्टी को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है।
कंजर्वेटिव पार्टी के नेता पियरे पोलीवरे ने हार स्वीकार करते हुए मंगलवार सुबह कार्नी को बधाई दी और उनकी जीत की पुष्टि की। जीत की घोषणा करते हुए कार्नी ने कहा, "हम अपने महान देश के लिए एक स्वतंत्र भविष्य का निर्माण करेंगे।" कनाडा की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लिबरल पार्टी ने 146 सीटें जीती हैं, जबकि 22 पर वह आगे चल रही है। इस तरह वह 168 सीटें जीत सकती है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि लिबरल पार्टी को बहुमत मिलेगा या नहीं। बहुमत के लिए जादुई आंकड़ा 172 है। पिछली बार 343 सदस्यीय हाउस ऑफ कॉमन्स में लिबरल पार्टी के पास 152 सीटें थीं।
उधर कनाडा की राजनीति में कभी किंगमेकर की भूमिका निभाने वाले जगमीत सिंह (Jagmeet Singh) संसदीय चुनाव हार गए हैं और उनकी पार्टी को भी करारी हार का सामना करना पड़ा है। खालिस्तान के समर्थक सिंह को पूर्व पीएम जस्टिन ट्रूडो के भारत विरोधी रुख के लिए जिम्मेदार कारणों में से एक माना जाता है। ट्रूडो अपनी अल्पमत सरकार को सत्ता में बनाए रखने के लिए उन पर निर्भर थे। अब सिंह के व्यक्तिगत रूप से हारने के बाद उनकी नेशनल डेमोक्रेटिक पार्टी (NDP) अप्रासंगिक हो गई है।
बता दें कि इस साल की शुरुआत में लिबरल पार्टी अपमानजनक हार की ओर बढ़ रही थी, लेकिन ट्रंप (Donald Trump) ने कनाडा के खिलाफ टैरिफ वार शुरू करके और देश को 51वां अमेरिकी राज्य बनाने की धमकी देकर स्थिति को पलट दिया। ट्रंप के खिलाफ विद्रोह और राष्ट्रवाद की भावनाएँ बढ़ने के साथ ही पार्टी के लिए समर्थन बढ़ गया।
कनाडा के बहुत से लोगों ने लिबरल पार्टी का समर्थन किया। उनका मानना था कि यह पार्टी पियरे पोलीवरे के नेतृत्व वाली कंजर्वेटिव पार्टी की तुलना में ट्रंप का बेहतर तरीके से सामना कर सकती है। कंजर्वेटिव पार्टी की विचारधारा कई मायनों में अमेरिकी राष्ट्रपति की विचारधारा से मिलती-जुलती थी। चुनावी राजनीति में नए चेहरे, कार्नी एक टेक्नोक्रेट हैं, जिन्होंने आर्थिक रूप से कठिन समय के दौरान ब्रिटेन और कनाडा के केंद्रीय बैंकों के गवर्नर के रूप में काम किया है।
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