वोटर्स के नाम काटकर बने सीएम, सुवेंदु के शपथ के बाद अभिषेक बनर्जी का तंज

खबर सार :-
Suvendu Adhikari Oath Ceremony: पश्चिम बंगाल में आज एक नए मुख्यमंत्री का स्वागत होने जा रहा है। बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी आज कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में राज्य के मुख्यमंत्री के पद पर आसीन होने की शपथ लेने जा रहे हैं। समारोह की शुभारंभ राष्ट्रगान के साथ किया गया। इस पर अभिषेक बनर्जी ने मुख्यमंत्री के शपथ लेने के बाद क्या कहा है?

वोटर्स के नाम काटकर बने सीएम, सुवेंदु के शपथ के बाद अभिषेक बनर्जी का तंज
खबर विस्तार : -

Suvendu Adhikari Oath Ceremony: बंगाल की राजनीति में 15 साल बाद बड़ा बदलाव होने जा रहा है। बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के पद की शपथ लेने जा रहे हैं। बंगाल के राज्यपाल ने उन्हें शपथ दिलाई  है। सुवेंदु ने भवानीपुर के पूर्व सीएम ममता बनर्जी को हराया था। शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में किया गया है। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल थे। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी शामिल थे, लेकिन इस बीच अभिषेक बनर्जी ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया है, जिसमें कहा गया है कि 30 लाख असली वोटरों को मतदान सूची से बाहर कर दिया गया है। 

पक्षपाती रवैया

पश्चिम बंगाल में सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद की शपथ ले रहें है, तो वहीं दूसरी ओर अभिषेक बनर्जी ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, ''पूरी चुनावी प्रक्रिया में हमने देखा कि कई सरकारी एजेंसियों और भारत निर्वाचन आयोग का रवैया पक्षपाती रहा है। गिनती की प्रक्रिया से लेकर इवीएम की मूवमेंट, कंट्रोल यूनिट्स की गड़बड़ी जैसी घटनाओं ने करोड़ों लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या जनता का असली फैसला माना गया है।''

वीवीपैट स्लिप्स की गिनती

उन्होंने आगे लिखते हुए कहा, ''मैंने पहले ही मांग की है कि मतगणना केंद्रों की सीसीटीवी फुटेज जारी की जाए और वीवीपैट स्लिप्स की गिनती हो, ताकि सच्चाई सामने आए और हर शक दूर हो। चुनाव के बाद हिंसा , पार्टी दफ्तरों पर हमले, हमारे कार्यकर्ताओं को डराना और समर्थकों को धमकाना बहुत चिंताजनक और लोकतंत्र में अस्वीकार्य है। कई समर्पित तृणमूल कार्यकर्ताओं और समर्थकों पर निशाना साधा गया और उन्हें अपने घर छोड़ने पड़े। लोकतंत्र में किसी  भी राजनीतिक कार्यकर्ताओं को अपनी सुरक्षा और राजनीतिक विचारों में से किसी एक को चुनने की मजबूरी नहीं होनी चाहिए। ''

बिना समझौते वाला विपक्ष

अभिषेक बनर्जी ने आगे लिखा, ''हम दिल्ली और पश्चिम बंगाल दोनों जगह मजबूत, मुखर और बिना समझौते वाला विपक्ष बने रहेंगे। ममता बनर्जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन नें हमारी लड़ाई लोकतंत्र, संवैधानिक मूल्यों और जनता के अधिकार व सम्मान के लिए बिना डर और बिना समझौते के जारी रहेगी।''


 


 

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