नई दिल्लीः समाजवादी पार्टी (सपा) ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणामों पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि चुनाव में अनियमितताएं हुईं और परिणाम निष्पक्ष नहीं थे। इसी के साथ सपा ने यह भी स्पष्ट किया कि वह 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है और राज्य में सरकार बनाने का भरोसा रखती है।
सपा सांसद कृष्णा देवी पटेल ने आरोप लगाते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) जीत के बेहद करीब थी, लेकिन कथित अनियमितताओं के कारण उसे हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि चुनाव में धांधली हुई है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अनुचित तरीकों से जीत हासिल की है।
पटेल ने टीएमसी पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को भी खारिज करते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर ऐसा कोई भ्रष्टाचार नहीं था जैसा आरोपों में कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि “टीएमसी जीत सकती थी और सरकार बना सकती थी, लेकिन भाजपा ने धोखाधड़ी से जीत हासिल की।” साथ ही उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि ऐसी स्थिति उत्तर प्रदेश में नहीं दोहराई जाएगी।
इसी मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने उत्तर प्रदेश की राजनीति को लेकर भरोसा जताया और कहा कि सपा 2027 के चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है। उनके अनुसार, पार्टी का संगठन मजबूत है और जनता के बीच लगातार सक्रियता बनी हुई है। उन्होंने कहा कि “हमें विश्वास है कि समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में सरकार बनाएगी।”
इसी क्रम में सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने भी बयान देते हुए कहा कि हर राजनीतिक दल को चुनाव लड़ने का अधिकार है और लोकतंत्र में प्रतिस्पर्धा स्वाभाविक है। उन्होंने कांग्रेस के चुनावी रुख पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अखिलेश यादव हमेशा से विपक्षी एकता के पक्षधर रहे हैं और समान विचारधारा वाले दलों को एक मंच पर लाने की कोशिश करते रहे हैं।
चांद ने विपक्षी एकता पर जोर देते हुए कहा कि अगर सभी दल मिलकर चुनाव लड़ें तो लोकतांत्रिक ताकत और मजबूत होती है। उन्होंने कांग्रेस से अधिक सहयोगात्मक भूमिका निभाने की अपील भी की।
उन्होंने आगे कहा कि समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में कई बार राजनीतिक उदारता दिखाई है और सहयोगी दलों को समायोजित करने में बड़ा दिल दिखाया है। उन्होंने कांग्रेस को भी यही सलाह दी कि वह क्षेत्रीय दलों के साथ मिलकर आगे बढ़े ताकि भाजपा के खिलाफ मजबूत चुनौती पेश की जा सके।
कुल मिलाकर सपा नेताओं के बयानों से साफ है कि पार्टी जहां एक ओर पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों पर सवाल उठा रही है, वहीं दूसरी ओर 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीति और तैयारी को लेकर बेहद आत्मविश्वास में नजर आ रही है।
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