पंजाब मिनिस्टर संजीव अरोड़ा मनी लॉन्ड्रिंग केस सात दिन ईडी की रिमांड में

खबर सार :-
Money laundering case: गुरूग्राम पीएमएलए कोर्ट ने पंजाब सरकार के मंत्री संजीव अरोड़ा को मनी लॉन्ड्रिंग और फर्जी जीएसटी के मामले में सात दिनों की ईडी रिमांड में भेज दिया गया है। इस मामले की अगली सुनवाई 16 मई को होगी।

पंजाब मिनिस्टर संजीव अरोड़ा मनी लॉन्ड्रिंग केस सात दिन ईडी की रिमांड में
खबर विस्तार : -

Money laundering case: गुरुग्राम की पीएमएलए कोर्ट ने पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा को कथित मनी लॉन्ड्रिंग  और फर्जी जीएसटी लेनदेन के मामले में सात दिनों के लिए ईडी की हिरासत में लिया गया है। अदालत का आदेश है कि संजीव अरोड़ा को अब 16 मई को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस मामले में ईडी ने सख्त रूख अपनाते हुए जांच शुरू कर दिया है। एजेंसी आज अरोड़ा से पूछताछ करेगी। ईडी ने सोमवार को रात 11 बजकर 20 मिनट पर गुरुग्राम स्थित विशेष अदालत में पेश किया गया था। 

मनी लॉन्ड्रिंग के केस

गुरूग्राम की पीएमएलए कोर्ट ने पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा को मनी लॉन्ड्रिंग के केस में  लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने एजेंसी की रिमांड को स्वीकारते हुए सात दिन की हिरासत को मंजूर कर दिया है। इसके साथ ही अदालत ने कई जरूरी शर्तें भी रखी हैं, ताकि आरोपी के अधिकारों और हेल्थ को कोई हानि न पहुंचे। कोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा है कि पूछताछ से पहले आरोपी को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा जाएगा। साथ अदालत ने निर्देश दिया कि सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बिना संजीव अरोड़ा की कस्टडी किसी दूसरी एजंसी को नहीं सौंपी जाएगी। अदालत ने आरोपी के कानूनी अधिकारों के अनुसार उसके वकील से रोजाना 1 घंटे मिलने की अनुमति दी जाएगी। 

फर्जी जीएसटी खरीद

कोर्ट में सुनवाई के दौरान यह पता चला है कि संजीव अरोड़ा नियमित रूप से दवाई का सेवन करते हैं।  मेडिकल दस्तावेज और डॉक्टर की सलाह पर आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी। ईडी ने कोर्ट में दावा करते हुए कहा है कि यह मामला बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग, फर्जी जीएसटी खरीद और विदेश से आने वाले संदिग्ध पैसों से जुड़ा हुआ है। एजेंसी के मुताबिक जांच के दौरान की एसी सप्लायर फर्मों का पता चला है, जो कागजों पर मौजूद थीं, लेकिन वास्तविक रूप से अस्तित्व में नहीं थी। ईडी का कहना है कि इन फर्मों ने बिना किसी वास्तविक सामान की सप्लाई किए फर्जी बिल जारी किया और जीएसटी इनपुट क्रेडिट का गलत फायदा उठाया गया। 

जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद्द

एजेंसी की जांच में यह पाया गया है कि, जिन फर्मों की जांच की गई, उसमें से ज्यादातर का जीएसटी रजिस्ट्रेशन पहले से ही रद्द किया जा चुका है। ईडी के अनुसार अब यह पता लगाना ज्यादा जरूरी है कि विदेश से आने वाले पैसों का असली स्रोत क्या था। इस लेन-देन से किसे फायदा मिला और कथित अपराध से जुटाई गई संपत्तियां कहां निवेश की गई हैं। ईडी के मुताबिक मामले की बारीकी से जांच के लिए संजीव अरोड़ा से गहन पूछताछ कर रही है। इस तरह आगे के सात दिनों की पूछताछ काफी खास माना जा रहा है। फिलहाल सभी की नजरें 16 मई को आने वाली कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हुई हैं। 

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