Tsunami in Russia: रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र कामचटका में बुधवार को 8.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप (Russia Earthquake) आया। इसके बाद, प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों में सुनामी की चेतावनी जारी की गई। भूकंप का केंद्र रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र के एक प्रमुख शहर पेट्रोपावलोव्स्क-कामचत्स्की से लगभग 125 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में अवाचा खाड़ी के पास था।
रूसी तट पर कामचटका प्रायद्वीप में 8.7 तीव्रता का भूकंप (Russia Earthquake) आने के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए हैं। इनमें से कुछ वीडियो में फर्नीचर के हिलने और इमारतों में दरारें दिखाई दे रही हैं। कामचटका क्षेत्र में इमारतों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की खबरें हैं, हालांकि नुकसान का पूरा आकलन अभी बाकी है। स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है और कई लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में अपने घर छोड़कर चले गए हैं।
कामचटका का यह क्षेत्र भूकंपीय गतिविधियों के लिए जाना जाता है, क्योंकि यह प्रशांत महासागर के अग्नि वलय पर स्थित है, जहां टेक्टोनिक प्लेटों की गति अक्सर भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट का कारण बनती है। फिलहाल, स्थिति पर कड़ी नज़र रखी जा रही है। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल विश्वसनीय स्रोतों से ही जानकारी लें।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) ने पहले इस भूकंप की तीव्रता 8.0 बताई थी, लेकिन बाद में नए आंकड़ों के आधार पर इसे बढ़ाकर 8.7 कर दिया गया। भूकंप 19.3 किलोमीटर की गहराई पर आया, जिसके कारण सतह पर तेज़ झटके महसूस किए गए और सुनामी का खतरा बढ़ गया। यूएसजीएस ने चेतावनी दी कि भूकंप के तीन घंटे के भीतर विनाशकारी सुनामी लहरें रूस और जापान के तटीय इलाकों तक पहुंच सकती हैं। इसके अलावा अमेरिका के हवाई द्वीप में सुनामी की चेतावनी जारी होने के बाद सायरन बजना शुरू हो गए हैं।
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने बताया कि लगभग 3 मीटर ऊंची पहली सुनामी लहर होक्काइडो के पूर्वी तट पर स्थित नेमुरो तक पहुंच गई। स्थानीय गवर्नर वालेरी लिमारेंको के अनुसार, पहली सुनामी लहर प्रशांत महासागर में रूस के कुरील द्वीप समूह की मुख्य बस्ती, सेवेरो-कुरीलस्क के तटीय क्षेत्र से टकराई। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से ऊंचे स्थानों पर जाने और स्थानीय आपातकालीन निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। रूस और पड़ोसी देशों में आपातकालीन सेवाएं हाई अलर्ट पर हैं और आगे भी भूकंप के झटके आने की आशंका है।
सुनामी वे लहरें होती हैं जो भूकंप, पानी के नीचे ज्वालामुखी विस्फोट या समुद्र के नीचे भूस्खलन के कारण उत्पन्न होती हैं। जब समुद्र के नीचे भूकंप आता है, तो समुद्र का स्तर बढ़ता और घटता है। इससे उत्पन्न ऊर्जा समुद्र के पानी को तेज़ लहरों के रूप में आगे बढ़ने का कारण बनती है। ऐसा माना जाता है कि सुनामी सिर्फ़ एक लहर होती है, लेकिन वास्तव में यह कई लहरों का समूह होती है, जो तेज़ी से तट की ओर आती हैं।
जानकारों का माने तो भूकंप की तीव्रता जब 7.5 से 8 के बीच होती है तो सुनामी की चेतावनी जारी कर दी जाती है। समुद्र में भूकंप आने पर भी सुनामी की चेतावनी जारी की जाती है। इसी तरह, 7.6 से 7.8 की तीव्रता वाले भूकंप से ऊँची लहरें उठ सकती हैं। 7.8 से ज़्यादा तीव्रता का भूकंप आने पर स्थानीय स्तर पर सुनामी देखी जा सकती है। इससे भारी नुकसान हो सकता है।
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