West bengal election results 2026: 4 मई को भारत के चार राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल,असम और पुडुचेरी में विधानसभा के चुनावी परिणाम आने वाले हैं। ऐसे में किस राज्य में किसकी सरकार बन रही है। ये बात बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन सबसे ज्यादा अगर कहीं चुनावी नतीजों के परिणाम को लेकर लोगों ने नजर लगाए हुए है, तो वो है पश्चिम बंगाल। चलिए जानते हैं कि आखिर पश्चिम बंगाल के नतीजे इतने खास क्यों हैं
सबसे पहले यह जान लेना बेहद जरूरी है कि बीजेपी के लिए पश्चिम बंगाल इतना अहम क्यों है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी इनका जन्म 1901 में कोलकाता में हुआ था। इन्होंने भारतीय जनसंघ की स्थापना 21 अक्टूबर 1951 में की थी। यही कारण है कि बीजेपी लगातार इस कोशिश में है कि पश्चिम बंगाल में अपनी सरकार बनाने में सफल हो सके, फिलहाल काफी कोशिशों के बावजूद यह पार्टी पश्चिम बंगाल में अपने कदम नहीं जमा पाई। हर बार की तरह इस बार भी बीजेपी हर संभव प्रयास में लगी है कि वहां अपनी सरकार बनाने में सफल हो सके।
पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान बीजेपी नेताओं के टारगेट पर हिंदुत्व का मुद्दा और हिंदू वोट बैंक रहा है। वोटिंग खत्म होने के बाद अब सबकी नजर मतगणना पर है, यदि हिंदू बाहुल्य इलाकों में भाजपा प्रत्याशियों को विजय मिलती है, तो निश्चित तौर पर यह बीजेपी और उसके चुनावी रणनीतिकारों के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी।
इसमें सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली बात यह है कि पश्चिम बंगाल में लगभग 25 से 30 प्रतिशत की आबादी मुस्लिम मतदाताओं का है, तो ऐसे में इस बात पर ध्यान देना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है कि बीजेपी को मुस्लिम समुदाय से कितना वोट मिलेगा। बीजेपी और विपक्ष के नजरिए से पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों के परिणाम को अंतिम जीत के रुप में माना जा रहा है,क्योंकि भारत के उत्तरी, केंद्रीय और पूर्वी हिस्सों में ज्यादातर बीजेपी अपना झंडा गाढ़ चुकी है, लेकिन बंगाल में अभी तक बीजेपी का खाता भी नहीं खुला है। इस नजरिये यह चुनाव बीजेपी के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
महत्वपूर्ण मुकाबला
वहीं बात करें विपक्ष की तो वो किसी भी तरह बीजेपी को अपने पांव नहीं जमाने देना चाहती है। बीजेपी के बढ़ रहे प्रभाव और उसके हिंदुत्व राज को रोकने की हर कोशिश कर रही है। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार बनाने के लिए पुरजोर कोशिश में लगी है। अभी तक टीएमसी अपनी मजबूती बनाए रखी है, इसलिए दोनों पार्टी के लिए यह मुकाबला काफी महत्वपूर्ण बन जाता है।
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