कोलकाता: पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी को विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत मिलने के बाद अब मुख्यमंत्री के नाम को लेकर मंथन शुरू हो गया है। इसी सिलसिले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को कोलकाता पहुंचेंगे, जहां वे भाजपा के नवनिर्वाचित विधायकों के साथ अहम बैठक करेंगे। माना जा रहा है कि इसी बैठक में विधायक दल का नेता चुना जाएगा और राज्य के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।
भाजपा विधायक दल की यह बैठक पार्टी के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा अपने दम पर सरकार बनाने जा रही है। पार्टी नेतृत्व इस पूरे घटनाक्रम को बेहद सावधानी से आगे बढ़ा रहा है। केंद्रीय नेतृत्व की मौजूदगी से साफ संकेत मिल रहे हैं कि भाजपा राज्य में मजबूत और स्थिर सरकार देने का संदेश देना चाहती है।
गौरतलब है कि गुरुवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा का पिछला कार्यकाल औपचारिक रूप से समाप्त हो गया। इसके बाद राज्यपाल ने 17वीं पश्चिम बंगाल विधानसभा को भंग करने का अधिसूचना जारी कर दी। इसके साथ ही राज्य में नई सरकार के गठन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
हालांकि विधानसभा भंग होने के बावजूद निवर्तमान मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अब तक अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल पर ‘पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री’ पदनाम नहीं हटाया है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म पर वे अभी भी खुद को मुख्यमंत्री के रूप में दर्शा रही हैं। इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।
हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी और उनकी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। तृणमूल कांग्रेस इस बार भाजपा के सामने टिक नहीं सकी और पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा। सबसे बड़ा राजनीतिक झटका तब लगा जब ममता बनर्जी अपनी पारंपरिक भवानीपुर सीट से चुनाव हार गईं। चुनाव परिणाम आने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था, लेकिन विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने के साथ ही संवैधानिक रूप से उनका कार्यकाल भी समाप्त हो गया।
इस बार के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 293 सीटों में से 207 सीटों पर जीत दर्ज की। पार्टी ने 2021 में जीती गई अपनी सभी 77 सीटें बरकरार रखीं, वहीं 130 नई सीटें जीतकर राज्य की राजनीति में नया इतिहास रच दिया। भाजपा की इस जीत को पार्टी के लिए पूर्वी भारत में सबसे बड़ी राजनीतिक सफलता माना जा रहा है।
भाजपा अब सरकार गठन की तैयारियों में पूरी तरह जुट गई है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को कोलकाता के प्रतिष्ठित ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। समारोह सुबह 10 बजे शुरू होगा।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री, भाजपा और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री तथा कई वरिष्ठ नेता शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा नई सरकार में करीब दो दर्जन मंत्रियों को भी शपथ दिलाई जा सकती है। भाजपा इस आयोजन को शक्ति प्रदर्शन और राजनीतिक संदेश के रूप में भी देख रही है।
राज्य में अब सभी की नजरें भाजपा विधायक दल की बैठक पर टिकी हैं, जहां पश्चिम बंगाल के अगले मुख्यमंत्री के नाम की आधिकारिक घोषणा होने की संभावना है।
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