Tsunami Warning Alert : रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र कामचटका प्रायद्वीप के पास आज सुबह 8.8 तीव्रता के भीषण भूकंप ने पूरे प्रशांत क्षेत्र को हिलाकर रख दिया। समुद्र तल में आए इस भूकंप के बाद रूस, जापान, अमेरिका, हवाई और कई अन्य प्रशांत द्वीपों में सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई है।
जापान के उत्तरी द्वीप होक्काइडो के तटीय इलाकों में सुनामी की पहली लहर दर्ज की गई, जिसकी ऊंचाई लगभग 30 से 60 सेंटीमीटर थी। इसके बाद जापानी अधिकारियों ने फुकुशिमा परमाणु संयंत्र को तुरंत खाली कराने का आदेश दिया। 2011 में आए भूकंप और सुनामी ने इसी संयंत्र को भारी नुकसान पहुंचाया था, जिसके बाद यह कदम सावधानी के तौर पर उठाया गया। करीब 20 लाख लोगों को तटीय क्षेत्रों से हटाकर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है।
जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा ने राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट पर रखने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, अभी तक जान-माल के नुकसान की कोई पुष्टि नहीं हुई है।
अमेरिका के हवाई द्वीप समूह में भी सुनामी के खतरे को देखते हुए लोगों को ऊंचे स्थानों पर जाने को कहा गया है। होनोलूलू बंदरगाह से 90 से अधिक जहाजों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया। हवाई के गवर्नर जोश ग्रीन ने बताया कि अभी तक कोई बड़ी लहरें दर्ज नहीं हुई हैं, लेकिन स्थिति पर नजर बनाए रखी जा रही है।
वहीं, कैलिफ़ोर्निया, ओरेगन और वाशिंगटन जैसे अमेरिकी राज्यों के तटीय क्षेत्रों में भी सुनामी का खतरा मंडरा रहा है। अमेरिकी तट रक्षक बल ने जहाजों को बंदरगाह छोड़ने का निर्देश दिया है।
फ्रेंच पोलिनेशिया के मार्केसास द्वीपसमूह में 10,000 से अधिक लोगों को सुनामी से बचाव के लिए तैयार रहने को कहा गया है। यहां 4 मीटर (लगभग 13 फुट) तक ऊंची लहरों की आशंका है। इसके अलावा, हवाई, चिली, जापान और सोलोमन द्वीप समूह के तटों पर भी 1 से 3 मीटर तक ऊंची लहरें आने की संभावना जताई गई है।
Tsunami Warning Alert : भारत को कोई खतरा नहीं
भारतीय सुनामी पूर्व चेतावनी केंद्र (ITEWC) ने स्पष्ट किया है कि रूस के भूकंप का भारत के तटीय क्षेत्रों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। केंद्र ने अपने बुलेटिन में कहा कि प्री-रन मॉडल परिदृश्यों के अनुसार, भारत के लिए कोई खतरा नहीं है।
रूस के कुरील द्वीपों के नजदीक सुनामी की लहरों ने सेवेरो-कुरिल्स्क शहर को प्रभावित किया है। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि कुछ इमारतें और मलबा समुद्र में बह गए हैं, हालांकि अभी तक बड़े पैमाने पर क्षति की सूचना नहीं मिली है। भूकंप के बाद कामचटका प्रायद्वीप में बिजली और संचार सेवाएं ठप हो गई थीं, जिन्हें बहाल किया जा रहा है।
प्रशांत महासागर में आए भीषण भूकंप के बाद सुनामी का खतरा अभी भी बरकरार है। जापान और अमेरिका जैसे देश अपने तटीय क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हुए हैं। रूस और जापान में अभी तक व्यापक तबाही की खबर नहीं आई है, लेकिन अगले कुछ घंटे निर्णायक साबित हो सकते हैं।
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