Asim Munir: जर्मनी में पाक आर्मी चीफ असीम मुनीर ने कराई किरकिरी, सिक्योरिटी गार्ड ने गेट पर रोका, मांगी आईडी

खबर सार :-
Pakistan Army Chief Asim Munir: म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर को एक सिक्योरिटी गार्ड ने रोका और उनसे ID दिखाने को कहा। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और यूज़र्स इसे पाकिस्तान की डिप्लोमैटिक बेइज्ज़ती बता रहे हैं।

Asim Munir: जर्मनी में पाक आर्मी चीफ असीम मुनीर ने कराई किरकिरी, सिक्योरिटी गार्ड ने गेट पर रोका, मांगी आईडी
खबर विस्तार : -

Pakistan Army Chief Asim Munir: पाकिस्तान के नेता और अधिकारी दुनिया के किसी भी कोने में चले जाएं, लेकिन अपनी  बेइज्ज़ती कराने से कभी नहीं हिचकिचाते। ऐसा ही कुछ जर्मनी में देखने को मिला। यहां म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस (Munich Security Conference) में हिस्सा लेने पहुंचे पाकिस्तान आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को एक सिक्योरिटी अधिकारी ने उन्हें गेट पर ही रोक लिया और उन्हें बाकी आम प्रतिभागियों की तरह ही ID कार्ड दिखाने को कहा। जिन्हें एक बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा।

Asim Munir: मुनीर का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल 

इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया है। वीडियो में दिखाया गया है कि आसिम मुनीर कॉन्फ्रेंस हॉल में अंदर जाने के लिए आगे बढ़ रहे थे, तभी एक सिक्योरिटी गार्ड ने उन्हें रोक दिया। उन्होंने उनसे पूछा कि उनकी ID कहां है और दिखाने को कहा। कुछ सेकंड बाद, उनकी पहचान कन्फर्म हो गई और उन्हें अंदर जाने दिया गया। म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में मुनीर और सिक्योरिटी ऑफिसर के बीच हुई इस छोटी सी बातचीत सुर्खियों में बनी हुई है। इस फुटेज पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई रिएक्शन आए हैं। कई लोगों ने इस घटना का मज़ाक उड़ाया है, यह दावा करते हुए कि यह मुनीर की पब्लिक इमेज को दिखाता है।

इस घटना पर क्या बोले पाकिस्तान के पूर्व अधिकारी 

आलोचकों का कहना है कि पाकिस्तान के अंदर बहुत ताकतवर माने जाने वाले मिलिट्री चीफ को वह ग्लोबल पहचान नहीं मिली है जिसका उनके सपोर्टर दावा करते हैं। पाकिस्तान के पूर्व मिलिट्री ऑफिसर आदिल राजा ने भी इस मामले पर कमेंट किया। उन्होंने कहा कि उन्हें इंटरनेशनल लेवल पर बहुत कम लोग पहचानते हैं, और इसीलिए उन्हें गेट पर रोका गया और फॉर्मल चेकिंग की गई। उनके इस बयान ने बहस को और हवा दे दी।

म्यूनिख कॉन्फ्रेंस में बुलाने पर मनीर की हो रही निंदा 

उधर दूसरी ओर म्यूनिख कॉन्फ्रेंस के लिए मुनीर को बुलाए जाने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने कड़ी आलोचना की है। जेय सिंध मुत्तहिदा महाज़ (JSMM) के चेयरमैन शफी बुरफत ने पूरे यूरोप में एक ग्लोबल सिक्योरिटी फोरम में आसिम मुनीर की मौजूदगी की निंदा की। JSMM चेयरमैन ने इसे दक्षिण एशियाई देश में ज़ुल्म और कब्जे का सामना कर रहे समुदायों का अपमान बताया। सिंधी नेता ने ज़ोर देकर कहा कि मुनीर ने पाकिस्तानी पॉलिटिक्स, ज्यूडिशियरी, बिज़नेस और मीडिया को असरदार तरीके से मिलिट्री कंट्रोल में ला दिया है और इसलिए वह भरोसे के साथ शांति का वादा नहीं कर सकते।

बुरफत ने कहा, "जर्मनी और दूसरे यूरोपियन देशों में बड़े इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में मुनीर की मौजूदगी उन समुदायों का अपमान है जिन पर पाकिस्तान में ज़ुल्म और अत्याचार हो रहे हैं। यह ज़ुल्म झेल रहे लोगों के ज़ख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है।" बुरफत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, "पाकिस्तान के तथाकथित खुद को फील्ड मार्शल कहने वाले और भ्रष्ट आर्मी चीफ, असीम मुनीर, पाकिस्तान के अंदर सिंधियों, बलूचों और पश्तूनों समेत जबरन गुलाम बनाए गए लोगों पर जुल्म, उन्हें जबरदस्ती गायब करने, टॉर्चर करने और बिना कानूनी कार्रवाई के हत्याओं में गहराई से शामिल हैं।"

JSMM ने किया पाक सेना का विरोध

गौरतलब है कि म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस (Munich Security Conference) को दुनिया के सबसे अहम सिक्योरिटी फोरम में से एक माना जाता है। यहां हर साल दुनिया भर के नेता, मंत्री और सैन्य अधिकारी वैश्विक सुरक्षा, युद्ध और कूटनीति जैसे मुद्दों पर चर्चा करने के लिए मिलते है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने म्यूनिख कॉन्फ्रेंस में मुनीर (Asim Munir) को बुलाने की कड़ी आलोचना की है।

 जर्मनी में मौजूद सिंधी राजनीतिक संगठन, जेय सिंध मुत्तहिदा महाज़ (JSMM) ने कॉन्फ्रेंस की जगह के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कार्यक्रम में आसिम मुनीर के शामिल होने पर एतराज़ जताया। प्रदर्शन करने वालों ने सेना पर मानवाधिकार उल्लंघन और राजनीति दखल का आरोप लगाया। हालांकि, इन प्रोटेस्ट का कॉन्फ्रेंस की कार्रवाई पर कोई खास असर नहीं पड़ा। हालांकि इन प्रदर्शनों का सम्मेलन की कार्यवाही पर कोई खास असर नहीं पड़ा।

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