नई दिल्लीः असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोमवार को राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के शानदार प्रदर्शन को ‘ऐतिहासिक जनादेश’ करार दिया। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता ने एक बार फिर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के लिए गठबंधन को अपना समर्थन और आशीर्वाद दिया है।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि यह जनादेश केवल चुनावी जीत नहीं है, बल्कि असम की पहचान की रक्षा और तेज विकास के लिए सरकार के निरंतर प्रयासों पर जनता की मुहर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पिछले वर्षों में शासन, बुनियादी ढांचे के विकास और सामाजिक-आर्थिक उत्थान के क्षेत्र में किए गए कार्यों ने हर वर्ग और क्षेत्र के लोगों का विश्वास जीता है।
सरमा ने कहा, “असम की जनता ने एक बार फिर हमें अपना आशीर्वाद दिया है। यह जनादेश विकास, सुशासन और राज्य की सांस्कृतिक एवं सामाजिक पहचान को सुरक्षित रखने के लिए है।” उन्होंने मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह समर्थन सरकार की जिम्मेदारियों को और बढ़ाता है।
मुख्यमंत्री ने इस जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में केंद्र सरकार ने असम और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र को राष्ट्रीय मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि केंद्र के विशेष ध्यान से राज्य में विकास, निवेश और कनेक्टिविटी के नए अवसर खुले हैं, जिससे आर्थिक गतिविधियों को गति मिली है।
सरमा के अनुसार, राज्य के युवा बेहतर रोजगार अवसरों और स्थिर भविष्य की उम्मीद रखते हैं, और इसी कारण उन्होंने विकास आधारित राजनीति को समर्थन दिया है।
चुनावी परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जीत का पैमाना पार्टी की अपेक्षाओं के अनुरूप है। उन्होंने याद दिलाया कि भाजपा नेताओं ने पहले ही 100 से अधिक सीटें जीतने का अनुमान व्यक्त किया था। सरमा ने यह भी दावा किया कि इस बार भाजपा ने अपने दम पर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है, जो मतदाताओं के बीच पार्टी की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि मतदाताओं ने विभाजनकारी राजनीति को नकार दिया है और प्रदर्शन व परिणामों पर आधारित शासन मॉडल को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि यह जनादेश शांति, स्थिरता और नीति-निर्माण में निरंतरता की जनता की इच्छा को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
अंत में सरमा ने कहा कि सरकार इस जनादेश के साथ आने वाली जिम्मेदारियों को समझती है और अपने वादों को पूरा करने के लिए नई प्रतिबद्धता के साथ काम करेगी। उन्होंने बताया कि अगले कार्यकाल में राज्य में आर्थिक विकास को और गति देने, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और सामाजिक सूचकांकों में सुधार लाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि असम को समावेशी और सतत विकास के पथ पर आगे बढ़ाया जा सके।
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